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बारां में प्रशासन से सहमति के बाद नरेश मीणा का अनशन खत्म, रविंद्र सिंह भाटी और माताजी ने पिलाया जूसराजस्थान
11 अक्तू॰ 2026, 5:30 pm (2 घंटे पहले)· 0

बारां में प्रशासन से सहमति के बाद नरेश मीणा का अनशन खत्म, रविंद्र सिंह भाटी और माताजी ने पिलाया जूस

बारां जिला अस्पताल में 10 दिनों से आमरण अनशन कर रहे नरेश मीणा ने प्रशासन से बातचीत में सहमति बनने के बाद अपनी माताजी और विधायक रविंद्र सिंह भाटी के हाथों जूस पीकर अनशन समाप्त किया.

राजस्थान के बारां जिले में पिछले 10 दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन पर डटे किसान नेता नरेश मीणा ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों और आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच चली लंबी बातचीत में सकारात्मक सहमति बनने के बाद यह गतिरोध दूर हुआ। अनशन खत्म होने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों, परिजनों और आंदोलन से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है। कई दिनों तक भोजन न करने की वजह से उनकी शारीरिक स्थिति काफी कमजोर हो गई थी, जिसके चलते उन्हें बारां जिला अस्पताल के कॉटेज वार्ड में भर्ती रखकर चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में उपचार दिया जा रहा था।

सेहत बिगड़ने और मेडिकल जांच के बाद बनी सहमति

लगातार उपवास पर रहने के कारण नरेश मीणा के शरीर पर विपरीत असर दिखने लगा था। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा की गई नियमित जांच के दौरान उनके यूरिन सैंपल में कीटोन का स्तर काफी बढ़ा हुआ पाया गया, जिससे स्पष्ट हो गया था कि उनका स्वास्थ्य तेजी से नाजुक स्थिति की ओर बढ़ रहा था। चिकित्सकों की विशेष टीम पल-पल उनके स्वास्थ्य मानकों पर नजर रखे हुए थी। इसी बीच जिला प्रशासन के साथ स्थानीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर वार्ता सफल रही और उपस्थित शुभचिंतकों व परिजनों के भावनात्मक आग्रह के बाद उन्होंने उपवास समाप्त करने का निर्णय लिया।

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11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता

आंदोलनकारी किसान नेता की मांगों के समाधान के लिए जिला प्रशासन और उनके मुख्य प्रतिनिधियों के मध्य एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बातचीत में तीसरा मोर्चा के जिला प्रमुख पद के दावेदार संदीप शर्मा, पूर्व सभापति कमल राठौर, रामहेत मीणा और वंदना नागर सहित 11 सदस्यों का दल शामिल रहा। प्रतिनिधिमंडल ने जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से प्रत्यक्ष मुलाकात कर सभी बिंदुओं को विस्तार से रखा। बैठक में स्थानीय प्रशासनिक मामलों के साथ-साथ जयपुर स्तर से संबंधित प्रमुख मांगों पर भी पूरी तरह से सहमति कायम हो गई।

अस्पताल पहुंचे विधायक रविंद्र सिंह भाटी, माताजी के साथ खत्म कराया अनशन

नरेश मीणा के गिरते स्वास्थ्य की सूचना मिलने पर शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविंद्र सिंह भाटी बारां जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के वार्ड में उन्होंने नरेश मीणा की माताजी प्रेम बाई के साथ मिलकर उनसे आंदोलन विराम देने का आग्रह किया। परिजनों के आंसुओं, विधायक के विशेष अनुरोध और प्रशासन से हुए समझौते का मान रखते हुए नरेश मीणा ने आखिरकार जूस पीकर अपना 10 दिवसीय उपवास तोड़ा। इस भावुक अवसर पर कमल राठौर और संदीप शर्मा के साथ अस्पताल परिसर में भारी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।

माफी मांगकर विवादित बयानों से दूर रहने का संकल्प

अनशन समाप्ति के दौरान सीजेपी प्रोटेस्ट की वायरल गर्ल के रूप में जानी जाने वाली चित्रांगदा सिंह भी अस्पताल पहुंचीं और उन्होंने नरेश मीणा को गुलाब का फूल भेंट करते हुए किसानों के हक में खड़े रहने के लिए उनका धन्यवाद किया। इसी दौरान वहां मौजूद एक छोटी बच्ची के कहने पर नरेश मीणा ने सहजता से अपने कान पकड़कर क्षमा याचना की। उन्होंने वचन दिया कि वे भविष्य में महिलाओं के संदर्भ में कभी कोई विवादित टिप्पणी नहीं करेंगे, जिससे अस्पताल परिसर का वातावरण अत्यंत सौहार्दपूर्ण बन गया।

सवाल-जवाब

नरेश मीणा ने कितने दिनों बाद अपना आमरण अनशन समाप्त किया?
नरेश मीणा ने 10 दिनों के लंबे अंतराल के बाद अपना आमरण अनशन समाप्त किया.
अनशन खत्म कराने के समय अस्पताल में कौन प्रमुख लोग मौजूद थे?
उनकी माताजी प्रेम बाई, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, कमल राठौर और संदीप शर्मा सहित अनेक समर्थक उपस्थित थे.
अस्पताल में नरेश मीणा की मेडिकल रिपोर्ट में क्या पाया गया था?
यूरिन टेस्ट में कीटोन की मात्रा अधिक पाई गई थी, जिससे उनकी सेहत लगातार नाजुक हो रही थी.
प्रशासन से बातचीत के लिए कितने सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल गया था?
जिला कलेक्टर और एसपी से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रमुख प्रतिनिधिमंडल गया था जिसमें संदीप शर्मा, कमल राठौर, रामहेत मीणा और वंदना नागर शामिल थे.
चित्रांगदा सिंह ने अस्पताल पहुंचकर क्या किया?
चित्रांगदा सिंह ने अस्पताल पहुंचकर नरेश मीणा को गुलाब का फूल भेंट किया और किसानों के हक में संघर्ष करने के लिए आभार व्यक्त किया.
नरेश मीणा ने अनशन समाप्ति के दौरान क्या संकल्प लिया?
उन्होंने एक छोटी बच्ची के आग्रह पर कान पकड़कर माफी मांगी और भविष्य में महिलाओं पर विवादित बयान न देने का वादा किया.
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टिप्पणियाँ 3

Rohan Verma@rohan-verma·28 मिनट पहले

दस दिन तक अनशन चलाना और फिर प्रशासन से सहमति बनने के बाद जूस पीकर खत्म करना वाकई बड़ी राहत की बात है। रविंद्र सिंह भाटी और माताजी के समझाने पर उन्होंने बात मान ली, यह अच्छा हुआ। पर अब सवाल यह है कि प्रशासन ने जो मांगें मानी हैं, वे ज़मीन पर कितनी जल्दी लागू होंगी?

Ravikash Gupta@ravikash·28 मिनट पहले

रोहन भाई, कीटोन का स्तर बढ़ना वाकई डरावना था। शुक्र है समय पर बात बन गई।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

दस दिन बिना खाए रहना वाकई मुश्किल है, सेहत का ध्यान रखना चाहिए।

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