विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए डिजी यात्रा का परीक्षण शुरू, सात बड़े हवाई अड्डों पर ई-पासपोर्ट से मिलेगी डिजिटल एंट्रीबिहार के भागलपुर जंक्शन पर दिनदहाड़े सनसनी, युवक को चाकू घोंपकर मारी गोलीरामलीला मैदान की रैली पर संबित पात्रा का प्रहार, राहुल गांधी के दावों को बताया हकीकत से कोसों दूरमणिपुर के मुख्य सचिव ने थौबल के राहत शिविरों का लिया जायजा, विस्थापितों से मिलकर जानीं समस्याएंवरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय सिंघल ने संभाली आईटीबीपी महानिदेशक की कमानगर्भधारण की राह में योग और पेल्विक कसरत कितनी असरदार, जानिए चिकित्सकीय हकीकतघर पर तैयार करें बाजार जैसी कुरकुरी मसाला मूंगफली, शाम के नाश्ते के लिए आसान तरीकानितेश तिवारी की रामायण के मंगल रंग गाने पर एआर रहमान ने रखी बात, आलोचना को बताया स्वाभाविकरणबीर कपूर ने रामायण के पुष्पक विमान को बताया प्राचीन तकनीक, एलन मस्क की उड़ने वाली कार से जोड़ा संबंधछत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर अचानकमार टाइगर रिजर्व में केवची गेट की शुरुआत, नई जिप्सियों से सफारी हुई आसान
दाल पीठी से बदलें सर्दियों का स्वाद: जानिए बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश का यह पारंपरिक व्यंजन बनाने का आसान तरीकाखानपान
1 नव॰ 2026, 6:38 pm (1 घंटे पहले)· 0

दाल पीठी से बदलें सर्दियों का स्वाद: जानिए बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश का यह पारंपरिक व्यंजन बनाने का आसान तरीका

सर्दियों के दिनों में रोजमर्रा के खाने से अलग स्वाद चाहिए तो अरहर की दाल और गेहूं के आटे से बनी पारंपरिक दाल पीठी एक पौष्टिक और देसी विकल्प है।

सर्दियों के दिनों में खानपान की आदतें स्वाभाविक रूप से बदलने लगती हैं। ठंडे मौसम में अक्सर ऐसे गर्मागर्म व्यंजनों की तलाश रहती है जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ देर तक पेट भरा रखने में भी मदद करें। अगर रोजाना की वही दाल, रोटी और सामान्य सब्जी खाकर बोरियत महसूस होने लगी है, तो बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की बेहद लोकप्रिय पारंपरिक रेसिपी दाल पीठी एक बेहतरीन बदलाव साबित हो सकती है। इसे घर पर बहुत ही सहजता से बनाया जा सकता है और इसके लिए रसोई में पहले से मौजूद सीमित चीजों की ही जरूरत पड़ती है।

जरूरी सामग्री का सही नाप

दाल पीठी तैयार करने के लिए बहुत जटिल मसालों की आवश्यकता नहीं होती। इसके लिए मुख्य रूप से एक कप अरहर की दाल और एक कप गेहूं का आटा चाहिए। तड़के और स्वाद के लिए एक प्याज, दो टमाटर, अदरक-लहसुन का पेस्ट और कटी हुई हरी मिर्च लें। सूखे मसालों और तड़के की सामग्री में जीरा, हींग, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, नमक और अजवाइन की आवश्यकता होगी। साथ ही आटा तैयार करने और तड़का लगाने के लिए शुद्ध देसी घी चाहिए। अंत में गार्निशिंग और ताजे स्वाद के लिए कटा हुआ हरा धनिया इस्तेमाल किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें

