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यूपी के 24 जिलों में आज आंधी-बारिश का दौर, 80km/h तक झोंके; गाजियाबाद-मथुरा-आगरा संभलकर निकलेंउत्तर प्रदेश
13 जून 2026, 9:19 am (137 दिन पहले)· 0

यूपी के 24 जिलों में आज आंधी-बारिश का दौर, 80km/h तक झोंके; गाजियाबाद-मथुरा-आगरा संभलकर निकलें

उत्तर प्रदेश के 24 जिलों में आज तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं और कहीं-कहीं हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कल से फिर तेज धूप और लू लौटने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। शनिवार की सुबह कई जिलों में हवा ठंडी और सुहानी रही, खासकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में, जहां रात भर बारिश और आंधी का दौर चला। सुबह स्कूटी या बाइक से निकलने वालों को हल्की ठंडक का अहसास हुआ, हालांकि कुछ इलाकों में अब भी गर्मी बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) ने आज प्रदेश के 24 जिलों में आंधी-बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।

कहां सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

अगर आप गाजियाबाद, मथुरा या आगरा में रहते हैं तो घर से निकलते वक्त सावधानी बरतें, क्योंकि इन इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, झांसी, महोबा, चित्रकूट, प्रयागराज, मिर्जापुर और चंदौली समेत कुल 24 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।

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इन जिलों में 70km/h तक हवा और बारिश

इसके साथ ही मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, संत रविदास नगर, गाजीपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात और कानपुर नगर समेत आसपास के इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी की आशंका है, जो बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार जताए गए हैं।

किसानों के लिए राहत की बौछार

रायबरेली में मौसम के अचानक बदलने से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। आसमान में काले बादल छाए, तेज पछुवा हवा चली और बारिश भी शुरू हो गई। यह बारिश धान की नर्सरी के लिए संजीवनी का काम करेगी, जिससे किसानों को सीधा फायदा होगा।

कल से फिर लौटेगी गर्मी

मौसम विभाग के मुताबिक यह राहत आज तक ही सीमित है। कल से प्रदेश में फिर तेज धूप और लू चलने की संभावना है। आईएमडी का कहना है कि कल कहीं भी बारिश या आंधी नहीं चलेगी और मथुरा, आगरा, गाजियाबाद समेत सभी जिलों में गर्मी का अलर्ट रहेगा। पिछले दो दिनों से प्री-मानसून की सक्रियता ज्यादा देखने को मिल रही है, लेकिन जून की बारिश के मामले में प्रदेश पिछड़ गया है। आंकड़ों के अनुसार अब तक औसत से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में औसत से 55 फीसदी कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में औसत से 2 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है।

मानसून कब और अल नीनो का खतरा

प्रदेश में मानसून के 22 से 24 जून के बीच पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि अल नीनो की दस्तक ने चिंता बढ़ा दी है। आईएमडी का अनुमान है कि इस साल अल नीनो मानसून को कमजोर कर सकता है। माना जा रहा है कि 2026 में 50 साल के औसत की केवल 90 फीसदी बारिश ही होगी, जिसका सीधा असर धान की फसल पर पड़ेगा और वह कमजोर रह सकती है।

आखिर अल नीनो है क्या

अमेरिकी वैज्ञानिकों के अनुसार अल नीनो प्रशांत महासागर का एक प्राकृतिक मौसम पैटर्न है, जो दुनिया भर में तापमान बढ़ा देता है और सूखे की वजह बनता है। यह हर 2 से 7 साल के अंतराल पर आता है और आमतौर पर 9 से 12 महीने तक बना रहता है। इसकी तीव्रता इस बात से मापी जाती है कि प्रशांत महासागर के एक अहम क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान औसत से कितना ऊपर चला जाता है।

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