देश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान देश के 12 लाख से ज्यादा परिवारों ने अपनी छतों पर लगे सोलर पैनल से जरूरत से ज्यादा बिजली का उत्पादन किया। इस अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचकर इन परिवारों ने कुल ₹421 करोड़ की कमाई हासिल की है, जो औसतन प्रत्येक परिवार के लिए करीब 3,500 रुपये की सालाना अतिरिक्त आय बैठती है।
19 लाख घरों के बिजली बिल पूरी तरह शून्य हुए
इस योजना के कारण देश के लाखों आम लोगों को भारी-भरकम बिजली बिलों से बड़ी राहत मिली है। मंत्रालय के अनुसार, केवल जुलाई 2026 के एक ही महीने में देश भर के 5.06 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए, जो अब तक का एक महीने में सबसे अधिक इंस्टॉलेशन का आंकड़ा है। इसके साथ ही सरकार की तरफ से पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से अब तक कुल 28,024 करोड़ रुपये की सब्सिडी पहुंचाई जा चुकी है। इन सभी पहलों का सकारात्मक नतीजा यह सामने आया है कि देश के लगभग 19 लाख परिवारों के बिजली के बिल पूरी तरह से जीरो हो गए हैं।
देशभर में पांच लाख से अधिक सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस महत्वकांक्षी योजना के अंतर्गत अब तक पूरे देश में 50.06 लाख से ज्यादा घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में इस बात पर भी प्रकाश डाला है कि यह बड़ी उपलब्धि योजना की औपचारिक शुरुआत के महज दो साल से थोड़े अधिक समय के भीतर ही हासिल कर ली गई है। तुलनात्मक रूप से देखें तो इस योजना के आने से पहले के 10 वर्षों के लंबे अंतराल में केवल 7.94 लाख रूफटॉप सोलर प्लांट ही देश भर में लग पाए थे, जो इस योजना की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
सोलर प्लांट लगाने की रफ्तार में आया भारी उछाल
कुल 75,021 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय वाली इस योजना के चलते देश भर में रूफटॉप सोलर क्षमता का विस्तार बेहद तेजी से हो रहा है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले 9 महीनों के दौरान रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने की रफ्तार में 3.2 गुना की जोरदार तेजी दर्ज की गई है। इस प्रगति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अक्टूबर 2025 के दौरान जहां देश में हर रोज औसतन 5,038 रूफटॉप सोलर प्लांट लग रहे थे, वहीं जुलाई 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर रोजाना 16,328 सोलर प्लांट पर पहुंच गया।
सरकारी इमारतों और वेंडर्स नेटवर्क का हुआ विस्तार
इस योजना के विस्तार के साथ-साथ देश में रोजगार और हरित बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया गया है। इसके तहत देश भर में कुल 34,219 पंजीकृत विक्रेताओं का एक व्यापक नेटवर्क तैयार हुआ है, जिनमें से 29,469 वेंडर अभी पूरी तरह से सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र में कुशल श्रम शक्ति तैयार करने के लिए 2.32 लाख से अधिक लोगों को विशेष ट्रेनिंग दी जा चुकी है। आम नागरिकों के घरों के साथ-साथ सरकारी क्षेत्र में भी इस अभियान को आगे बढ़ाया गया है, जिसके तहत केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों द्वारा चिन्हित की गई कुल 1.06 लाख सरकारी इमारतों की छतों पर भी सोलर प्लांट सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं।



