आटे की लोई और पीठी तैयार करने का तरीका

इस व्यंजन का पहला चरण गेहूं के आटे की पीठियां तैयार करना है। एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा निकालें और उसमें थोड़ा नमक, अजवाइन तथा आधा चम्मच देसी घी डाल लें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए आटा गूंथना शुरू करें। यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि आटा सामान्य रोटी के आटे की तुलना में थोड़ा सख्त गूंथा जाए। आटा तैयार होने के बाद उसकी छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें बेलकर किसी गिलास या कटर की मदद से गोल आकार में काट लें। इसके बाद उन गोलियों को उंगलियों से किनारों पर मोड़ते और दबाते हुए छोटी कटोरी या फूल जैसी पारंपरिक आकृति दें। इसी विधि से सभी पीठियों को एक-एक कर तैयार करके अलग रख लें।

अरहर की दाल पकाने की प्रक्रिया

पीठियां बनाने के साथ ही अरहर की दाल पकाने की तैयारी करें। दाल को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर प्रेशर कुकर में डालें। इसमें हल्दी, स्वादानुसार नमक और आवश्यकतानुसार पर्याप्त पानी डालकर आंच पर चढ़ाएं। यहां एक बात का विशेष ध्यान रखें कि दाल को पूरी तरह से नहीं गलाना है, बल्कि थोड़ा कसर बाकी रखते हुए ही पकाना है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि बाद में आटे की पीठियों को भी इसी दाल के अंदर डालकर दोबारा पकाया जाएगा।

दाल में पीठियों को पकाने का चरण

जब दाल आधी पक जाए, तो कुकर का ढक्कन खोलें और तैयार की गई आटे की पीठियों को धीरे-धीरे एक-एक करके दाल में डालें। पीठियों को डालते समय हल्के हाथों से करछी चलाएं, ताकि वे तली में न बैठें और आपस में चिपकने से बची रहें। अब इसे मध्यम आंच पर लगभग 12 से 15 मिनट तक पकने दें। जब पीठियां भीतर तक अच्छी तरह से पक जाएं और उनका कच्चापन समाप्त हो जाए, तब गैस बंद कर दें और बर्तन को ढककर रख दें।

देसी घी का पारंपरिक तड़का और परोसने का अंदाज

दाल पीठी का असली स्वाद उसके विशेष तड़के में छिपा होता है। इसके लिए एक अलग कड़ाही या पैन में देसी घी गर्म करें। घी पिघलने पर उसमें जीरा और हींग डालें। इसके बाद बारीक कटा हुआ प्याज, अदरक-लहसुन का पेस्ट और टमाटर डालकर भूनना शुरू करें। जब यह मिश्रण अच्छी तरह भुन जाए, तो इसमें लाल मिर्च और अन्य आवश्यक मसाले मिलाएं तथा तब तक चलाते रहें जब तक कि पूरे मसाले का रंग सुनहरा न हो जाए। इसके बाद इस तड़के में उबली हुई दाल और पकी हुई पीठियां डालकर अच्छी तरह मिला दें।

अब गरमागरम दाल पीठी पूरी तरह तैयार है। इसे तीखी हरी मिर्च, ताजी मूली और पारंपरिक आम के अचार के साथ थाली में परोसें। सर्दियों की शाम के भोजन के लिए यह पौष्टिक और पारंपरिक देसी व्यंजन न केवल स्वाद बदलता है, बल्कि भोजन में एक अलग तरह की विविधता भी जोड़ता है।

सवाल-जवाब

दाल पीठी बनाने के लिए कौन सी दाल सबसे उपयुक्त है?
इस रेसिपी को बनाने के लिए मुख्य रूप से एक कप अरहर की दाल का उपयोग किया जाता है।
दाल पीठी का आटा गूंथते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
आटे में नमक, अजवाइन और थोड़ा घी मिलाकर गूंथें और ध्यान रखें कि आटा सामान्य से थोड़ा सख्त होना चाहिए।
पीठियों को दाल में कितनी देर तक पकाना चाहिए?
पीठियों को दाल में डालने के बाद मध्यम आंच पर लगभग 12 से 15 मिनट तक पकाया जाता है।
दाल पीठी को किस चीज के साथ परोसना सबसे अच्छा माना जाता है?
इसे हरी मिर्च, ताजी कटी मूली और आम के पारंपरिक अचार के साथ गरमागरम परोसा जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp