राजस्थान के चूरू जिले में रतनगढ़ क्षेत्र स्थित सांगासर डेरे में साधु बन्ना नाथ की संदिग्ध मौत की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य षड्यंत्रकारी के साथ तीन अन्य सहयोगी शामिल हैं, जिनकी पहचान बालक नाथ, बजरंग नाथ, मुकेश नाथ और लक्ष्मीनारायण के तौर पर की गई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि साधु बन्ना नाथ के साथ पहले बुरी तरह मारपीट की गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद मामले को दबाने और कानूनी साक्ष्य पूरी तरह नष्ट करने की नीयत से आरोपियों ने शव को डेरा परिसर में ही गुपचुप तरीके से समाधि बनाकर दफना दिया था।
भाई की शिकायत पर खुला मौत का राज
सांगासर डेरे में घटित इस सनसनीखेज घटना का खुलासा तब हुआ जब मृतक साधु के भाई ने रतनगढ़ पुलिस थाने पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। भाई की लिखित रिपोर्ट के आधार पर पुलिस महकमे ने हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की पड़ताल शुरू की। शिकायत मिलने के फौरन बाद पुलिस टीमों ने घटनाक्रम से जुड़े तमाम कड़ियों और डेरे के आसपास की गतिविधियों की गहन पड़ताल शुरू की। जांच अधिकारियों को प्रारंभिक छानबीन के दौरान ही साधु की मौत के हालात बेहद संदेहास्पद लगे, जिससे यह स्पष्ट होने लगा कि सामान्य देहावसान बताकर दी गई समाधि के पीछे कोई गंभीर आपराधिक षड्यंत्र छिपा हुआ था।
कब्र खुदवाकर निकाला गया पार्थिव शरीर, मेडिकल जांच से जुटाए गए साक्ष्य
हत्या और साक्ष्य विलोपन के संदेह को पुख्ता करने के लिए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कानूनी प्रक्रिया पूरी की। कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सांगासर डेरे में बनाई गई समाधि को खुदवाया गया और साधु बन्ना नाथ के पार्थिव शरीर को बाहर निकाला गया। इसके बाद चिकित्सकों के दल से शव का विधिवत पोस्टमार्टम करवाया गया ताकि मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का वैज्ञानिक रूप से पता लगाया जा सके। फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ ही पुलिस ने मौके से परिस्थितिजनक सबूत भी एकत्र किए, जिससे मारपीट और हत्या के प्रारंभिक आरोपों को बल मिला।
जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई गिरफ्तारी
चूरू जिले के पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम. के सीधे मार्गदर्शन में रतनगढ़ पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए दबिश दी और चारों नामजद आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जांच टीम अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों बालक नाथ, बजरंग नाथ, मुकेश नाथ और लक्ष्मीनारायण से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साधु बन्ना नाथ के साथ मारपीट और उनकी हत्या के पीछे मुख्य विवाद या रंजिश क्या थी। अधिकारियों का कहना है कि अनुसंधान में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर कानूनी धाराओं का विस्तार करते हुए आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।


















