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विंबलडन सेमीफाइनल में खिलाड़ियों ने कैसे ग्रास कोर्ट की मुश्किलों पर पाई जीतटेनिस
9 जुल॰ 2026, 11:46 am (21 दिन पहले)· 2

विंबलडन सेमीफाइनल में खिलाड़ियों ने कैसे ग्रास कोर्ट की मुश्किलों पर पाई जीत

इस बार के विंबलडन सेमीफाइनल में पहुंचने वाली सभी महिला खिलाड़ी ग्रास कोर्ट पर अपने संघर्षों को पीछे छोड़कर एक नई लय हासिल कर चुकी हैं। शनिवार को टूर्नामेंट को अपनी एक नई महिला चैंपियन मिलेगी।

विंबलडन के महिला सेमीफाइनल मुकाबले में पहुंचने वाली खिलाड़ियों में कोको गॉफ ही इकलौती ऐसी खिलाड़ी हैं जिनके नाम पहले से ही ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब दर्ज है। दिलचस्प बात यह है कि खुद कोको गॉफ ने स्वीकार किया है कि घास के कोर्ट के साथ उनका रिश्ता कभी भी बहुत सहज नहीं रहा है। उनके अलावा मार्टा कोस्तियुक ने भी इस सतह के साथ अपने समीकरण को पेचीदा बताया है।

इन सेमीफाइनल मुकाबलों में उनके सामने उतरने वाली चेक गणराज्य की जोड़ी, कैरोलिना मुचोवा और लिंडा नोस्कोवा ने भी अतीत में इस सतह पर कई चुनौतियां झेली हैं। हालांकि, इन दो हफ्तों के दौरान इन चारों खिलाड़ियों का खेल पूरी तरह निखर कर सामने आया है, जिससे यह साफ हो गया है कि शनिवार को विंबलडन में एक ऐसी महिला चैंपियन मिलेगी जिसने यहां पहली बार यह खिताब जीता होगा। अमेरिका की पूर्व विश्व नंबर एक ट्रेसी ऑस्टिन का कहना है कि हालांकि कोको गॉफ के पास मेजर खिताब जीतने का अनुभव है, लेकिन वे उन्हें सीधे तौर पर सबसे बड़ी दावेदार नहीं मानतीं। उनका मानना है कि यह देखना दिलचस्प होगा कि इतनी बड़ी दांव लगी होने पर चारों खिलाड़ी खुद को कैसे संभालती हैं।

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कोको गॉफ का आत्मविश्वास और बदलाव

बाईस वर्षीय कोको गॉफ ने वर्ष 2023 में यूएस ओपन की हार्ड कोर्ट और 2025 में फ्रेंच ओपन की क्ले कोर्ट पर ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं, लेकिन घास के कोर्ट पर उन्हें कभी भी वैसा भरोसा नहीं मिला। हालांकि, वर्ष 2019 में जब वे मात्र 15 साल की थीं, तब उन्होंने विंबलडन में क्वालीफाई कर वीनस विलियम्स जैसी दिग्गज को हराकर चौथी राउंड तक पहुंचकर सबको चौंका दिया था। उस ब्रेकथ्रू के बाद से हालात कुछ ऐसे रहे कि वे पिछले दो वर्षों तक घास पर एक भी मैच नहीं जीत सकी थीं। कोको गॉफ एक बेहतरीन एथलीट हैं और कोर्ट पर काफी तेजी से मूव करती हैं, लेकिन बेसलाइन से शॉट जमाते समय उनके फुटवर्क में कभी-कभी गतिशीलता की कमी दिखती है। इसके अलावा उनकी सर्विस में भी अक्सर कमजोरी देखी गई है, जिससे वे कई डबल फाल्ट कर बैठती हैं और महत्वपूर्ण क्षणों में फोरहैंड शॉट भी लड़खड़ा जाते हैं।

इन खामियों को दूर करने के लिए, यूएस ओपन से ठीक पहले उन्होंने बायोमैकेनिक्स एक्सपर्ट गैविन मैकमिलन को अपनी टीम में शामिल किया था। गैविन मैकमिलन वही विशेषज्ञ हैं जिन्होंने आर्यना सबालेंका की सर्विसिंग संबंधी दिक्कतों को दूर करने में बड़ी मदद की थी। कोको गॉफ का कहना है कि उन्होंने अब अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित कर लिया है और उन्हें समझ आ गया है कि हर बार शानदार पॉइंट जीतना जरूरी नहीं होता। उन्हें अब खुद पर भरोसा है कि उनकी ग्राउंडस्ट्रोक्स इस सतह पर किसी भी खिलाड़ी का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त हैं।

कैरोलिना मुचोवा की वापसी

उन्नतीस वर्षीय कैरोलिना मुचोवा भी पहली बार ऑल इंग्लैंड क्लब के सेमीफाइनल में पहुंची हैं। यहां उनका रिकॉर्ड पिछले कुछ समय से अच्छा नहीं रहा था और वर्ष 2021 के बाद से वे विंबलडन में एक भी मैच नहीं जीत पाई थीं। हालांकि, पिछले छह सत्रों में वे बाकी तीन ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल तक पहुंची हैं, लेकिन विंबलडन में उन्हें लगातार चार बार पहले ही राउंड में हार का सामना करना पड़ा। अपनी रचनात्मकता और विविधता के लिए पहचानी जाने वाली मुचोवा का खेल उस सतह के लिए बिल्कुल मुफीद है जो उनकी कलात्मकता को पुरस्कृत करती है। पिछले साल कलाई की चोट के कारण वे 10 महीने तक कोर्ट से दूर रही थीं। एक समय तो डॉक्टरों ने उन्हें शरीर पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव के कारण टेनिस छोड़ने की सलाह तक दे दी थी। अब मुचोवा का कहना है कि वे इस बात के लिए बेहद शुक्रगुजार हैं कि वे आज खेलने की स्थिति में हैं और अतीत की बड़ी समस्याओं से मुक्त हैं। वे खुश हैं कि अब वे अपने खेल का बेहतर प्रदर्शन कर पा रही हैं।

