नाना पाटेकर के निधन पर विवादित बयान देने पर तनुश्री दत्ता पर भड़का सिने वर्कर्स एसोसिएशनब्रिटेन की आर्थिक मजबूती से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के आसार, पाउंड पर बना रहेगा दबावहरियाणा के फरीदाबाद में सहपाठी के आवास पर फंदे से लटका मिला दसवीं के छात्र का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का गंभीर आरोपबकरियों की सुस्त बढ़त से मुनाफा घटने का खतरा, पशु चिकित्सक ने बताया सही पोषण और देखभाल का तरीकाएचडीएफसी बैंक के नए प्रमुख अनूप बागची को पहले साल मिलेगा करीब ₹43 करोड़ का पैकेज, देश में बन सकते हैं सर्वाधिक कमाई वाले बैंक प्रमुखसांस्कृतिक आदान-प्रदान: IIT जोधपुर ने युवा संगम फेज-7 के तहत राजस्थान के 50 युवाओं को सिक्किम भेजाशाम की भूख मिटाने के लिए झटपट तैयार करें क्रिस्पी लहसुनी मुरमुरे, नोट करें आसान विधिओपनएआई के रेवेन्यू में कमी और यूरोपीय संघ-चीन व्यापार तनाव से एशियाई बाजारों में हलचल, कच्चे तेल में नरमीसोशल मीडिया मंच ऑर्कुट की फिर हो सकती है वापसी, संस्थापक ऑरकुट बायुक्कोकटेन ने नए प्लान का किया ऐलानराजस्थान में नवरात्रि मेले के लिए इंद्रगढ़ सुमेरगंज मंडी स्टेशन पर चार प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव
हादसे में दोनों पैर गंवाने वाले सुल्तानपुर के सुमित बने जोमैटो डिलीवरी बॉय, 10 महीने से खुद चला रहे खर्चसक्सेस स्टोरी
9 अक्तू॰ 2026, 12:10 pm (27 मिनट पहले)· 0

हादसे में दोनों पैर गंवाने वाले सुल्तानपुर के सुमित बने जोमैटो डिलीवरी बॉय, 10 महीने से खुद चला रहे खर्च

सुल्तानपुर में दो मंजिला इमारत से गिरकर दोनों पैरों से लाचार हुए सुमित ने हिम्मत नहीं हारी और जोमैटो डिलीवरी पार्टनर बनकर पिछले 10 महीने से आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं.

जिंदगी में अचानक होने वाली गंभीर दुर्घटनाएं इंसान की पूरी दुनिया उलट-पुलट कर सकती हैं, मगर मजबूत इरादे हों तो इंसान हर बाधा को पार कर जाता है. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के रहने वाले सुमित का सफर इसी जज्बे को दिखाता है. एक भयानक हादसे के दौरान कमर के नीचे का हिस्सा पूरी तरह सुन्न और दोनों पैर पैरालाइज्ड हो जाने के बावजूद उन्होंने किसी के आगे हाथ फैलाने के बजाय अपनी मेहनत की राह चुनी. सुमित पिछले करीब 10 महीने से शहर भर में घूम-घूम कर ऑनलाइन फूड डिलीवरी का काम कर रहे हैं और अपनी रोजमर्रा की कमाई से परिवार का सहारा बने हुए हैं.

दो मंजिला इमारत से गिरने के बाद बदल गई थी दुनिया

कुछ समय पहले सुमित के साथ एक अप्रत्याशित और गंभीर हादसा हुआ था, जिसने उनके पूरे जीवन की दिशा ही बदल कर रख दी. वह एक दो मंजिला इमारत से अचानक नीचे गिर पड़े थे. इस गंभीर चोट के कारण उनकी रीढ़ और कमर के निचले हिस्से पर बेहद बुरा असर पड़ा. अस्पताल में इलाज के बाद भी उनके दोनों पैरों में हरकत नहीं लौटी और वे स्थायी रूप से पैरालाइज्ड हो गए. इस घटना के बाद उनके लिए बिना सहारे के चलना-फिरना नामुमकिन हो गया और आम लोगों की तरह सामान्य दिनचर्या जीना बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया. अचानक आई इस शारीरिक अक्षमता ने उनके सामने अनगिनत सवाल खड़े कर दिए थे.

