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चंडीगढ़ और मोहाली में मुफ़्त आईफोन बांटने के दावे पर प्रशासन का सख्त पहरा, आयोजक पर लटकी कानूनी तलवारभारत
21 सित॰ 2026, 2:09 pm (18 घंटे पहले)· 1

चंडीगढ़ और मोहाली में मुफ़्त आईफोन बांटने के दावे पर प्रशासन का सख्त पहरा, आयोजक पर लटकी कानूनी तलवार

सोशल मीडिया पर आईफोन 17 बांटने की घोषणा करने वाले अमृतसर के व्यवसायी के कार्यक्रम पर चंडीगढ़ और मोहाली प्रशासन ने रोक लगा दी है। बिना पूर्व अनुमति के भीड़ जुटाने पर कानूनी कार्रवाई और जेल की चेतावनी दी गई है।

सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चंडीगढ़ और मोहाली के जिला प्रशासन ने एक अजीबोगरीब प्रचार कार्यक्रम पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अमृतसर के रहने वाले व्यवसायी राकेश त्रेहान, जिन्हें सोशल मीडिया पर राजा डी किंग के नाम से भी जाना जाता है, ने 22 सितंबर को इन दोनों शहरों में लोगों के बीच स्मार्टफोन बांटने की घोषणा की थी। उन्होंने दावा किया था कि वह कार्यक्रम में आने वाले लोगों को आईफोन 17 और उसके बाद के आधुनिक मॉडल्स प्रसाद के तौर पर देंगे। हालांकि, इस तरह के बड़े आयोजन के लिए स्थानीय पुलिस अथवा प्रशासनिक विभागों से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।

प्रशासन का कड़ा रुख और भगदड़ की आशंका

चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव ने शनिवार को पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि इस प्रस्तावित कार्यक्रम को किसी भी सूरत में अनुमति न दी जाए। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मुफ्त उपहार बांटने के दावों से अनियंत्रित भीड़ जमा हो सकती है, जिससे भगदड़ और गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा पैदा हो जाएगा। यादव ने पूर्व घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि त्रेहान ने इससे पहले भी मुफ्त पेट्रोल का वितरण करने की घोषणा की थी। उस समय भी हजारों लोगों के जुटने की आशंका थी, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक था। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए अब शहर में ऐसे किसी भी कार्यक्रम पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।

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बिना मंजूरी कार्यक्रम करने पर कानूनी कार्रवाई

चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने मामले की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए कहा कि आयोजक की तरफ से किसी भी प्रकार की आधिकारिक अनुमति के लिए अर्जी दाखिल नहीं की गई थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना इजाजत ऐसी बड़ी जनसभा का आयोजन करना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 का सीधा उल्लंघन होगा।

वहीं पड़ोसी जिले मोहाली के एसएसपी वरुण शर्मा ने भी स्थिति साफ करते हुए कहा कि उनके संज्ञान में ऐसी किसी मंजूरी वाले आयोजन की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि डिप्टी कमिश्नर कार्यालय से अनुमति लिए बिना जिले की सीमा में कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं होने दिया जाएगा। यदि किसी ने नियमों को ताक पर रखकर ऐसा करने की कोशिश की, तो पुलिस तुरंत सख्त वैधानिक कदम उठाएगी।

नियम तोड़ने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि बीएनएसएस की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। कानूनी नियमों के अनुसार सामान्य उल्लंघन करने पर दोषी को छह महीने तक का साधारण कारावास, 2500 रुपये तक का आर्थिक जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ हो सकती हैं। वहीं यदि इस तरह की गैर-कानूनी सभा से मानव जीवन, स्वास्थ्य अथवा सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होता है या दंगा भड़कने की आशंका बनती है, तो सजा की अवधि बढ़कर एक साल तक का कारावास और जुर्माना 5000 रुपये तक हो सकता है। अधिकारियों ने दोहराया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और भीड़ जुटाने वाले अनधिकृत आयोजनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

