देशभर में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच हैदराबाद का खैरताबाद पंडाल एक बार फिर अपनी भव्यता और अनूठी थीम के साथ चर्चा में है। यहाँ स्थापित होने वाली 69 फीट ऊंची विशालकाय गणेश प्रतिमा का निर्माण कार्य इस समय बेहद तेज गति से आगे बढ़ रहा है। आयोजकों और कारीगरों की टीम इस भव्य आयोजन को तय समय पर पूरा करने में जुटी है, ताकि उत्सव के दिन श्रद्धालुओं को अलौकिक दर्शन मिल सकें।
कारीगरी और सामग्री की विशेषता
इस बार मूर्ति के निर्माण की जिम्मेदारी तमिलनाडु और ओडिशा से आए 50 से अधिक कुशल कारीगरों को सौंपी गई है, जो अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मूर्ति के निर्माण में मिट्टी और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों का प्राथमिकता से इस्तेमाल किया जा रहा है। मूर्ति का लगभग 60 प्रतिशत निर्माण कार्य अब तक पूरा भी हो चुका है। इसका डिजाइन पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक कला का एक अनूठा संगम है, जिसमें भगवान गणेश को शक्ति और शांति दोनों के प्रतीक के रूप में दर्शाया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से इस साल भी प्रतिमा को पूरी तरह से रासायनिक रंगों और प्लास्टर ऑफ पेरिस से मुक्त रखा जा रहा है। मूर्ति को रंगने के लिए प्राकृतिक रंगों के साथ-साथ मिट्टी, गोबर और बायो-डिग्रेडेबल उत्पादों का उपयोग किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उत्सव के बाद होने वाले विसर्जन के दौरान जल प्रदूषण को रोकना है, ताकि जलीय जीवों और प्रकृति को कोई नुकसान न पहुँचे।
श्री विश्वशांति महाशक्ति गणपति थीम
इस वर्ष खैरताबाद के इस प्रसिद्ध पंडाल की मुख्य थीम 'श्री विश्वशांति महाशक्ति गणपति' तय की गई है। यह थीम पूरी दुनिया में शांति, आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश देने का काम करेगी। आयोजकों के अनुसार, प्रतिमा के आसपास विशेष प्रदर्शनियाँ भी लगाई जाएंगी जो शांति और सद्भाव के महत्व को दर्शाएंगी। खैरताबाद का यह पंडाल हैदराबाद के सबसे प्रतिष्ठित और भव्य पंडालों में शुमार है, जहाँ हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश से दर्शन के लिए आते हैं।
उत्सव और आस्था का संगम
आगामी 27 अगस्त 2025 को गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर इस प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। यह 69 फीट ऊंची प्रतिमा केवल करोड़ों श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र ही नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बहुत बड़ा और अनुकरणीय कदम भी साबित हो रही है। उत्सव की भव्यता को बढ़ाने और इसे यादगार बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।



