ये भी पढ़ें

इंटरमीडिएट की पढ़ाई और रोजगार का संकट

सुमित ने अपनी पढ़ाई इंटर तक पूरी की थी. हादसे से पहले वे अपने भविष्य को संवारने की योजना बना रहे थे, लेकिन दुर्घटना के बाद गंभीर शारीरिक सीमाओं के चलते उनके लिए सामान्य नौकरी पाना असंभव जैसा लगने लगा. एक तरफ शरीर की लाचारी थी, तो दूसरी तरफ अपने निजी खर्चे और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को पूरा करने का भारी दबाव. किसी भी आम इंसान का हौसला ऐसे मोड़ पर टूट सकता था, लेकिन सुमित ने खाली बैठने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का फैसला किया और अपनी शारीरिक स्थिति के अनुकूल काम की तलाश शुरू कर दी.

रंजीत का साथ और फूड डिलीवरी की शुरुआत

आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के इस मुश्किल दौर में सुमित की मुलाकात रंजीत से हुई, जिनकी मदद उनके जीवन में नया मोड़ साबित हुई. रंजीत ने सुमित की लगन को देखते हुए उन्हें फूड एग्रीगेटर कंपनी जोमैटो से जोड़ा और फूड डिलीवरी का काम शुरू करने में हर संभव सहायता की. शुरुआत में शारीरिक दिक्कतों के कारण डिलीवरी का काम संभालना बेहद मुश्किल था, लेकिन सुमित ने धीरे-धीरे इसे अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में ढाल लिया. पिछले 10 महीने से वह सुल्तानपुर शहर में नियमित रूप से ग्राहकों के ऑर्डर पहुंचा रहे हैं और अपनी कड़ी मेहनत के बल पर सम्मानपूर्वक आजीविका कमा रहे हैं.

परेशानियों को मात देकर दूसरों के लिए बने मिसाल

सुमित का यह संघर्ष सिर्फ पेट भरने की मजबूरी नहीं, बल्कि मुश्किलों के आगे घुटने न टेकने की एक शानदार दास्तान है. उन्होंने अपनी शारीरिक मजबूरी को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया. सुमित का कहना है कि जीवन में संकट चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, अगर इंसान हिम्मत न हारे और लगातार प्रयास करता रहे, तो अंधेरे से बाहर निकलने का रास्ता खुद-ब-खुद बन जाता है. आज वह पूरे इलाके में मेहनत और आत्मसम्मान की जीती-जागती मिसाल बनकर दूसरों को प्रेरित कर रहे हैं.

सवाल-जवाब

सुमित के साथ कौन सा हादसा हुआ था?
सुमित कुछ समय पहले एक दो मंजिला इमारत से नीचे गिर गए थे, जिसके कारण उनकी कमर के नीचे का हिस्सा प्रभावित हुआ और दोनों पैर पैरालाइज्ड हो गए.
हादसे के बाद सुमित ने अपनी आजीविका चलाने के लिए क्या काम शुरू किया?
सुमित ने सुल्तानपुर में जोमैटो के साथ फूड डिलीवरी का काम शुरू किया और अपनी मेहनत से खर्च चला रहे हैं.
सुमित कितने समय से फूड डिलीवरी का काम कर रहे हैं?
सुमित पिछले करीब 10 महीने से शहर में लगातार फूड डिलीवरी कर रहे हैं.
फूड डिलीवरी का काम शुरू करने में सुमित की मदद किसने की?
सुमित की जिंदगी में रंजीत ने मदद की और उन्हें जोमैटो प्लेटफॉर्म से जोड़कर काम शुरू करवाया.
सुमित की शैक्षिक योग्यता क्या है?
सुमित ने इंटर तक की पढ़ाई पूरी की है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp