शिकागो यूनिवर्सिटी के फ्रैट हाउस में युवती से बर्बरता, कॉर्नेल कांड के बाद कैंपस सुरक्षा पर उठे गंभीर सवालबेंगलुरु कॉलेज शो में अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर सोनू निगम का बयान, पहलगाम हमले के संदर्भ की बताई वजहराजस्थान में रेगिस्तान के जहाज को बचाने और डेयरी से आजीविका संवारने को दो बड़े संस्थान आए साथदलाल स्ट्रीट पर लौटी रौनक, सॉफ्टवेयर कंपनियों में जोरदार खरीदारी से चमके प्रमुख सूचकांकउपवास में दिनभर चुस्त रखेगा पौष्टिक फलाहारी मखाना सूप, घर पर ऐसे करें तैयारइमरान खान को देश छोड़ने के निर्देश पर गजेंद्र चौहान का तीखा बयान, 24 घंटे के भीतर बाहर करने की उठाई मांगसमस्तीपुर में कंटेनर के गुप्त तहखाने से निकली स्कॉर्पियो, 40 लाख रुपये की 2610 लीटर विदेशी शराब जब्तएशियाई खेलों में दोहरे स्वर्ण पदक के बाद प्रधानमंत्री से मिले भारतीय क्रिकेटर, सौंपी हस्ताक्षरित जर्सीउत्तराखंड में सौहार्द और आजादी के तराने गाती नैनीताल की सवा सदी पुरानी रामलीलाउत्तराखंड पुलिस ने अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच पर रखा ब्योरा, 88 दिनों में दायर हुआ था 500 पन्नों का आरोपपत्र
बिलासपुर की बहनों का नया स्टार्टअप, गरबा और शादी के डिजाइनर कपड़े अब किराए पर उपलब्धछत्तीसगढ़
15 अक्तू॰ 2026, 8:10 pm (1 घंटे पहले)· 0

बिलासपुर की बहनों का नया स्टार्टअप, गरबा और शादी के डिजाइनर कपड़े अब किराए पर उपलब्ध

बिलासपुर में दो बहनों ने कपड़ों का रेंटल स्टूडियो शुरू किया है, जहां गरबा ड्रेस 400 रुपये और शादी के परिधान 1,000 रुपये से किराए पर मिल रहे हैं।

त्योहारों और शादियों के सीजन में हर किसी की चाहत सबसे अलग और खास दिखने की होती है। खासकर युवतियों और महिलाओं में हर उत्सव, पारिवारिक कार्यक्रम, हल्दी या संगीत में एकदम नया और ट्रेंडी परिधान पहनने का जबरदस्त क्रेज देखा जाता है। सोशल मीडिया और बदलते लाइफस्टाइल के दौर में एक बार पहनी गई ड्रेस दोबारा दोहराने से लोग अक्सर बचते हैं। मगर वास्तविकता यह भी है कि सिर्फ एक दिन के जलसे के लिए हजारों रुपये खर्च करके भारी भरकम डिजाइनर लहंगे या पारंपरिक परिधान खरीदना आम परिवार के बजट पर भारी पड़ जाता है। इसी व्यवहारिक समस्या को बिलासपुर की दो बहनों ने समझा और इसे एक बेहतरीन कारोबारी अवसर में तब्दील कर दिया। दोनों बहनों ने शहर में एक आधुनिक कपड़ों का रेंटल स्टूडियो स्थापित किया है, जिसके जरिए लोगों को महंगे कपड़े खरीदने के आर्थिक बोझ से बड़ी राहत मिल रही है।

