छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ग्रामीण महिलाओं की गाढ़ी कमाई हड़पने का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां शेयर बाजार में निवेश के नाम पर भारी रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 70 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गई. इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले गिरोह में एक ही परिवार के सदस्य शामिल थे, जिन्होंने सुनियोजित तरीके से गांव की महिलाओं का विश्वास जीतकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए. पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज करते हुए मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल उसके पति और मां की तलाश सरगर्मी से की जा रही है.
शेयर बाजार में रकम दोगुनी करने का दिया लालच
धोखाधड़ी की यह पूरी साजिश ग्रामीणों के सीधेपन का फायदा उठाकर रची गई थी. आरोपी महिला मेनका सारथी, उसके पति अक्षय सारथी और उसकी मां मीरा सोनवानी ने गांव की महिलाओं से संपर्क साधा और दावा किया कि वे शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं. आरोपियों ने महिलाओं को यह भरोसा दिलाया कि यदि वे अपनी जमा पूंजी उन्हें सौंपेंगी, तो बहुत ही कम समय में उनकी रकम दोगुनी कर दी जाएगी. मोटे मुनाफे और रकम डबल होने के इस झांसे में आकर गांव की महिलाएं अपनी बचत लगाने के लिए तैयार हो गईं.
विश्वास जीतने के लिए शुरुआती दौर में बांटा मुनाफा
ग्रामीण महिलाओं के मन से संदेह मिटाने के लिए आरोपियों ने सोची-समझी रणनीति अपनाई. शुरुआती चरण में मेनका सारथी ने कुछ महिलाओं को मुनाफे के तौर पर पैसे लौटाए. जब आसपास की अन्य महिलाओं ने देखा कि शुरुआत में पैसे लगाने वालों को अतिरिक्त लाभ मिल रहा है, तो उनका भरोसा पूरी तरह पुख्ता हो गया. इसके बाद गांव की 11 से ज्यादा महिलाओं समेत अन्य लोगों ने भी अपनी पूंजी आरोपियों के हाथों में सौंप दी. देखते ही देखते वसूली गई कुल रकम 70 लाख रुपये के आंकड़े को पार कर गई. आरोपियों पर कुल मिलाकर 70,77,901 रुपये हड़पने का गंभीर आरोप लगा है.
रकम मिलना बंद होने पर फूटा पीड़ितों का गुस्सा
कुछ समय बीतने के बाद जब तय योजना के अनुसार महिलाओं को मुनाफे का भुगतान होना बंद हो गया, तो उन्होंने अपने मूल पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए. हालांकि, आरोपियों ने रकम लौटाने में आनाकानी शुरू कर दी और किसी को भी उनकी जमा पूंजी वापस नहीं मिली. जब पीड़ितों को यह समझ आ गया कि वे एक सुनियोजित ठगी का शिकार हो चुकी हैं, तो मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची.
पुलिस जांच और सक्ती से मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हाराबाई निषाद नामक पीड़ित महिला ने थाने पहुंचकर पुलिस को आपबीती सुनाई और बताया कि उसके साथ-साथ गांव की कई अन्य महिलाओं के साथ बड़ी ठगी की गई है. शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और प्राथमिक जांच शुरू की गई, जिसमें महिलाओं द्वारा लगाए गए तमाम आरोप सही पाए गए. डीएसपी पुष्पेंद्र बघेल के अनुसार, सूचना पर केस दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया गया. पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मेनका सारथी को सक्ती से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात में संलिप्त उसके पति अक्षय सारथी और मां मीरा सोनवानी को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा और पूरे प्रकरण में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.



