सवाल-जवाब

मुफ़्त आईफोन बांटने का ऐलान किसने किया था?
यह घोषणा अमृतसर के व्यवसायी राकेश त्रेहान ने की थी, जिन्हें सोशल मीडिया पर राजा डी किंग के नाम से जाना जाता है।
यह कार्यक्रम कब और कहां आयोजित करने का दावा किया गया था?
यह कार्यक्रम 22 सितंबर को चंडीगढ़ और मोहाली में आयोजित करने की घोषणा की गई थी।
प्रशासन ने इस कार्यक्रम पर रोक क्यों लगाई?
अधिकारियों ने भारी भीड़ के कारण भगदड़ की आशंका और बिना पूर्व अनुमति के सभा आयोजित करने के चलते इस पर रोक लगाई।
बिना अनुमति के ऐसा कार्यक्रम करने पर क्या कानूनी सजा हो सकती है?
बीएनएस की धारा 223 के तहत सामान्य उल्लंघन पर छह महीने तक की जेल या 2500 रुपये जुर्माना और जान-माल के खतरे पर एक साल तक की जेल व 5000 रुपये जुर्माना हो सकता है।
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टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·16 घंटे पहले

सोशल मीडिया के दौर में वायरल होने की चाहत किस हद तक सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है, यह घटना उसका एक स्पष्ट उदाहरण है। बिना किसी पूर्व प्रशासनिक अनुमति के इस तरह के बड़े आयोजनों का दावा करना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि संभावित भगदड़ जैसी त्रासदियों को खुला निमंत्रण भी है। जिला प्रशासन का यह त्वरित और कड़ा कदम यह साबित करता है कि कानून और जनसुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसे पब्लिसिटी स्टंट्स पर लगाम लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन को सख्त निगरानी रखनी होगी ताकि आम जनता की जान जोखिम में न पड़े।

Ravikash Gupta@ravikash·17 घंटे पहले

सोशल मीडिया पर सस्ते प्रचार और सनसनी के लिए इस तरह के मुफ्त गैजेट्स बांटने के दावों से वित्तीय अराजकता और सुरक्षा का गंभीर संकट पैदा हो रहा है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि कैसे डिजिटल एसेट्स और विरासत में मिली संपत्ति के नाम पर अनियंत्रित स्टंट किए जा रहे हैं, जिन पर वित्तीय नियामकों और कॉर्पोरेट प्रशासन को पैनी नजर रखनी चाहिए ताकि आम जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·17 घंटे पहले

यह घटना सोशल मीडिया के दौर में लोकप्रियता हासिल करने की खतरनाक प्रवृत्ति को बेनकाब करती है, जहां बिना सोचे-समझे किए गए प्रचार स्टंट से कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाता है। ऐसे मामलों में केवल स्थानीय प्रशासन की पाबंदी ही काफी नहीं है, बल्कि इस प्रकार की भ्रामक घोषणाओं और आर्थिक दावों की वित्तीय व साइबर सेल स्तर पर गहरी जांच होनी चाहिए ताकि सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वालों पर नकेल कसी जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·17 घंटे पहले

सोशल मीडिया के दौर में लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए इस तरह के खतरनाक स्टंट कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। जब तक जिला प्रशासन एहतियातन बीएनएसएस की धारा 163 जैसी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तब तक भगदड़ जैसी अनहोनी को रोकना नामुमकिन होता है। भविष्य में ऐसे आयोजनों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए राज्य सरकारों को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और पब्लिसिटी स्टंट्स के खिलाफ एक समान और कड़े दिशा-निर्देश तैयार करने होंगे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·17 घंटे पहले

सोशल मीडिया पर सस्ते प्रचार के लिए कानून की धज्जियां उड़ाने की यह प्रवृत्ति आपराधिक लापरवाही है। बिना अनुमति के भीड़ जुटाने वाले ऐसे आयोजनों में भगदड़ से जानमाल का नुकसान होने पर आयोजक पर भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं के तहत गैर-इरादतन हत्या या गंभीर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज होना चाहिए। केवल धारा 163 का उल्लंघन मानकर औपचारिकता पूरी करने से इन पब्लिसिटी स्टंट करने वालों के हौसले बुलंद रहेंगे, इसलिए पुलिस को आयोजक की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी कानून से खिलवाड़ न कर सके।

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