पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में सुरक्षा हालात और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा के बाद केंद्र सरकार ने सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम 1958 यानी अफस्पा को अगले छह महीने के लिए प्रभावी रखने का निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक व्यवस्था के तहत राज्य के 5 जिलों में स्थित 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को छोड़कर बाकी सभी इलाकों को 1 अक्टूबर 2026 से अशांत क्षेत्र का दर्जा दिया गया है। यदि स्थिति में सुधार होने पर सरकार इसे समय से पहले वापस नहीं लेती है, तो यह आदेश तय अवधि तक निरंतर लागू रहेगा।
कानून व्यवस्था की ताजा समीक्षा के बाद लिया गया निर्णय
अधिकारियों ने राज्य भर में सुरक्षा वातावरण, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और कानून व्यवस्था की समग्र स्थिति का गहन मूल्यांकन करने के बाद यह कदम उठाया है। सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम 1958 (1958 का अधिनियम संख्या 28) की धारा 3 के अंतर्गत प्राप्त वैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की गई है। प्रशासनिक स्तर पर किए गए सुरक्षा विश्लेषण में पाया गया कि घाटी और पहाड़ी इलाकों में शांति बहाली तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सशस्त्र बलों को आवश्यक कानूनी सुरक्षा और अधिकार देना अनिवार्य है।
अप्रैल से लागू पुरानी व्यवस्था का हुआ विस्तार
इससे पूर्व केंद्र सरकार ने 23 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना का.आ. 1515 (अ) के माध्यम से 1 अप्रैल 2026 से छह महीने की अवधि के लिए भी इन्हीं 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को बाहर रखते हुए पूरे मणिपुर को अशांत क्षेत्र घोषित किया था। सितंबर के अंत में उस छह महीने की मियाद पूरी होने के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों के साथ ताजा रिपोर्टों का अध्ययन किया गया। समीक्षा बैठक के निष्कर्षों के आधार पर सरकार ने पूर्व के आदेश को आगे बढ़ाते हुए 1 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीनों के लिए यथास्थिति बनाए रखने पर मुहर लगा दी।
किन 13 थाना क्षेत्रों को मिली है इस आदेश से छूट
सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम के कड़े प्रावधानों से जिन 13 पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र को अलग रखा गया है, वे मुख्य रूप से घाटी के पांच प्रमुख जिलों में स्थित हैं। इन छूट प्राप्त क्षेत्रों में स्थानीय नागरिक पुलिस की सामान्य व्यवस्था के तहत ही कानून का संचालन होता रहेगा।
- इंफाल पश्चिम जिला: इंफाल, लाम्फेल, सिटी (शहर), सिंजामेई, पतसोई और वांगोई पुलिस स्टेशन।
- इंफाल पूर्व जिला: पोरोम्पैट, हिंगांग और इरिलवंग पुलिस स्टेशन।
- थौबल जिला: थौबल पुलिस स्टेशन।
- विष्णुपुर जिला: विष्णुपुर और नामबोल पुलिस स्टेशन।
- काकचिंग जिला: काकचिंग पुलिस स्टेशन।
इन 13 महत्वपूर्ण पुलिस थानों के अंतर्गत आने वाले शहरी और घनी आबादी वाले आवासीय इलाकों को अशांत क्षेत्र के कड़े नियमों से मुक्त रखने का फैसला यह दर्शाता है कि सुरक्षा बल मुख्य रूप से संवेदनशील और सीमावर्ती हिस्सों पर अपनी निगरानी केंद्रित रखेंगे।





