मार्टा कोस्तियुक का नया सफर

चौबीस वर्षीय मार्टा कोस्तियुक क्ले कोर्ट सीजन के दौरान काफी मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरी थीं और फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंचने से पहले उन्होंने लगातार दो खिताब अपने नाम किए थे। विंबलडन से ठीक पहले उन्होंने कोई टूर्नामेंट नहीं खेला और इसके बजाय अपने घर यूक्रेन वापस लौट गईं, जहां उन्होंने ग्रीस में छुट्टियां बिताईं। हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि उनकी क्ले कोर्ट वाली फॉर्म घास पर भी काम आएगी, लेकिन इस साल के चैंपियनशिप से पहले वे भी दो साल से घास पर कोई मैच नहीं जीत सकी थीं। कोस्तियुक के मुताबिक, उन्होंने विंबलडन में खेले गए पिछले कई वर्षों में बहुत खराब प्रदर्शन किया था और वे इस सतह पर अपना खेल नहीं ढूँढ पा रही थीं।

तीन हफ्ते पहले जब वे लंदन पहुंचीं, तब भी वे पूरी तरह आश्वस्त नहीं थीं। प्रैक्टिस सेट के दौरान सेरेना विलियम्स और जेसिका पेगुला के हाथों हारने के बाद उनका आत्मविश्वास और भी गिर गया था, लेकिन उनकी कोच सैंड्रा ज़ानिएव्स्का के शब्दों ने सब बदल दिया। कोस्तियुक ने अपनी कोच से ईमानदारी से पूछा था कि क्या उन्हें लगता है कि घास उनके खेल के लिए उपयुक्त है, जिस पर सैंड्रा ज़ानिएव्स्का ने बिना किसी झिझक के शत प्रतिशत सहमति जताई। कोस्तियुक का कहना है कि उस आश्वासन ने उन्हें एक नई उम्मीद दी जिसे वे मजबूती से पकड़ कर आगे बढ़ीं।

लिंडा नोस्कोवा की बढ़ती निरंतरता

लिंडा नोस्कोवा को लंबे समय से एक ऐसी भविष्य की स्टार माना जा रहा है जो ग्रैंड स्लैम खिताब की दावेदारी पेश कर सकती है। वर्ष 2022 में वे टॉप 100 में सबसे युवा खिलाड़ी बनी थीं। वर्ष 2024 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल तक का उनका सफर उनकी प्रतिभा को साबित करता है, हालांकि ग्रैंड स्लैम में निरंतर प्रदर्शन करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। ट्रेसी ऑस्टिन के अनुसार, लिंडा नोस्कोवा अभी मात्र 21 साल की हैं और काफी हद तक लोगों की नजरों से दूर रही हैं, जिसका मुख्य कारण उनका मेजर टूर्नामेंट्स में गहराई तक न पहुंच पाना है। उनके रिकॉर्ड में उतार-चढ़ाव रहे हैं, लेकिन अब उनमें पहले के मुकाबले अधिक निरंतरता दिख रही है। लिंडा नोस्कोवा पिछले साल विंबलडन के चौथे राउंड तक पहुंची थीं और इस बार बर्लिन में खिताब जीतकर उन्होंने अपनी दावेदारी और मजबूत की है। उनका कहना है कि पिछले साल से ही उन्हें घास पर काफी सहज महसूस होने लगा था, जिससे वे अगले सीजन के लिए उत्सुक रहती हैं। उनके अनुसार, जब आप मैदान पर सहज महसूस करते हैं, तो खेल अपने आप बेहतर होने लगता है।

सवाल-जवाब

इस साल के विंबलडन सेमीफाइनल में महिला वर्ग में कौन सी खिलाड़ी शामिल हैं?
सेमीफाइनल में कोको गॉफ, मार्टा कोस्तियुक, कैरोलिना मुचोवा और लिंडा नोस्कोवा पहुंची हैं।
क्या कोको गॉफ ने पहले कभी विंबलडन जीता है?
नहीं, कोको गॉफ ने अभी तक विंबलडन नहीं जीता है। उनके नाम केवल यूएस ओपन और फ्रेंच ओपन के खिताब दर्ज हैं।
कौन से खिलाड़ी को घास पर खेलने के लिए पहले संघर्ष करना पड़ा था?
कोको गॉफ, मार्टा कोस्तियुक, कैरोलिना मुचोवा और लिंडा नोस्कोवा सभी को अतीत में ग्रास कोर्ट पर समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
कोको गॉफ को सर्विसिंग में सुधार करने में किसने मदद की?
कोको गॉफ ने बायोमैकेनिक्स एक्सपर्ट गैविन मैकमिलन की मदद ली थी।
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