सूरत से मंगवाया जा रहा नया स्टॉक और निवेश की रूपरेखा

इस कारोबार की मजबूत नींव रखने के लिए कपड़ों के चयन और उनकी विविधता पर खास ध्यान दिया गया है। स्टूडियो की संचालक कुसुम साहू कपड़ों की थोक खरीदारी के लिए गुजरात के प्रमुख कपड़ा केंद्र सूरत से सीधा स्टॉक मंगाती हैं। अलग-अलग थीम, फैब्रिक और पैकेज के अनुसार एक बार में नया स्टॉक तैयार करने के लिए एक लाख रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक की पूंजी का निवेश करना पड़ता है। फैशन की दुनिया में लगातार नए ट्रेंड आते रहते हैं, इसलिए ग्राहकों की रुचि बनाए रखने के लिए हर छह महीने के अंतराल पर नए डिजाइन और पैटर्न का नया संग्रह शामिल किया जाता है। सूरत से सीधे उत्पाद जुटाने के कारण कपड़ों की फिनिशिंग और वैरायटी दोनों बेहतरीन स्तर की बनी रहती हैं, जिससे ग्राहकों को महानगरों जैसा चयन अपने ही शहर में मिल जाता है।

ये भी पढ़ें

ब्यूटीशियन कोर्स के दौरान उपजा बिजनेस का अनूठा विचार

इस उद्यम की शुरुआत अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे गहरी समझ और योजना शामिल रही है। कुसुम साहू जब ब्यूटीशियन का पेशेवर कोर्स कर रही थीं, तब उन्होंने देखा कि सौंदर्य और फैशन के क्षेत्र में पारंपरिक काम करने वालों की भारी भीड़ है। बाजार में पहले से मौजूद कड़े मुकाबले के बीच वे कुछ ऐसा अलग और लीक से हटकर करना चाहती थीं, जिसकी जरूरत हर महिला को महसूस होती हो। अपने परिचितों और सहेलियों के साथ बातचीत के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि महंगे परिधानों को खरीदने के बजाय किराए पर उपलब्ध कराने की दिशा में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी बहन के साथ मिलकर इस पूरी योजना की रूपरेखा तैयार की। पारिवारिक सहयोग से दोनों बहनों ने इस विचार को धरातल पर उतारा और अप्रैल के महीने में अपने रेंटल स्टूडियो की विधिवत शुरुआत कर दी।

किफायती दरों में गरबा ड्रेस और शादी-पार्टी के खास परिधान

इस स्टूडियो में मिलने वाले कपड़ों की किराया दरें बेहद किफायती और पारदर्शी रखी गई हैं। नवरात्रि और डांडिया उत्सव के दौरान पारंपरिक गरबा परिधानों की जबरदस्त मांग रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए यहां गरबा ड्रेस का किराया मात्र 400 रुपये से शुरू होता है। इसके अलावा शादी, सगाई, रिसेप्शन और पार्टी में पहने जाने वाले डिजाइनर कपड़ों का किराया 1,000 रुपये से उपलब्ध कराया गया है। ग्राहक अपनी पसंद, शारीरिक नाप और बजट के मुताबिक हल्के काम वाले परिधानों से लेकर भारी कसीदाकारी वाले कपड़े भी चुन सकते हैं। एक बार के कार्यक्रम के लिए भारी रकम खर्च करने के बजाय कम किराए पर मनपसंद ड्रेस मिलना ग्राहकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है।

वेस्टर्न लुक से लेकर ब्राइडल लहंगे और मैचिंग ज्वेलरी की सुविधा

स्टूडियो के भीतर हर तरह के आयोजनों के अनुरूप कपड़ों की पूरी श्रृंखला सजाई गई है। यहां युवतियों के लिए आधुनिक वेस्टर्न ड्रेसेस, पारंपरिक गरबा आउटफिट, रिसेप्शन के डिजाइनर लहंगे और दुल्हन के लिए खास ब्राइडल कलेक्शन उपलब्ध हैं। हल्दी, मेहंदी, संगीत और शादी जैसे सभी आयोजनों के लिए अलग-अलग थीम के कपड़े यहां मिल जाते हैं। इसके साथ ही आज के दौर में होने वाले आउटडोर और इनडोर फोटोशूट के लिए भी युवतियां यहां से कपड़े किराए पर ले जाती हैं। इस रेंटल स्टूडियो की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कपड़ों के साथ मैचिंग ज्वेलरी सेट भी दिया जाता है। इस व्यवस्था से ग्राहकों को गहनों के लिए अलग से दुकानों के चक्कर काटने या अतिरिक्त पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती और उन्हें एक ही छत के नीचे पूरा लुक तैयार मिल जाता है।

