तेज धूप के मौसम में चेहरे की देखभाल तो हर कोई कर लेता है, लेकिन अक्सर पैरों की तरफ ध्यान देना भूल जाते हैं। नतीजा यह होता है कि कुछ ही हफ्तों में पैरों की रंगत बाकी शरीर से अलग और सांवली दिखने लगती है। खासकर खुले जूते, चप्पल या सैंडल पहनने की वजह से पैरों की त्वचा पर अजीब से निशान उभर आते हैं। इसके अलावा एड़ियों का फटना और पोरों के आसपास मृत त्वचा का जमा होना आम बात हो जाती है। इसके लिए महंगे पार्लर जाने का कोई दबाव नहीं है, क्योंकि रसोई में मौजूद चीजों से ही आप घर पर बेहतरीन तरीके से पैरों को चमका सकती हैं।
घर पर पैरों को संवारने की प्रक्रिया की शुरुआत उनकी गहरी सफाई से होती है। एक टब में गुनगुना पानी भरें और उसमें थोड़ी मात्रा में कोई भी हल्का बॉडी क्लींजर घोल लें। अब अपने दोनों पैरों को इस पानी के अंदर लगभग 10 मिनट तक डुबोकर रखें। ऐसा करने से पैरों की धूल-मिट्टी तो साफ होगी ही, साथ ही सख्त और रूखी त्वचा भी कोमल हो जाएगी। तय समय के बाद पैरों को बाहर निकालें और किसी साफ तौलिए से आहिस्ता से थपथपाकर सुखा लें।
धूप की वजह से पड़ी कालिख और मृत कोशिकाओं के इकठ्ठा होने से पैर बिल्कुल बेजान नजर आने लगते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए एक चम्मच चने के बेसन में दो चम्मच खट्टा दही और थोड़ा सा पिसा हुआ दलिया मिलाकर एक गाढ़ा उबटन बना लें। इस उबटन को पैरों पर लगाएं और कुछ मिनट तक उंगलियों की मदद से बेहद हल्के दबाव के साथ मलें। एड़ियों, टखनों के जोड़ और उंगलियों केोरों पर थोड़ा ज्यादा जोर दें, लेकिन त्वचा को कभी भी तेजी से न रगड़ें।
अब इस बेसन और दही के मिश्रण को पैरों की त्वचा पर एक परत के रूप में छोड़ दें। इसे करीब 10 से 15 मिनट तक सूखने दें और फिर ताजे पानी से धोकर साफ कर लें। दही त्वचा को नरम रखने में असरदार होता है और बेसन का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से सफाई के लिए किया जाता है। इससे कालापन एक बार में पूरी तरह खत्म नहीं होगा, लेकिन यदि आप इस प्रक्रिया को नियमित रूप से अपनाएंगी तो त्वचा की रंगत और बनावट में सुधार दिखने लगेगा।
यदि आपकी एड़ियों पर बहुत ज्यादा पपड़ी और मृत त्वचा जमी हुई है, तो पैरों को पानी में भिगोने के बाद फुट फाइल या प्यूमिस स्टोन का इस्तेमाल बहुत ही हल्के हाथों से करें। इसे बहुत जोर से रगड़ने से पैरों की नाज़ुक त्वचा को चोट पहुंच सकती है और इससे रूखापन और भी ज्यादा बढ़ सकता है। इसलिए प्यूमिस स्टोन का उपयोग हमेशा आवश्यकतानुसार ही करना चाहिए।
नमी और सुरक्षा बनाए रखने के जरूरी कदम
इस पूरी प्रक्रिया के बाद पैरों को अच्छी तरह पोंछकर कोई भी अच्छा मॉइस्चराइजर या गाढ़ी फुट क्रीम लगा लें। रात को सोने से पहले पैरों पर क्रीम लगाकर सूती मोजे पहन लेने से रूखापन काफी हद तक कम हो जाता है। हालांकि अगर पैरों पर धूप का असर बार-बार हो रहा है, तो केवल इतना करना काफी नहीं होगा। जब भी घर से बाहर निकलें और खुले जूते या सैंडल पहनें, तो पैरों के खुले हुए हिस्से पर कम से कम SPF 30 या उससे अधिक क्षमता वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन जरूर लगाएं।


















