झारखंड के रामगढ़ जिले में सरकारी नौकरी पाने के मजबूत इरादे की एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। रामगढ़ प्रखंड के दूरदराज स्थित बूढ़ा खुखरा गांव की ग्रामीण महिलाएं ट्रैकसूट जैसे बुनियादी खेल पोशाक के अभाव के बावजूद पारंपरिक साड़ी पहनकर ही होमगार्ड भर्ती के फिजिकल ट्रायल में दौड़ने मैदान में उतरीं। सीमित आर्थिक संसाधनों और अभावों के बीच इन महिलाओं ने मैदान पर न केवल अपना दम दिखाया, बल्कि तय सीमा से पहले दौड़ पूरी करके सबको चौंका दिया।
सिद्धू-कान्हू मैदान में साड़ी पहनकर तय समय से पहले पूरी की दौड़
रामगढ़ स्थित सिद्धू-कान्हू जिला मैदान में होमगार्ड भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी ट्रायल आयोजित किया जा रहा था। इसी भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए बूढ़ा खुखरा गांव की महिलाएं भी मैदान पहुंची थीं। इनमें 36 वर्षीय सुनीता देवी और 28 वर्षीय जागेश्वरी कुमारी शामिल थीं। दौड़ के लिए जरूरी ट्रैकसूट खरीदने की आर्थिक क्षमता न होने के कारण इन दोनों महिलाओं ने साड़ी पहनकर ही 1600 मीटर की रेस में उतरने का फैसला किया।
होमगार्ड बहाली के निर्धारित नियमों के तहत अभ्यर्थियों को 1600 मीटर की यह दौड़ अधिकतम 8 मिनट में पूरी करनी होती है। सुनीता देवी और जागेश्वरी कुमारी ने साड़ी पहने होने के बावजूद यह फासला करीब 7 मिनट में ही तय कर लिया। निर्धारित समय से लगभग एक मिनट पहले दौड़ पूरी करने का उनका यह प्रदर्शन और वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
सुबह 4 बजे से अभ्यास और आर्थिक तंगी की चुनौतियां
अपनी इस तैयारी के बारे में जानकारी देते हुए सुनीता देवी और जागेश्वरी कुमारी ने बताया कि वे बेहद सामान्य ग्रामीण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखती हैं और खेती-किसानी के जरिए अपने परिवार का जीवनयापन करती हैं। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वे स्पोर्ट्स शूज, ट्रैकसूट या अन्य जरूरी खेल उपकरण खरीदने में असमर्थ हैं।
संसाधनों की इस भारी कमी के बावजूद उनके हौसले में कोई कमी नहीं आई। वे रोजाना तड़के 4 बजे उठकर गांव की सड़कों और रास्तों पर दौड़ने का नियमित अभ्यास करती हैं। उनके साथ गांव की कई अन्य युवतियां और महिलाएं भी इसी तरह होमगार्ड भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटी हैं। संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण वे सभी रोजाना साड़ियों में ही दौड़ने का कड़ा अभ्यास करती हैं।
रामगढ़ में 284 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी
रामगढ़ जिले में होमगार्ड के कुल 284 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिसकी शुरुआत 24 अक्टूबर से होने की जानकारी दी गई है। कठिन पारिवारिक परिस्थितियों और आर्थिक तंगी से जूझते हुए गांव की ये महिलाएं सरकारी सेवा में चयनित होकर आत्मनिर्भर बनने के लिए लगातार पसीना बहा रही हैं।





















