भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों में शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान 6 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी द्वारा पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा के बाद निवेशकों में बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर लगभग 80 प्रतिशत तक घट गया है। हालांकि, इस अवधि के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 9 प्रतिशत बढ़कर ₹95,799 करोड़ पर पहुंच गया। इस तीखी गिरावट के कारण टाटा समूह के अन्य शेयरों के बीच यह स्टॉक शुक्रवार को शीर्ष नुकसान दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहा। कंपनी के शेयरों में आई इस सुस्ती के पीछे हाल ही में टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद समूह के शेयरों में बने दबाव को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे और मुनाफे में भारी गिरावट
चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही के दौरान टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 78.54 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ सिमटकर ₹859 करोड़ पर आ गया, जो कि FY26 की पहली तिमाही में दर्ज किए गए ₹4,003 करोड़ के मुकाबले काफी कम है। मुनाफे में आई इस तेज गिरावट के बावजूद कंपनी के राजस्व प्रदर्शन में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 9.3 प्रतिशत बढ़कर ₹95,800 करोड़ (सटीक आंकड़ा ₹95,799 करोड़) दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹87,677 करोड़ रहा था।
वित्तीय आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि कंपनी के परिचालन मार्जिन पर काफी दबाव बना हुआ है। कंपनी का EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 130 bps घटकर 7.4 प्रतिशत रह गया है। वहीं दूसरी ओर, EBIT मार्जिन में भी 90 bps की गिरावट आई है और यह घटकर 2.4 प्रतिशत पर आ गया है। असाधारण मदों से पहले कंपनी का कर पूर्व लाभ (PBT) इस तिमाही के लिए ₹1,600 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि कर पश्चात लाभ (PAT) ₹900 करोड़ पर रहा।
वाहन बिक्री और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट का प्रदर्शन
व्यापारिक बिक्री के मोर्चे पर टाटा मोटर्स ने इस तिमाही के दौरान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कुल 82,574 कारों और SUV की बिक्री दर्ज की। यह आंकड़ा FY26 की पहली तिमाही में बेची गई 124,809 इकाइयों के मुकाबले 46 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्शाता है। इस बिक्री आंकड़े में टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की कुल बिक्री मात्रा भी शामिल है। कंपनी के इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट ने इस अवधि में असाधारण प्रदर्शन करते हुए 112 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हासिल की और अपनी बिक्री मात्रा को दोगुने से भी अधिक बढ़ा लिया।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के वाहन पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, खुदरा पंजीकरण के क्षेत्र में कंपनी की वृद्धि दर लगभग 40 प्रतिशत YoY दर्ज की गई। यह प्रदर्शन ऑटोमोबाइल उद्योग की समग्र औसत वृद्धि दर से लगभग दोगुना है, जो कि कंपनी की खुदरा मांग में बनी मजबूती को उजागर करता है।
जगुआर लैंड रोवर का वैश्विक बिक्री प्रदर्शन
टाटा मोटर्स की लग्जरी वाहन इकाई जगुआर लैंड रोवर (JLR) के प्रदर्शन में मिले-जुले रुझान देखे गए। चीन संयुक्त उद्यम को छोड़कर JLR की होलसेल बिक्री 79,300 इकाइयां रही, जिसमें सालाना आधार पर 9.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, FY26 की चौथी तिमाही की तुलना में JLR की होलसेल बिक्री में 16.8 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं अगर खुदरा बिक्री (Retail Sales) की बात करें तो JLR ने 80,000 इकाइयों की बिक्री दर्ज की, जो कि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 15.3 प्रतिशत कम है।
शेयर का कारोबारी दायरा और 52-सप्ताह का स्तर
शुक्रवार को टाटा मोटर्स के शेयर का इंट्राडे कारोबारी दायरा ₹337.79 से ₹329 प्रति शेयर के बीच रहा। बाजार में आई इस हालिया गिरावट के साथ ही यह शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर से 54.96 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। सप्ताह के शुरुआती दिनों में टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन के पद छोड़ने की घोषणा के बाद से ही टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ था, जो इस निराशाजनक तिमाही परिणाम के बाद और गहरा गया।
मोतीलाल ओसवाल की ब्रोकर्स रिपोर्ट और रेटिंग
प्रमुख ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने टाटा मोटर्स के शेयर पर अपनी हालिया शोध रिपोर्ट में SELL रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने प्रति शेयर ₹310 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो कि वर्तमान बाजार मूल्य से लगभग 11 प्रतिशत के डाउनसाइड नुकसान की ओर इशारा करता है।
अपनी रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने उल्लेख किया है कि पहली तिमाही में JLR के प्रदर्शन के उम्मीद से बेहतर रहने के कारण उन्होंने FY27 के लिए अपने EPS अनुमान में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। हालांकि, आगामी समय में उपस्थित कई विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए ब्रोकरेज ने FY28 के अनुमानों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारतीय कारोबार में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भले ही बढ़ रही हो, लेकिन प्रतिकूल उत्पाद मिश्रण और बढ़ती इनपुट लागतों के कारण मार्जिन लगातार दबाव में बने हुए हैं। JLR के समक्ष खड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों और वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए, सोटीपी (SoTP) आधारित ₹310 प्रति शेयर के लक्ष्य मूल्य के साथ शेयर पर बिकवाली की रेटिंग बरकरार रखी गई है।



















