कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने देश भर में हो रहे छात्र प्रदर्शनों के बीच सरकार से कड़ी जवाबदेही की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए, थरूर ने विपक्ष के स्पष्ट रुख को दोहराते हुए कहा है कि सड़कों पर उतरे युवाओं की शिकायतों को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रीय टेलीविजन पर संकट पर चर्चा
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर, थरूर ने इंडिया टुडे टीवी पर पत्रकार मारिया शकील के साथ हुए अपने एक विस्तृत इंटरव्यू का लिंक साझा किया। इस बातचीत का मुख्य केंद्र वे छात्र आंदोलन थे, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस इंटरव्यू के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा विपक्ष एकजुट होकर सत्ताधारी दल से उन सवालों के जवाब मांग रहा है, जो छात्रों के भविष्य से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।
प्रशासन से जवाबदेही की मांग
थरूर के संदेश का मूल सार सरकार की जिम्मेदारी तय करना था। जैसे-जैसे छात्रों का प्रदर्शन व्यवस्थागत खामियों को उजागर कर रहा है, विपक्ष ने सरकार पर अपना दबाव और तेज कर दिया है। उनका यह कदम दर्शाता है कि विपक्ष का मानना है कि नई पीढ़ी की चिंताओं को टालने के बजाय, सरकार को पारदर्शी तरीके से उनका समाधान करना चाहिए और अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटना चाहिए।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की तरफ से तीखी और मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां एक तरफ कुछ लोगों ने थरूर की बातों और उनके स्पष्ट रुख की तारीफ की, वहीं दूसरी तरफ कई लोगों ने विपक्ष से और अधिक आक्रामक होने की मांग की। आम जनता ने सवाल उठाया कि नेता सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग क्यों नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति दिल्ली पुलिस के रवैये को लेकर भी भारी नाराजगी दिखी। यूजर्स ने मांग की कि पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से सीधे सवाल किए जाने चाहिए, जिससे यह साफ होता है कि जनता अब सिर्फ बातचीत से संतुष्ट नहीं है।


























