राजस्थान के अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र स्थित तिलवाड़ गांव में जमीन की मेड़ को लेकर दो पक्षों के बीच तीखी झड़प हो गई। यह मामूली विवाद इतनी तेजी से बढ़ा कि इसने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप धारण कर लिया। आरोप है कि एक पक्ष के करीब दस से बारह लोगों ने मिलकर दूसरे परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ प्रहार किए। इस भयावह हमले में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के लोग यानी पिता, पुत्र और पोता गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। वारदात के तुरंत बाद घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाज़ुक हालत को ध्यान में रखते हुए उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर कर दिया गया।
गेहूं की बुवाई के दौरान शुरू हुआ विवाद
पीड़ित परिवार की ओर से सामने आईं जानकारियों के मुताबिक, रविवार की सुबह परिवार के लोग अपने खेत पर गेहूं की बुवाई का काम करने पहुंचे थे। जब वे खेत पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पड़ोसी पक्ष के लोगों ने अपने खेत से साफ की गई घास उनके खेत की मेड़ पर डाल दी है। इसके अलावा, खेत की मेड़ से मिट्टी भी हटा दी गई थी, जिससे सीमा का विवाद पैदा हो गया। जब पीड़ित परिवार के सदस्यों ने इस हरकत पर आपत्ति जताई और पड़ोसी पक्ष से इसका कारण जानना चाहा, तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही हिंसक हो गई।
फोन करके बुलाए गए साथी और लाठी-डंडों से हमला
विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद पांच से सात लोगों ने अपने अन्य साथियों को फोन करके तुरंत मौके पर बुला लिया। इसके कुछ ही देर बाद लगभग दस से बारह लोग एकजुट होकर वहां आ धमके और गाली-गलौज करते हुए परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से खेत पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस जानलेवा हमले में लेखराज, राकेश और उनका पोता गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित पक्ष के अनुसार, राकेश के सिर पर बहुत गहरी चोट आई है और उनकी पसलियों तथा शरीर की अन्य हड्डियों में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है। परिवार के पोते की गर्दन पर भी गंभीर चोट आई है और वहां काफी सूजन आ गई है। शरीर से अत्यधिक खून बह जाने के कारण तीनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को नाजुक बताते हुए अन्य अस्पताल रेफर कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किए बयान और शुरू की जांच
इस खूनी संघर्ष के बाद पीड़ित परिवार का ट्रैक्टर और खेती-किसानी से जुड़े अन्य उपकरण खेत में ही छूटे रह गए। घटना की सूचना मिलते ही गोविंदगढ़ थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर विवाद की असल जड़ क्या थी और इस हमले में कौन-कौन लोग प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे।

















