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त्रिपुरा में बुनियादी ढांचे और परिवहन नेटवर्क की निगरानी के लिए बनेगा एकीकृत डिजिटल मंचत्रिपुरा
4 अक्तू॰ 2026, 12:44 pm (24 दिन पहले)· 1

त्रिपुरा में बुनियादी ढांचे और परिवहन नेटवर्क की निगरानी के लिए बनेगा एकीकृत डिजिटल मंच

त्रिपुरा लोक निर्माण विभाग एक ऐसा डिजिटल सिस्टम तैयार कर रहा है, जो सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों और सीमा पार व्यापार से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जानकारी को एक जगह लाएगा।

त्रिपुरा सरकार अपने राज्य में परिवहन और बुनियादी ढांचे की योजना को पूरी तरह आधुनिक रूप देने की तैयारी में जुट गई है। राज्य का लोक निर्माण विभाग एक विशेष एकीकृत डिजिटल मंच विकसित कर रहा है, जिसके माध्यम से राज्य में पहले से मौजूद ढांचे, वर्तमान में जारी निर्माण कार्यों और भविष्य के लिए प्रस्तावित विकास परियोजनाओं से जुड़ी जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल विश्व बैंक के सहयोग से संचालित त्रिपुरा शहरी आर्थिक विकास और सेवा वितरण परियोजना के अंतर्गत तैयार की जा रही है, जिसे एकीकृत परिवहन नेटवर्क विकास योजना के माध्यम से जमीन पर उतारा जाएगा।

डेढ़ साल में ढांचागत खाका तैयार करने का लक्ष्य

लोक निर्माण विभाग के सड़क और भवन विंग के मुख्य अभियंता अनुप कुमार दास ने इस पहल को लेकर स्पष्ट किया कि यह विस्तृत विकास योजना अगले डेढ़ साल की अवधि के भीतर पूरी तरह तैयार कर लागू कर दी जाएगी। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे के प्रबंधन को कागजी प्रक्रियाओं से निकालकर तकनीक आधारित और पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था पर लाना है, ताकि विकास कार्यों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में किसी प्रकार की रुकावट न आए।

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परिवहन के सभी साधनों को एक सूत्र में जोड़ने की कवायद

यह प्रस्तावित डिजिटल प्रणाली केवल पारंपरिक सड़क निर्माण तक ही सीमित नहीं रहेगी। इसके तहत पुल, रेलवे लाइनें, माल ढुलाई सुविधाएं और हवाई अड्डे भी शामिल किए जाएंगे। इसके साथ ही परिवहन विकास की पूरी योजना को कृषि उत्पादन, स्थानीय बाजारों और पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ होने वाले सीमा पार व्यापार से सीधे जोड़ने का प्रबंध किया जाएगा। मुख्य अभियंता अनुप कुमार दास के अनुसार, इस दूरगामी रणनीति से अंतरराष्ट्रीय सीमा के आर-पार भविष्य के व्यापारिक लेन-देन को आसान बनाने के लिए जरूरी कनेक्टिविटी नेटवर्क और ढांचागत जरूरतों की सटीक पहचान करने में बड़ी मदद मिलेगी।

ग्रामीण सड़कों और जांच प्रयोगशालाओं का निर्माण

एकीकृत परिवहन नेटवर्क विकास योजना के दायरे में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके तहत लगभग 416.47 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण उत्पादों की गुणवत्ता परखने के लिए दो विशेष परीक्षण प्रयोगशालाएं और यात्रियों की सुविधा के लिए नए परिवहन केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है। यह पूरी कार्ययोजना त्रिपुरा के लिए आने वाले समय में आवश्यक परिवहन ढांचे का एक समग्र खाका तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कृषि लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई व्यवस्था पर जोर

इस विकास योजना का एक प्रमुख आधार कृषि लॉजिस्टिक्स को सुदृढ़ बनाना भी है। लोक निर्माण विभाग यह विस्तृत विश्लेषण करेगा कि विभिन्न ग्रामीण और उत्पादन क्षेत्रों से कृषि उपजों को किस तरह एकत्रित करके बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाया जाए। इसके साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि नए परिवहन केंद्र किन जगहों पर स्थापित किए जाएं और किन व्यापारिक मार्गों को प्रमुख राजमार्गों तथा रेलवे लाइनों से तत्काल जोड़ना आवश्यक है। दास ने बताया कि इस एकीकृत कार्यशैली से राज्य को आम नागरिकों की आवाजाही, कृषि उत्पादों के परिवहन और औद्योगिक सामान की ढुलाई के आधार पर अपनी भविष्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को सुव्यवस्थित करने में काफी आसानी होगी।

सवाल-जवाब

त्रिपुरा लोक निर्माण विभाग किस तरह का डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है?
विभाग एक एकीकृत डिजिटल सिस्टम बना रहा है, जिसमें राज्य के वर्तमान ढांचे, चल रहे निर्माण कार्यों और प्रस्तावित परियोजनाओं की पूरी जानकारी एक ही मंच पर होगी।
इस योजना को किस परियोजना और वित्तीय सहयोग से लागू किया जा रहा है?
यह पहल विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित त्रिपुरा शहरी आर्थिक विकास और सेवा वितरण परियोजना के तहत एकीकृत परिवहन नेटवर्क विकास योजना के माध्यम से चलाई जा रही है।
इस डिजिटल योजना को तैयार करने में कितना समय लगेगा?
सड़क और भवन विंग के मुख्य अभियंता अनुप कुमार दास के अनुसार, इस पूरी योजना को अगले डेढ़ साल के भीतर तैयार कर लागू किए जाने की उम्मीद है।
योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में क्या नए निर्माण किए जाएंगे?
इसके अंतर्गत लगभग 416.47 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कें, ग्रामीण उत्पादों के लिए दो परीक्षण प्रयोगशालाएं और नए यात्री परिवहन केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है।
यह प्लेटफॉर्म कृषि क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कैसे मदद करेगा?
यह खेतों से मंडियों तक फसलों को ले जाने के रास्तों को मुख्य सड़कों और रेलवे से जोड़ेगा, साथ ही बांग्लादेश के साथ सीमा पार व्यापार के लिए जरूरी ढांचे की पहचान करेगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ananya Iyer@ananya-iyer·23 दिन पहले

डिजिटल होने से काम में तेजी आएगी और बांग्लादेश से व्यापार भी आसान हो जाएगा। बढ़िया कदम है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·23 दिन पहले

डेढ़ साल में पूरा डिजिटल सिस्टम ज़मीन पर उतर जाएगा, यह थोड़ा ज्यादा ही उम्मीद भरा लगता है। सरकारी महकमों में फाइलों की रफ़्तार देखते हुए डेडलाइन का पालन होना आसान नहीं होगा।

Divya Reddy@divya-reddy·23 दिन पहले

अर्जुन, बात तो सही है आपकी। पर क्या विश्व बैंक के पैसे से काम होने पर भी बाबू लोग ऐसे ही सुस्ती दिखाएंगे?

Rohan Verma@rohan-verma·23 दिन पहले

त्रिपुरा जाने पर सड़क और माल ढुलाई की दिक्कतों से पाला पड़ा था, ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म पहले होता तो सफर और व्यापार दोनों आसान हो जाते।

Ravikash Gupta@ravikash·23 दिन पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। बांग्लादेश से व्यापार और खेती के लिए ऐसा डिजिटल मैप आ जाए, तो लॉजिस्टिक्स की आधी मुश्किलें वैसे ही खत्म हो जाएंगी।

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