पूर्णिया के चित्रकार डॉ. ध्रुव कुमार की अनोखी कलाकृति, मलेशियाई प्रदर्शनी में 3 लाख रुपये में सजेगी मछली रूपी अर्धनारीश्वर पेंटिंगमणिपुर के तीन जिलों में अवैध जुए पर बड़ा एक्शन, 13 लोग हिरासत में लिए गएडीग के समालखेड़ा में ड्रैगन फ्रूट की सफल पैदावार, पारंपरिक फसलों से आगे निकलकर किसान ने बढ़ाया मुनाफापिता के निधन के बाद सिर पर आया 1 करोड़ का कर्ज, 20 साल मेहनत कर बेटे ने ऐसे चुकाई देनदारीसंगरूर की इंसाफ रैली में बरसे राहुल गांधी, कहा पंजाब में सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री हैं भगवंत मानअगरतला नगर निगम चुनाव: कांग्रेस ने 49 वार्डों के लिए घोषित किए उम्मीदवार, दो पर फैसला बाकीदीपावली पर जयपुर के दुर्गापुरा बस स्टैंड पर मची अफरातफरी, टोंक और कोटा रूट पर सीट के लाले और मनमाना किरायाउदयपुर के दीपोत्सव मेले में कवि सम्मेलन की धूम, शैलेश लोढ़ा और दिग्गजों ने बांधा समांराजस्थान में गुलाबी ठंड की दस्तक के बीच मौसम विभाग ने 5 नवंबर के लिए साफ किया रुख, पूरे प्रदेश में जारी रहा ग्रीन अलर्टशिलांग में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस का भव्य समारोह
डीग के समालखेड़ा में ड्रैगन फ्रूट की सफल पैदावार, पारंपरिक फसलों से आगे निकलकर किसान ने बढ़ाया मुनाफाराजस्थान
4 नव॰ 2026, 5:38 pm (2 मिनट पहले)· 1

डीग के समालखेड़ा में ड्रैगन फ्रूट की सफल पैदावार, पारंपरिक फसलों से आगे निकलकर किसान ने बढ़ाया मुनाफा

राजस्थान के डीग जिले के समालखेड़ा गांव में एक किसान ने पारंपरिक तौर-तरीकों को छोड़कर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की, जिससे उन्हें बाजार में बेहतरीन मुनाफा मिल रहा है।

राजस्थान के डीग जिले में कृषि क्षेत्र के भीतर एक नया और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां के किसान पारंपरिक फसलों की सीमाओं से बाहर निकलकर गैर-पारंपरिक और अधिक आय देने वाली फसलों में रुचि दिखा रहे हैं। इसी क्रम में डीग जिले के समालखेड़ा गांव के एक किसान ने ड्रैगन फ्रूट की बागवानी कर एक मिसाल कायम की है। शुरुआत में जोखिम भरा प्रयोग लग रही यह पहल अब न केवल सफल साबित हुई है, बल्कि आसपास के अन्य काश्तकारों को भी खेती में नए रास्ते तलाशने के लिए प्रेरित कर रही है।

अनुकूल जलवायु और बेहतरीन उपज

समालखेड़ा गांव में जब पहली बार ड्रैगन फ्रूट के पौधे रोपे गए थे, तब यह क्षेत्र के लिए पूरी तरह अनजाना प्रयोग था। हालांकि, समय बीतने के साथ यह साफ हो गया कि जिले की जलवायु इस फसल के लिए पूरी तरह मुफीद है। ड्रैगन फ्रूट कैक्टस प्रजाति का पौधा होने की वजह से यहां की परिस्थितियों में बहुत तेजी से विकसित हुआ। पौधों की बेहतर बढ़वार के साथ-साथ पैदावार भी उम्मीद के मुताबिक बेहद उम्दा रही है, जिससे किसान को अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिल रहा है।

ये भी पढ़ें

स्थानीय बाजारों में बढ़ी मांग और बेहतर दाम

इस फल की सबसे बड़ी खासियत इसके स्वास्थ्यवर्धक गुण और विशिष्ट दिखावट है, जिसकी वजह से स्थानीय बाजारों में भी इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। पारंपरिक अनाज या दलहनी फसलों के मुकाबले ड्रैगन फ्रूट बाजार में काफी ऊंची कीमत पर बिक रहा है। इससे किसान को अपनी नियमित खेती की तुलना में उल्लेखनीय अतिरिक्त आमदनी हासिल हो रही है। इस आर्थिक लाभ को देखते हुए जिले के अन्य किसान भी समालखेड़ा पहुंचकर इस खेती की बारीकियां सीख रहे हैं और इसे अपने खेतों में आजमाने की तैयारी कर रहे हैं।

उद्यान विभाग ने नवाचार को सराहा

उद्यान विभाग के अधिकारी लेखराज मीणा ने बताया कि समालखेड़ा गांव में किसान ड्रैगन फ्रूट की सफल बागवानी कर रहे हैं। यह कैक्टस वर्ग का पौधा है और यहां का स्थानीय वातावरण इसकी बढ़वार के लिए पूरी तरह अनुकूल बैठ रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि पौधों का विकास शानदार है और स्थानीय उपभोक्ता भी इस फल को काफी पसंद कर रहे हैं। अधिकारी के अनुसार किसान का यह कदम बेहद सराहनीय नवाचार है, जिससे क्षेत्र के अन्य किसानों को भी कृषि में विविधता लाने और नई संभावनाएं तलाशने का हौसला मिल रहा है। विभाग का मानना है कि ऐसी व्यावसायिक फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

डीग जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती की शुरुआत किस गांव से हुई?
डीग जिले में इस फसल की शुरुआत समालखेड़ा गांव के एक किसान द्वारा नवाचार के तौर पर की गई।
ड्रैगन फ्रूट किस प्रजाति का पौधा है?
ड्रैगन फ्रूट कैक्टस प्रजाति का पौधा है, जो शुष्क और अनुकूल मौसम में अच्छी तरह बढ़ता है।
समालखेड़ा में ड्रैगन फ्रूट की फसल के परिणाम कैसे रहे हैं?
पौधों का विकास बहुत अच्छा हुआ है और इनसे भरपूर पैदावार के साथ बाजार में बेहतरीन दाम मिल रहे हैं।
उद्यान विभाग के किस अधिकारी ने इस पहल की जानकारी दी?
उद्यान विभाग के अधिकारी लेखराज मीणा ने इस सफल नवाचार और स्थानीय अनुकूलता की पुष्टि की।
क्या स्थानीय बाजारों में ड्रैगन फ्रूट को पसंद किया जा रहा है?
हां, अपने स्वास्थ्यवर्धक गुणों और अलग पहचान के कारण स्थानीय बाजारों में लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp