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जयपुर में स्कूल संचालक रवि पहाड़िया के घर प्रवर्तन निदेशालय का सर्च ऑपरेशन, 2.88 करोड़ की विदेशी फंडिंग पर कसता शिकंजाराजस्थान
22 अग॰ 2026, 8:47 am (34 दिन पहले)· 4

जयपुर में स्कूल संचालक रवि पहाड़िया के घर प्रवर्तन निदेशालय का सर्च ऑपरेशन, 2.88 करोड़ की विदेशी फंडिंग पर कसता शिकंजा

जयपुर के झालाना क्षेत्र में अमेरिका से 2.88 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन और कथित धर्म परिवर्तन गतिविधियों की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने निरंजन पब्लिक स्कूल के संचालक रवि पहाड़िया के आवास पर छापेमारी की।

राजस्थान की राजधानी जयपुर के झालाना क्षेत्र में शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यह सर्च ऑपरेशन झालाना इलाके में निरंजन पब्लिक स्कूल का संचालन करने वाले रवि पहाड़िया के आवासीय परिसर पर चलाया गया। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि विदेश से एक संदिग्ध वित्तीय लेन-देन हुआ है, जिसके तार धर्म परिवर्तन से जुड़ी कथित गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं। इसी सूचना के आधार पर केंद्रीय टीम ने रवि पहाड़िया के ठिकाने पर पहुंचकर अचानक छापेमारी की।

अमेरिका से आए 2.88 करोड़ रुपये के लेनदेन पर जांच का शिकंजा

जांच एजेंसी के हाथ जयपुर स्थित एक बैंक खाते में अमेरिका से आई लगभग 2.88 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि के स्थानांतरण के साक्ष्य लगे थे। इतनी बड़ी विदेशी फंडिंग के सामने आने के बाद वित्तीय अपराधों की जांच करने वाली एजेंसी सतर्क हो गई। अधिकारियों ने तुरंत इस बात की जांच शुरू कर दी कि यह पैसा किस उद्देश्य के लिए भेजा गया था, इसे भेजने वाला कौन था और किस बैंकिंग चैनल के जरिए यह राशि जयपुर के बैंक खाते में पहुंची। वित्तीय लेन-देन के इन आंकड़ों की गहराई से जांच की जा रही है ताकि इसके पीछे की पूरी कड़ी का खुलासा हो सके।

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स्कूल संचालक और कथित धर्म परिवर्तन के कोण से पूछताछ

झालाना क्षेत्र में निरंजन पब्लिक स्कूल चलाने वाले रवि पहाड़िया के बारे में एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनके बैंक खातों में आई इस विदेशी राशि का इस्तेमाल किन-किन कार्यों में किया गया। जांच का मुख्य केंद्र यह आशंका है कि क्या 2.88 करोड़ रुपये की इस राशि का इस्तेमाल क्षेत्र में कथित धर्म परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने या उनसे जुड़े अभियानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने में किया गया था। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन सभी आरोपों की अभी गहनता से जांच की जा रही है और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इन दावों पर कोई अंतिम आधिकारिक बयान या पुष्टि जारी नहीं की गई है।

दस्तावेजों की जब्ती और सर्च ऑपरेशन का दायरा

शनिवार को शुरू की गई इस सर्च कार्रवाई के दौरान ईडी के जांच अधिकारियों ने रवि पहाड़िया के आवास और उससे संबंधित परिसरों में रखे तमाम वित्तीय रिकॉर्ड्स, बैंक अकाउंट डिटेल्स, टैक्स पेपर्स और विदेशी लेन-देन से जुड़ी फाइलों को बारीकी से खंगाला। टीम यह भी देखने में लगी है कि अमेरिका से प्राप्त हुई रकम को क्या आगे चलकर जयपुर या राजस्थान के अन्य हिस्सों में अलग-अलग व्यक्तियों या संस्थाओं के बीच वितरित किया गया था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए कागजातों और बैंक खातों के पूर्ण ऑडिट के बाद ही इस पूरे मामले में छिपे तथ्यों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।

सवाल-जवाब

जयपुर में रवि पहाड़िया के घर पर ईडी की टीम ने छापा क्यों मारा?
अमेरिका से जयपुर के एक बैंक खाते में 2.88 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन और कथित धर्म परिवर्तन गतिविधियों से जुड़ाव की जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की गई।
रवि पहाड़िया कौन हैं और वह क्या करते हैं?
रवि पहाड़िया जयपुर के झालाना क्षेत्र के निवासी हैं और वहां निरंजन पब्लिक स्कूल का संचालन करते हैं।
2.88 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग किस देश से आई थी?
जांच के अनुसार, 2.88 करोड़ रुपये की यह राशि अमेरिका से जयपुर स्थित एक बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी।
क्या ईडी ने धर्म परिवर्तन के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि की है?
नहीं, जांच एजेंसी फिलहाल इन आरोपों और वित्तीय लेन-देन के मकसदों की पड़ताल कर रही है, अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
छापेमारी के दौरान जांच टीम ने किन चीजों की जांच की?
ईडी की टीम ने आवास पर मौजूद बैंक खातों के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों, टैक्स पेपर्स और विदेशी लेन-देन से जुड़ी फाइलों को खंगाला।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·33 दिन पहले

यह मामला केवल वित्तीय अनिमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशी फंडिंग के जरिए सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने की आशंकाओं की ओर इशारा करता है। अमेरिका से आए 2.88 करोड़ रुपये के इस संदिग्ध लेन-देन की फॉरेंसिक ऑडिट और बैंक चैनल्स की गहन जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्या इसका इस्तेमाल वास्तव में कथित धर्मांतरण गतिविधियों के लिए हुआ था। जांच का दायरा बढ़ने पर राजस्थान के अन्य हिस्सों में भी इसके तार जुड़ सकते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·33 दिन पहले

इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के तहत जांच का दायरा अब विदेशी चंदे के नियमों और बैंकिंग चैनल्स के तकनीकी विश्लेषण तक फैल चुका है। जब तक अधिकृत जांच एजेंसियां जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और वित्तीय दस्तावेजों का फॉरेंसिक ऑडिट पूरा नहीं कर लेतीं, तब तक यह साफ नहीं होगा कि इस फंड का प्रसार राजस्थान में कहां-कहां हुआ। आगे चलकर फेमा यानी विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून के प्रावधानों के तहत भी इसमें बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

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