यूट्यूब एक्सपर्ट के आसान टिप्स: प्रूनिंग और खास खाद से गुड़हल में आएंगे ढेरों फूलभारत NCAP सेफ्टी असेसमेंट में टाटा की इस इलेक्ट्रिक कार का जलवा, पंच ईवी को मिली 5 स्टार रेटिंगअमेरिकी आव्रजन एजेंसी आईसीई के नए अनुबंधों में डिटेंशन सेंटरों पर राज्य कानून लागू न होने का दावाडायबिटीज कंट्रोल और तेजी से वजन घटाने में असरदार है क्विनोआ-वेजिटेबल खिचड़ी, देखें पूरी रेसिपीग्लासगो में जैस्मीन लांबोरिया ने क्वार्टरफाइनल जीतकर पक्का किया 10वां पदक, मुक्केबाजी में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनग्लास्गो में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार रिकॉर्ड, साक्षी और नरेंदर समेत 5 और खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंचेकाठमांडू को क्यों कहते हैं मोमो का गढ़ और हर दिन इसे खाने के क्या हैं सेहत संबंधी खतरेन्यू मेक्सिको में ठंडे पड़े जिओथर्मल वेल को एआई और एडवांस ड्रिलिंग से मिला नया जीवनरात में बाइक चलाते वक्त कम दिख रही सड़क? रोशनी दोगुनी करने के लिए आजमाएं ये 5 असरदार तरीकेइथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के खिलाफ टाउनहॉल रोकने का आरोप, अरविंद केजरीवाल ने कहा पुलिस कार्रवाई से नहीं डरेगा देश
लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटर पर शिकंजा, नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले 5 गिरफ्तार, तीन युवतियां शामिलउत्तर प्रदेश
12 जून 2026, 11:50 pm (47 दिन पहले)· 0

लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटर पर शिकंजा, नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले 5 गिरफ्तार, तीन युवतियां शामिल

लखनऊ साइबर क्राइम सेल ने नामी कंपनियों में ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 19 से 21 साल की तीन युवतियां शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर क्राइम सेल ने एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन युवतियां भी हैं, जिनकी उम्र 19 से 21 साल के बीच बताई जा रही है। यह कॉल सेंटर नौकरी दिलाने के बहाने भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाता था। मिली जानकारी के मुताबिक, यहां से अमूल, Amazon, इंफोसिस, फ्लिपकार्ट, सुजुकी, पार्ले और सिप्ला जैसी जानी-मानी कंपनियों में ऑनलाइन जॉब लगवाने का लालच देकर ठगी की जाती थी।

कैसे रचा जाता था ठगी का जाल

आरोपियों से हुई पूछताछ में पुलिस को पता चला कि यह गिरोह Fresherworld.com और Shine.com जैसी वेबसाइटों से प्राइवेट नौकरी तलाश रहे अभ्यर्थियों का डाटा खरीदता था और फिर अपने कॉल सेंटर से इन्हीं लोगों को फोन कराता था। जैसे ही कोई अभ्यर्थी नौकरी में दिलचस्पी दिखाता, उसकी कॉल गिरोह के किसी सदस्य को ट्रांसफर कर दी जाती थी। इसके बाद उसे अमूल, Amazon, इन्फोसिस, फ्लिपकार्ट, मैनकाइंड, सुजुकी, पार्ले और सिप्ला जैसी कंपनियों में मोटी सैलरी पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। फिर इन कंपनियों के फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, अप्रूवल लेटर और रजिस्ट्रेशन लेटर व्हाट्सऐप के जरिए भेजे जाते थे और रजिस्ट्रेशन फीस, गेट-पास चार्ज तथा इन्टरव्यू चार्ज के नाम पर रकम फर्जी बैंक खातों में जमा करा ली जाती थी।

ये भी पढ़ें

छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर में ठगी के लिए इस्तेमाल हो रहे 11 की-पैड मोबाइल फोन, 02 एन्ड्रॉयड मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 102 वर्क डाटा शीट और 26 फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, अप्रूवल लेटर व रजिस्ट्रेशन लेटर आदि बरामद किए हैं। बरामद की-पैड मोबाइल फोनों के नंबर और IMEI को जब एनसीआरपी पोर्टल पर जांचा गया, तो सामने आया कि इन नंबरों और IMEI के खिलाफ देशभर से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें शिकायतकर्ताओं को बड़ी कंपनियों में ऑनलाइन जॉब दिलाने के नाम पर ठगा गया था।

कौन-कौन हुए गिरफ्तार

पुलिस ने इस गिरोह के मैनेजर जीशान खान, टीम लीडर और कॉलर सतीश पाल, कॉलर सोनाली चौरसिया, कॉलर शिवानी वर्मा और नीलू वर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा कॉल सेंटर में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबर, IMEI और बैंक खातों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों के साइबर पुलिस पोर्टल पर लाखों रुपये की ठगी से जुड़ी 60 से ज्यादा ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इन सभी शिकायतकर्ताओं से संपर्क करने की कोशिश में जुटी है।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR