कर्नाटक के यादगीर जिले में सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे पर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। शाहपुर तालुक के इब्राहिमपुर गांव के पास एक कार अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन पुल के कंक्रीट ढांचे से टकरा गई। इस भीषण दुर्घटना में कार में सवार चार लोगों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि सभी मृतक महाराष्ट्र के तुलजापुर स्थित प्रसिद्ध भवानी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अपने पैतृक गांव वापस लौट रहे थे।
हादसे का घटनाक्रम और राहत कार्य
यह हादसा तब हुआ जब 7 नवंबर को दर्शन के बाद लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी तेज रफ्तार में थी। रास्ते में शाहपुर के पास चालक का वाहन पर से अचानक नियंत्रण छूट गया, जिसके बाद कार सीधे पुल के अधूरे पड़े ढांचे में जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना स्थल पर ही दो लोगों ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल दो अन्य यात्रियों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद कुछ ही घंटों के भीतर इलाज के दौरान उन्होंने भी अंतिम सांस ली।
मृतकों की पहचान और पुलिस कार्रवाई
पुलिस की जांच के अनुसार हादसे में मारे गए चारों युवकों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में 29 वर्षीय गुरुराज सुरेश चव्हाण, 33 वर्षीय रेड्डी बागला राठौड़, 28 वर्षीय गोविंदा सीत्या चव्हाण और 26 वर्षीय कुमार रामू राठौड़ शामिल हैं। हादसा इतना भीषण था कि वाहन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। शाहपुर पुलिस थाने में घटना के संबंध में औपचारिक मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।
सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे और सुरक्षा स्थिति
सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे एक महात्वाकांक्षी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना है जो गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे छह राज्यों को आपस में जोड़ती है। इसका उद्देश्य सूरत, नासिक, सोलापुर, तिरुपति और चेन्नई के बीच यात्रा के समय को 36 घंटे से घटाकर 16 घंटे करना है। हालांकि, निर्माणाधीन हिस्सों पर तेज रफ्तार, अपर्याप्त रोशनी और सड़क संकेतों की कमी अक्सर यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।


















