दीपावली का पावन पर्व करीब आते ही गुलाबी नगर के बाजार तरह-तरह के मिष्ठानों की महक से सराबोर हो चुके हैं। पारंपरिक व्यंजनों की सोंधी खुशबू के बीच इस बार जयपुर के मिष्ठान बाजार में एक बेहद खास और विलासिता से भरपूर पेशकश हर किसी की जुबान पर छाई हुई है। 'स्वर्ण प्रसादम' नाम से पेश की गई इस अनोखी मिठाई की कीमत 1 लाख 11 हजार रुपये प्रति किलोग्राम रखी गई है। इस भारी-भरकम दाम की तुलना अमूमन एक नए दोपहिया वाहन की कीमत से की जा रही है, जो इस त्योहारी सीजन में ग्राहकों और राहगीरों के बीच भारी कौतूहल पैदा कर रही है।
शाही सामग्रियों और आयुर्वेदिक भस्म से तैयार विशेष मिष्ठान
इस मिठाई की हैरतअंगेज कीमत के पीछे इसमें इस्तेमाल होने वाली बेहद दुर्लभ और कीमती सामग्रियां बताई जा रही हैं। बनाने वालों का कहना है कि इसे तैयार करने में 24 कैरेट शुद्ध खाद्य सोना, शुद्ध केसर, प्रीमियम चिलगोजे और विशेष आयुर्वेदिक स्वर्ण भस्म का उपयोग किया गया है। इन दुर्लभ घटकों के संगम से न केवल इसका रूप-रंग निखरता है, बल्कि यह एक शाही पारंपरिक अंदाज भी पेश करती है। अपने अनूठे जायके और बहुमूल्य तत्वों के कारण यह मिठाई इस समय पूरे शहर में चर्चा का मुख्य विषय बन चुकी है।
मेट्रो शहरों से लग्जरी गिफ्टिंग के भारी ऑर्डर
कीमत के लिहाज से देखें तो स्वर्ण प्रसादम का महज एक पीस खरीदने के लिए खरीदार को लगभग 3 हजार रुपये चुकाने पड़ते हैं। इस बेहद महंगे मिष्ठान को विशेष तौर पर हाई-प्रोफाइल खरीदारों और कॉर्पोरेट जगत के खास उपहारों को ध्यान में रखकर गढ़ा गया है। दुकान के संचालक के अनुसार, इस खास मिठाई की मांग केवल स्थानीय ग्राहकों तक सीमित नहीं है। जयपुर के अलावा देश के बड़े-बड़े महानगरों से भी ऐसे संपन्न ग्राहकों के लगातार ऑर्डर आ रहे हैं, जो दीपावली पर अपने संबंधियों या व्यावसायिक संपर्कों को कुछ अलग और यादगार भेंट सौंपना चाहते हैं।
सोने के सिक्के और नौ रत्नों वाली मिठाइयों की नई श्रृंखला
त्योहारी सीजन में इस विलासितापूर्ण पेशकश के अलावा बाजार में कुछ अन्य प्रयोग भी देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में सोने के असली सिक्कों से सजी विशेष मिठाइयों का एक डिब्बा भी ग्राहकों को खूब लुभा रहा है। इस श्रृंखला के 9 पीस वाले विशेष डिब्बे का मूल्य 9,999 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा भारतीय परंपरा में पूजनीय माने जाने वाले नौ रत्नों की थीम पर आधारित मिठाइयां भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
परंपरा और विलासिता के अनोखे संगम से सजा त्योहारी बाजार
यूं तो लाखों रुपये की यह मिठाई साधारण बजट वाले परिवारों की सामान्य खरीदारी की सीमा से काफी बाहर है, लेकिन बाजार में इसकी मौजूदगी ने पूरे त्योहारी माहौल को एक भव्य रूप दे दिया है। उपहार के तौर पर कुछ नायाब पेश करने की चाह रखने वाले संपन्न तबके के लिए यह एक स्टेटस सिंबल बन गई है। कुल मिलाकर, इस बार के दीपोत्सव पर मिष्ठान उद्योग में पारंपरिक स्वाद के साथ-साथ शाही ठाठ-बाट और सोने की चमक का एक अनोखा सामंजस्य देखने को मिल रहा है।


















