पंजाब नेशनल बैंक ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) स्कीमों पर ग्राहकों को आकर्षक ब्याज दरें देना जारी रखा है। देश के इस बड़े सरकारी बैंक में फिलहाल अलग-अलग अवधि की एफडी पर 3.00 प्रतिशत से लेकर 7.40 प्रतिशत तक ब्याज मिल रहा है, और ग्राहक महज 7 दिन की छोटी अवधि से लेकर 10 साल तक की लंबी अवधि के लिए खाता खुलवा सकते हैं। इनमें से 444 दिनों की खास एफडी स्कीम इस समय चर्चा में है क्योंकि इसमें उम्र के हिसाब से ब्याज दर तय होती है।
444 दिनों की एफडी पर किसे कितना ब्याज
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की 444 दिनों की अवधि वाली एफडी स्कीम पर ब्याज दर 6.60 प्रतिशत से 7.40 प्रतिशत के बीच है, और यह पूरी तरह ग्राहक की उम्र पर निर्भर करती है। 59 साल तक की उम्र के सभी सामान्य ग्राहकों को इस स्कीम पर 6.60 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। वहीं 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजन्स के लिए यह दर बढ़कर 7.10 प्रतिशत हो जाती है। इससे भी ज्यादा उम्र वाले ग्राहकों यानी 80 साल या उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स को बैंक 444 दिनों की इस स्कीम पर सबसे ज्यादा 7.40 प्रतिशत ब्याज ऑफर कर रहा है। ध्यान रहे कि ये सभी दरें 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर ही लागू होती हैं, इससे ज्यादा रकम जमा करने पर बैंक की अलग स्लैब और शर्तें लागू हो सकती हैं।
सीनियर सिटीजन्स और सुपर सीनियर सिटीजन्स को अतिरिक्त फायदा
पंजाब नेशनल बैंक अपनी एफडी स्कीमों में सीनियर सिटीजन्स का खास ख्याल रखता है। बैंक सामान्य ग्राहकों की तुलना में सीनियर सिटीजन्स को 0.50 प्रतिशत ज्यादा ब्याज देता है, यानी हर उम्रवर्ग के हिसाब से तय बेस रेट में 0.50 प्रतिशत जोड़ दिया जाता है। इतना ही नहीं, सुपर सीनियर सिटीजन्स को बैंक सीनियर सिटीजन्स के मुकाबले भी 0.30 प्रतिशत ज्यादा ब्याज देता है, जिससे उन्हें कुल मिलाकर सबसे बेहतर रिटर्न मिलता है। हालांकि यह भी ध्यान देने वाली बात है कि सुपर सीनियर सिटीजन्स को मिलने वाला अतिरिक्त फायदा हर बैंक में एक जैसा नहीं होता, अलग-अलग बैंकों की नीतियों के हिसाब से यह दर घट-बढ़ सकती है।
ग्राहकों की संख्या के हिसाब से देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक
पंजाब नेशनल बैंक, ग्राहकों की संख्या के लिहाज से भारतीय स्टेट बैंक के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। बैंक ने अपनी एफडी स्कीमों की ब्याज दरों में आखिरी बदलाव 1 जून, 2026 को किया था, यानी मौजूदा दरें उसी दिन से लागू हैं। यह भी समझना जरूरी है कि पंजाब नेशनल बैंक के अलावा देश के बाकी बैंक जो ब्याज दरें अपने एफडी ग्राहकों को देते हैं, वे सीधे तौर पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय की जाने वाली रेपो रेट से जुड़ी होती हैं। यानी जब भी रिजर्व बैंक रेपो रेट में बदलाव करता है, बैंकों की एफडी दरों पर भी उसका असर दिखने की संभावना रहती है।


















