डिज्नी में खर्च घटाने के लिए नए सिरे से छंटनी की तैयारी, मैनेजर्स को मिला 20 फीसदी बचत का लक्ष्यघर के गमलों को सूखने से बचाने और बेहतर हरियाली के लिए अपनाएं जरूरी बागवानी नियमनीम, गुलाब जल और एलोवेरा से तैयार करें घरेलू फेस क्लींजर, चेहरे के मुहांसों और दाग-धब्बों से मिलेगी राहतजर्मनी के कमजोर खुदरा बिक्री आंकड़ों और बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों पर फैसले से पहले यूरो में सुस्तीस्विस फ्रैंक के सामने अमेरिकी डॉलर में तेज गिरावट, प्रमुख तकनीकी स्तरों पर दबावछात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा के मंदिर वाले बयान पर गरमाई सियासत, बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशानारोजमर्रा की सब्जियों से हटकर बनाएं करकरे आलू बॉल कोफ्ते, आसान रेसिपी से मिलेगा होटल जैसा स्वादराजस्थान के पुष्कर में स्थित जयपुर घाट पर्यटकों और श्रद्धालुओं को क्यों लुभा रहा हैकांगपोकपी में दो युवकों की हत्या पर फूटा गुस्सा, बंद 48 घंटे और बढ़ास्मार्ट टीवी के पास रखा वाईफाई राउटर बिगाड़ सकता है इंटरनेट स्पीड, जानिए कितनी रखनी चाहिए सुरक्षित दूरी
रेलवे 18 गाड़ियों से हटाएगा सुपरफास्ट का दर्जा, यात्रियों के लिए टिकट के दाम 75 रुपये तक घटेंगेव्यापार
3 नव॰ 2026, 1:02 pm (2 मिनट पहले)· 0

रेलवे 18 गाड़ियों से हटाएगा सुपरफास्ट का दर्जा, यात्रियों के लिए टिकट के दाम 75 रुपये तक घटेंगे

रेलवे 1 जनवरी से सप्तक्रांति और श्रमजीवी जैसी 18 ट्रेनों को सामान्य एक्सप्रेस श्रेणी में तब्दील करने जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुपरफास्ट सरचार्ज नहीं देना पड़ेगा और टिकट 75 रुपये तक सस्ती हो जाएगी।

ट्रेनों में सफर करने वाले मुसाफिरों की जेब को राहत देते हुए रेलवे ने आगामी 1 जनवरी से 18 गाड़ियों की श्रेणी में बड़ा फेरबदल करने का फैसला किया है। प्रमुख रेल मार्गों पर चलने वाली इन 18 गाड़ियों से सुपरफास्ट का तमगा हटाकर इन्हें साधारण एक्सप्रेस श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इस प्रशासनिक बदलाव के चलते इन गाड़ियों के टिकट की कीमतों में 75 रुपये तक की कमी दर्ज की जाएगी। श्रेणी परिवर्तन की इस सूची में मुजफ्फरपुर से आनंद विहार के बीच दौड़ने वाली सप्तक्रांति, राजगीर से नई दिल्ली मार्ग पर चलने वाली श्रमजीवी और टनकपुर से दिल्ली के बीच संचालित पूर्णागिरि जनशताब्दी जैसी बेहद लोकप्रिय और व्यस्त ट्रेनें भी शामिल हैं।

औसत गति में गिरावट बनी बदलाव की मुख्य वजह

रेलवे बोर्ड के मौजूदा दिशा-निर्देशों के मुताबिक, किसी भी रेलगाड़ी को सुपरफास्ट का दर्जा तभी दिया जाता है जब वह आने और जाने की दोनों दिशाओं में न्यूनतम 55 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत रफ्तार हासिल करे। नियमित अंतराल पर की जाने वाली तकनीकी समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि ये गाड़ियां इस तय गति मानक को बनाए रखने में लगातार विफल साबित हो रही थीं। रास्ते में नए ठहराव जुड़ने, रेल मार्गों पर गाड़ियों की बढ़ती आवाजाही के कारण बढ़े ट्रैफिक दबाव और कई अन्य परिचालन संबंधी दिक्कतों की वजह से इनकी रफ्तार में यह गिरावट दर्ज की गई है।

ये भी पढ़ें

नए ट्रेन नंबर और रूटों की नियमित वार्षिक समीक्षा

रेल प्रशासन हर साल अथवा नया टाइम टेबल तैयार करते वक्त सभी गाड़ियों की वास्तविक गति और समयबद्धता का गहन विश्लेषण करता है। समीक्षा के आधार पर जिन 18 ट्रेनों की सुपरफास्ट श्रेणी समाप्त की जा रही है, उनकी पहचान बदलने के साथ-साथ उन्हें नए ट्रेन नंबर भी आवंटित किए गए हैं। इस फेरबदल में मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाली और आनंद विहार से मुजफ्फरपुर लौटने वाली सप्तक्रांति ट्रेन भी सीधे तौर पर प्रभावित होगी।

श्रेणी हटने से जानिए किस क्लास में कितना घटेगा किराया

सुपरफास्ट श्रेणी हटने का सीधा आर्थिक लाभ यात्रियों को किराए में मिलने वाली छूट के रूप में मिलेगा। अब तक इन गाड़ियों में यात्रा करने पर मूल किराए के साथ अनिवार्य सुपरफास्ट अधिभार वसूला जाता रहा है, जो अब सामान्य एक्सप्रेस बनते ही खत्म कर दिया जाएगा। इस शुल्क के हटने से स्लीपर क्लास के टिकट पर 30 रुपये तक की बचत होगी। वहीं थर्ड एसी, 3E, सेकंड एसी और एसी चेयरकार के सफर में टिकट 45 रुपये तक सस्ता हो जाएगा। इसके अलावा फर्स्ट एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास में यात्रा करने वाले मुसाफिरों को प्रति टिकट 75 रुपये तक की सबसे बड़ी राहत मिलेगी।

सवाल-जवाब

ट्रेनों से सुपरफास्ट का दर्जा कब से हटाया जा रहा है?
यह बदलाव अगले साल 1 जनवरी से प्रभावी होगा।
सुपरफास्ट श्रेणी हटने से टिकट कितनी सस्ती हो जाएगी?
सुपरफास्ट चार्ज खत्म होने से यात्रियों का टिकट अलग-अलग श्रेणियों में 30 रुपये से लेकर 75 रुपये तक सस्ता हो जाएगा।
किन मशहूर ट्रेनों को इस सूची में शामिल किया गया है?
सूची में मुजफ्फरपुर-आनंद विहार सप्तक्रांति, राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी और टनकपुर-दिल्ली पूर्णागिरि जनशताब्दी जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं।
रेलवे में सुपरफास्ट ट्रेन का दर्जा पाने के लिए न्यूनतम रफ्तार क्या होनी चाहिए?
रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुसार किसी ट्रेन की दोनों दिशाओं में औसत गति कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटा होनी आवश्यक है।
किस क्लास में टिकट का किराया कितना कम होगा?
स्लीपर क्लास में 30 रुपये, थर्ड एसी, 3E, सेकंड एसी और एसी चेयरकार में 45 रुपये तथा फर्स्ट एसी व एग्जीक्यूटिव क्लास में 75 रुपये तक किराया कम होगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp