बारिश शुरू होते ही झारखंड के बोकारो और धनबाद जिलों की सरहद पर बसा एक झरना अचानक हर किसी की जुबान पर आ गया है। जमुनियाटांड़ गांव के पास स्थित जमुनिया फॉल इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हुआ है और आसपास के इलाकों से लोग इसे देखने के लिए उमड़ रहे हैं।
40 फीट ऊंचाई से गिरता पानी
जमुनिया फॉल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पानी करीब 40 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। जब यह पानी नीचे गिरते हुए चट्टानों से टकराता है, तो चारों तरफ महीन फव्वारे जैसा नजारा बन जाता है। मानसून में बारिश ज्यादा होने से झरने में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे गिरते पानी का वेग और दृश्य दोनों पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक हो जाते हैं। चारों ओर फैली घनी हरियाली और शांत माहौल इस नजारे को और खूबसूरत बना देते हैं। यही वजह है कि यहां पहुंचने वाले पर्यटक सिर्फ तस्वीरें खींचने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि झरने के पानी में नहाने और अन्य जल क्रीड़ाओं का लुत्फ भी उठाते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें
पिछले कुछ समय से जमुनिया फॉल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं, जिसकी वजह से यह जगह बोकारो और धनबाद के लोगों के बीच एक पसंदीदा पिकनिक और घूमने की जगह बन गई है। पहले यह झरना ज्यादातर स्थानीय लोगों तक ही सीमित था, लेकिन ऑनलाइन तस्वीरें वायरल होने के बाद अब दूर-दराज के इलाकों से भी लोग यहां पहुंचने लगे हैं।
जमुनिया फॉल तक कैसे पहुंचें
अगर आप जमुनिया फॉल जाने की योजना बना रहे हैं, तो काशीटांड़ होते हुए लोहापट्टी और फिर जमुनियाटांड़ की तरफ बढ़ना होगा। रास्ते में ग्राम रक्षा दल की पोस्ट के पास से बाईं तरफ मुड़ने वाला रास्ता सीधे झरने तक ले जाता है। वहीं चंद्रपुरा प्रखंड की दिशा से आने वाले पर्यटकों के लिए टी-मोड़ होते हुए जमुनिया फॉल पहुंचना ज्यादा आसान रास्ता है।
पर्यटकों का कहना है
बोकारो के सेक्टर-9 में रहने वाले हंसराज भी हाल ही में जमुनिया फॉल घूमने पहुंचे। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर झरने की तस्वीरें और वीडियो देखने के बाद ही उन्होंने यहां आने का मन बनाया। हंसराज ने कहा, "जमुनिया फॉल की खूबसूरती बेहद शानदार है।" उन्होंने आगे कहा कि यहां पहुंचकर उन्हें बेहद अच्छा महसूस हुआ। अगर आप भी मानसून के मौसम में किसी नई जगह घूमने की योजना बना रहे हैं, तो जमुनिया फॉल एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।


















