हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा पर गहरा संकट खड़ा करने वाली एक सनसनीखेज घटना के बाद अब जांच एजेंसियां आरोपी पायलट के पुराने रिकॉर्ड खंगालने में जुट गई हैं। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में साथी कैप्टन स्मित मच्छर पर हिंसक हमला करने और प्लेन का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वाले ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हमामी का अतीत अब गंभीर जांच के दायरे में आ चुका है। इस विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे, जिनकी जान को गंभीर खतरे में डालते हुए आरोपी ने बंद कॉकपिट के भीतर मुख्य कैप्टन को लहूलुहान कर दिया था। इस घटना के बाद विभिन्न देशों के सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है और आरोपी के हर एक पुराने कदम की पड़ताल की जा रही है।
न्यूजीलैंड में बिताए गए 175 दिनों की शुरू हुई समीक्षा
इस पूरे मामले की कड़ियां तलाशते हुए अब न्यूजीलैंड का संबंध भी खुलकर सामने आया है। न्यूजीलैंड पुलिस के सहायक आयुक्त माइकल जॉनसन ने औपचारिक रूप से पुष्टि की है कि हम्माम अल-हमामी साल 2018-19 के दौरान वहां मौजूद था। आव्रजन दस्तावेजों के ब्योरे के अनुसार, अल-हमामी 30 नवंबर 2018 को न्यूजीलैंड पहुंचा था और उसके बाद 23 मई 2019 को उसने देश छोड़ा था। छह महीने के स्टूडेंट वीजा पर रहते हुए उसने वहां कुल 175 दिन बिताए थे। सहायक आयुक्त के अनुसार, अब पुलिस उन 175 दिनों के दौरान उसके रहने, उठने-बैठने और हर तरह की गतिविधियों के पूरे रिकॉर्ड की दोबारा गहराई से समीक्षा कर रही है ताकि उसके अतीत का कोई भी पहलू अनसुलझा न रह जाए।
यूके की कंपनी से जुड़ा था उड़ान प्रशिक्षण
न्यूजीलैंड में अल-हमामी की मौजूदगी का सीधा संबंध विमान उड़ाने के प्रशिक्षण से था। माइकल जॉनसन ने बताया कि अल-हमामी एक यूके-आधारित कंपनी के तहत अपने फ्लाइट ट्रेनिंग प्रोग्राम का एक अहम हिस्सा पूरा करने के लिए न्यूजीलैंड आया था। हालांकि, प्रशिक्षण देने वाली यह ब्रिटिश कंपनी अब न्यूजीलैंड में अपना कोई भी कामकाज या संचालन नहीं करती है। पुलिस का कहना है कि उस समय उसके रुकने का आधिकारिक उद्देश्य पूरी तरह से उड़ान प्रशिक्षण और उससे जुड़ी गतिविधियों तक सीमित था। चूंकि अब उसी पायलट पर हवा में कॉकपिट का कंट्रोल जबरन छीनने और खूनी हमला करने का गंभीर आरोप लगा है, इसलिए जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या प्रशिक्षण के दिनों में भी उसने कोई असामान्य या संदिग्ध व्यवहार दिखाया था।
विमान सुरक्षा और पायलटों के बैकग्राउंड पर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं
इस खतरनाक घटना ने वैश्विक विमानन उद्योग में पायलटों की मानसिक स्थिति और उनकी पृष्ठभूमि की जांच प्रक्रिया को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। न्यूजीलैंड पुलिस अब उन पुराने छह महीनों की एक-एक फाइल खंगाल रही है ताकि यह साफ हो सके कि वहां रहने के दौरान अल-हमामी किन लोगों के संपर्क में आया था और उसकी दिनचर्या कैसी थी। यद्यपि अब तक के आधिकारिक दस्तावेजों में उसका उद्देश्य केवल ट्रेनिंग पूरी करना ही दर्ज है, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आने की संभावना बनी हुई है। पुलिस की इस विस्तृत समीक्षा से यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि इस बड़ी साजिश की शुरुआत कहां से हुई थी।





















