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शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और बर्खास्तगी की मांग तेजनेता जी
27 जुल॰ 2026, 10:21 pm (47 दिन पहले)· 2

शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और बर्खास्तगी की मांग तेज

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को देश की खराब शिक्षा व्यवस्था का प्रतीक बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। नीट पेपर लीक और छात्रों की मौत के बाद शिक्षा मंत्रालय पर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें देश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार का प्रतीक करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्री का पद छोड़ना किसी नैतिक जवाबदेही का परिणाम नहीं, बल्कि देशभर में युवाओं के बढ़ते आक्रोश और भारी दबाव का नतीजा है। शिक्षा क्षेत्र में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बीच विपक्ष ने सरकार को चारों तरफ से घेरना शुरू कर दिया है।

पेपर लीक विवाद और छात्रों का देशव्यापी प्रदर्शन

नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े विवाद और लगातार सामने आते पेपर लीक के मामलों ने देश के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को अधर में लटका दिया है। इस पूरी अनियमितता से लगभग 22 लाख उम्मीदवारों की मेहनत प्रभावित हुई है। परीक्षा में धांधली और मानसिक तनाव के कारण स्नेहा चतुर्वेदी जैसी छात्रा की दुखद मृत्यु और करीब 26 युवाओं की जान जाने की घटनाओं ने इस मुद्दे को अत्यंत संवेदनशील बना दिया है। इन घटनाओं से नाराज हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।

मंत्रालय में फेरबदल की चर्चा और विपक्ष का रुख

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला और राहुल गांधी समेत कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिक्षा मंत्री को मंत्रिमंडल से तुरंत बर्खास्त करने का आग्रह किया है। राजनीतिक हलकों में धर्मेंद्र प्रधान को किसी अन्य मंत्रालय में स्थानांतरित करने की चर्चाओं के बीच, विपक्ष का कहना है कि केवल विभाग बदल देने से छात्रों का असंतोष समाप्त नहीं होगा। जब तक पूरी शिक्षा प्रणाली में सुधार नहीं होता और जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही जा रही है।

युवाओं के भविष्य और शिक्षा तंत्र पर बढ़ता संकट

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियों के कारण देश का शिक्षा ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। बार-बार पेपर लीक होने और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी से युवाओं का भरोसा टूटा है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में विफल रही है, जिससे परिवारों का तंत्र पर से विश्वास उठ रहा है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और चर्चित हस्तियों ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की है।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस पूरे विवाद को लेकर जनता में मिली-जुला रुख देखने को मिल रहा है। एक बड़े वर्ग ने पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानून बनाने और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने का समर्थन किया है, जबकि अन्य उपयोगकर्ताओं ने इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी से हटकर प्रशासनिक स्तर पर तुरंत ठोस कदम उठाने पर बल दिया है।

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सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान पर क्या आरोप लगाए हैं?
राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान को भ्रष्टाचार और देश की खराब होती शिक्षा व्यवस्था का प्रतीक बताया तथा पेपर लीक के बाद छात्रों के गुस्से को देखते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
नीट परीक्षा विवाद से कितने उम्मीदवार प्रभावित हुए?
नीट परीक्षा विवाद और पेपर लीक के आरोपों से लगभग 22 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
विपक्ष की मुख्य मांगें क्या हैं?
विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
छात्र इस पूरे मामले पर क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?
बार-बार होते पेपर लीक, परीक्षा धांधली और स्नेहा चतुर्वेदी जैसी छात्राओं की दुखद मृत्यु के विरोध में छात्र पारदर्शी व्यवस्था की मांग लेकर सड़कों पर उतरे हैं।
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