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भीलवाड़ा में सावन का समापन: 751 कावड़ और 1111 कलश यात्रा के साथ बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शनधर्म
23 अग॰ 2026, 11:59 pm (39 दिन पहले)· 2

भीलवाड़ा में सावन का समापन: 751 कावड़ और 1111 कलश यात्रा के साथ बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शन

भीलवाड़ा में सावन के आखिरी चरण में एक विशाल कावड़ और कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें 1111 महिलाओं और 751 कावड़ियों ने हिस्सा लिया और अमरनाथ की तर्ज पर बाबा बर्फानी के दर्शन मुख्य आकर्षण रहे।

भगवान शिव को समर्पित सावन के पवित्र महीने का आखिरी दौर चल रहा है। इस दौरान मेवाड़ के प्रवेश द्वार भीलवाड़ा में शिवभक्तों की आस्था और उत्साह चरम पर पहुंच गया है। शहर के पास स्थित हाथीभाटा आश्रम से एक भव्य और विशाल कावड़ तथा कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे इलाके को शिवमय बना दिया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

भीलवाड़ा में उमड़ी शिवभक्तों की भारी भीड़

इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें 1 हजार 1 सौ 11 कलशधारी महिलाओं के साथ-साथ 751 कावड़िए शामिल हुए। जब केसरिया वस्त्र पहने और कावड़ उठाए श्रद्धालु सड़क पर निकले, तो चारों तरफ भक्ति का रंग गहरा हो गया। हाथीभाटा आश्रम से शुरू हुई यह यात्रा कुल 12 गांवों से होकर गुजरी और अंत में पांसल स्थित गेलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। रास्ते में विभिन्न समाजों और संगठनों द्वारा यात्रा का बेहद गर्मजोशी और आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ गया।

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अमरनाथ की तर्ज पर बाबा बर्फानी का श्रृंगार

यात्रा के दौरान सबसे बड़ा आकर्षण अमरनाथ गुफा की तर्ज पर बर्फ से तैयार किए गए बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शन रहे। इस अद्भुत और भव्य श्रृंगार को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोग दर्शन कर भाव-विभोर हो गए। इसके अलावा, पारंपरिक संस्कृति को दर्शाते हुए ऊंट की सवारी और प्रसिद्ध कच्ची घोड़ी नृत्य के कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया, जिससे यह आयोजन और भी खास बन गया।

गेलेश्वर महादेव मंदिर में हुआ जलाभिषेक और महाप्रसाद

हाथीभाटा आश्रम के महंत श्री संत दास जी महाराज ने जानकारी दी कि यह यात्रा हाथीभाटा आश्रम से शुरू होकर मार्ग में पड़ने वाले 12 गांवों के शिवालयों तक पहुंची, जहां पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। यात्रा के पांसल स्थित श्री गेलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने पर विधि-विधान से जलाभिषेक और भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। अनुष्ठान के अंत में सभी उपस्थित शिवभक्तों को महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसके साथ ही इस धार्मिक यात्रा का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

सवाल-जवाब

भीलवाड़ा में कावड़ यात्रा कहां से शुरू हुई थी?
यह यात्रा शहर के निकटवर्ती हाथीभाटा आश्रम से शुरू हुई थी।
यात्रा में कितने कलशधारी और कावड़िए शामिल हुए थे?
इस यात्रा में 1,111 कलशधारी महिलाएं और 751 कावड़िए शामिल हुए थे।
यह कावड़ यात्रा कहां जाकर संपन्न हुई?
यह यात्रा 12 गांवों से होते हुए पांसल स्थित गेलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई।
यात्रा का मुख्य आकर्षण क्या था?
यात्रा का मुख्य आकर्षण अमरनाथ की तर्ज पर बर्फ से सजाया गया बाबा बर्फानी का अलौकिक श्रृंगार और कच्ची घोड़ी नृत्य था।
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