दैनिक ग्राहकों की भीड़, मेंटेनेंस और आत्मनिर्भरता की राह

अप्रैल में शुरू हुए इस कारोबार को अब करीब छह महीने का समय बीत चुका है। नवरात्रि और गरबा के माहौल में स्टूडियो में ग्राहकों की भारी आवाजाही देखी जा रही है, जहां प्रतिदिन औसतन 15 से 20 ग्राहक पहुंच रहे हैं। कई बार मांग इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि पसंदीदा ड्रेसेस का स्टॉक हाथों-हाथ खत्म हो जाता है। हालांकि कपड़ों के रेंटल कारोबार में संचालन से जुड़ी कई चुनौतियां भी होती हैं। हर बार कपड़ा वापस आने पर उसकी पेशेवर ड्राई क्लीनिंग करानी पड़ती है, मामूली टूट-फूट या सिलाई की मरम्मत होती है और हर ग्राहक के अनुसार ब्लाउज की फिटिंग करानी पड़ती है। अगर कोई ग्राहक कपड़े को असामान्य रूप से गंदा या क्षतिग्रस्त करता है, तो इसके लिए अतिरिक्त चार्ज लिया जाता है। प्रतिदिन दुकान का पूरा प्रबंधन कुसुम स्वयं संभालती हैं, जबकि उनकी बहन आवश्यकतानुसार पूरा सहयोग देती हैं। परिवार के मजबूत साथ के दम पर दोनों बहनें आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।

सवाल-जवाब

बिलासपुर के इस रेंटल स्टूडियो में गरबा ड्रेस का किराया कितना है?
इस रेंटल स्टूडियो में गरबा ड्रेस का किराया 400 रुपये से शुरू होता है।
शादी और पार्टी के कपड़ों का किराया किस दर पर उपलब्ध है?
शादी, पार्टी और अन्य आयोजनों के कपड़ों का किराया 1,000 रुपये से शुरू होता है।
क्या कपड़ों के साथ मैचिंग ज्वेलरी भी दी जाती है?
हां, इस स्टूडियो में ग्राहकों को कपड़ों के साथ मैचिंग ज्वेलरी सेट भी उपलब्ध कराया जाता है।
स्टूडियो के लिए नया कपड़ा कहां से मंगवाया जाता है?
स्टूडियो के लिए कपड़ों का नया स्टॉक गुजरात के सूरत शहर से मंगवाया जाता है।
नए स्टॉक को लाने में कितना निवेश करना पड़ता है?
कलेक्शन और पैकेज के हिसाब से एक बार में 1 से 3 लाख रुपये तक का निवेश करना पड़ता है।
त्योहारी सीजन में रोजाना कितने ग्राहक स्टूडियो पहुंच रहे हैं?
नवरात्रि और गरबा सीजन के दौरान स्टूडियो में रोजाना लगभग 15 से 20 ग्राहक पहुंच रहे हैं।
कपड़े खराब होने पर क्या कोई अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है?
हां, यदि कपड़े खराब या क्षतिग्रस्त होते हैं, तो ग्राहकों से अतिरिक्त चार्ज लिया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·33 मिनट पहले

400 रुपये में गरबा ड्रेस और वो भी सूरत की वैरायटी के साथ, कमाल का आइडिया है।

Ravikash Gupta@ravikash·32 मिनट पहले

अ अर्जुन जी, बात तो सही है पर इतने कम बजट में सूरत से मंगाकर मुनाफा निकालना थोड़ा मुश्किल लगता है मुझे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·57 मिनट पहले

₹400 में गरबा ड्रेस और ₹1000 में शादी के कपड़े मिल तो रहे हैं, पर क्या वे इस्तेमाल के बाद भी अच्छी हालत में मिलेंगे?

Rohan Verma@rohan-verma·56 मिनट पहले

करन भाई, क्वालिटी की बात सही है। पर सूरत से डायरेक्ट माल आ रहा है, तो फिनिशिंग ठीक ही होगी, बाकी दुकान पर जाकर ही पता चलेगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR