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चार लोगों की मौत के बाद भड़का एबीवीपी, सत्य निकेतन के पास एमसीडी दफ्तर में तोड़फोड़, कमिश्नर के इस्तीफे की मांगभारत
6 सित॰ 2026, 10:35 pm (32 मिनट पहले)· 2

चार लोगों की मौत के बाद भड़का एबीवीपी, सत्य निकेतन के पास एमसीडी दफ्तर में तोड़फोड़, कमिश्नर के इस्तीफे की मांग

सत्य निकेतन में इमारत गिरने से चार लोगों की मौत के बाद गुस्साए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने सिविक सेंटर स्थित एमसीडी दफ्तर में तोड़फोड़ की और कमिश्नर के इस्तीफे की मांग पर अड़ गए।

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने की वजह से चार लोगों की जान चली गई है, और इस हादसे ने अब सियासी और सामाजिक हलकों में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। हादसे की खबर फैलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता सिविक सेंटर स्थित दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के दफ्तर पहुंच गए और वहां जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।

दफ्तर में तोड़फोड़, इलाके में तनाव

मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान मौजूद कुछ छात्रों ने एमसीडी दफ्तर परिसर में सामान तोड़ दिया और नारेबाजी करते हुए अधिकारियों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। हंगामे की वजह से दफ्तर के आसपास माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद पुलिस बल को बुलाकर सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए। कार्यकर्ताओं की भीड़ काफी देर तक दफ्तर के बाहर डटी रही और अधिकारियों से सीधे जवाब मांगती रही।

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एबीवीपी का आरोप, कमिश्नर की कुर्सी पर सवाल

एबीवीपी के छात्रों का साफ कहना है कि यह हादसा किसी प्राकृतिक वजह से नहीं, बल्कि निगम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से हुआ है। संगठन का तर्क है कि यदि इमारतों की समय-समय पर ठीक से जांच होती और भवन नियमों को सख्ती से लागू किया जाता, तो शायद इतनी बड़ी जनहानि रोकी जा सकती थी। इसी वजह से एबीवीपी अब सीधे एमसीडी कमिश्नर को निशाने पर ले रही है और उनके पद से हटने की मांग पर अड़ी हुई है। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि जो भी अधिकारी इस चूक के लिए जिम्मेदार हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और घटना की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। संगठन ने यह मुद्दा भी उठाया कि दिल्ली में अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों को लेकर निगम की जवाबदेही लंबे समय से सवालों के घेरे में रही है।

मृतकों की संख्या चार पर पहुंची, राहत अभियान जारी

दूसरी ओर, सत्य निकेतन में हुए इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या अब चार हो गई है। अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। घायलों और फंसे हुए लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गईं, ताकि किसी और की जान बचाई जा सके।

दिल्ली में जर्जर इमारतों पर फिर उठे सवाल

इस पूरी घटना ने एक बार फिर राजधानी में पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर बहस को हवा दे दी है। शहर में ऐसी कई इमारतें हैं जो वर्षों से जांच और मरम्मत का इंतजार कर रही हैं, और सत्य निकेतन जैसा हादसा इस बात की याद दिलाता है कि समय पर कार्रवाई न होने पर इसका नतीजा कितना गंभीर हो सकता है।

सवाल-जवाब

सत्य निकेतन हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
अब तक इस हादसे में चार लोगों की जान जा चुकी है।
एबीवीपी ने कहां प्रदर्शन किया?
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने सिविक सेंटर स्थित एमसीडी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
प्रदर्शनकारियों ने एमसीडी दफ्तर परिसर में तोड़फोड़ की और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
एबीवीपी की मुख्य मांग क्या है?
एबीवीपी एमसीडी कमिश्नर के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है।
एबीवीपी हादसे के लिए किसे जिम्मेदार मानती है?
एबीवीपी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही को इसके लिए जिम्मेदार मानती है।
हादसे के बाद क्या कदम उठाए गए?
राहत और बचाव टीमों को मौके पर तैनात किया गया और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
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