नाश्ते और शाम के स्नैक्स में हर दिन एक जैसी चीजें खाकर ऊब चुके लोगों के लिए सूखे मेवों से भरपूर नमकीन कचोरी एक नया और जायकेदार विकल्प बनकर सामने आई है। काजू, बादाम, पिस्ता और मूंगफली के साथ तैयार होने वाली यह डिश न केवल खाने में लाजवाब लगती है, बल्कि इसमें पड़ने वाले मसालों की खुशबू भी इसे बेहद आकर्षक बना देती है। चाट मसाला, काली मिर्च, इलायची, जावित्री तथा जायफल का तालमेल इसके स्वाद को सामान्य कचोरियों की तुलना में काफी अलग स्तर पर ले जाता है। इसे सुबह के नाश्ते में, शाम की चाय के साथ या घर पर आए मेहमानों को खास नाश्ते के रूप में परोसने के लिए आसानी से रसोई में तैयार किया जा सकता है।
स्वाद को खास बनाने वाली जरूरी सामग्रियां और उनका माप
फूड एक्सपर्ट मनीषा कुमारी के अनुसार, इस खास व्यंजन को तैयार करने के लिए शुद्ध घी में तले हुए बादाम, काजू और पिस्ते की जरूरत होती है। इसके साथ ही इलायची के दाने, एक छोटा चम्मच काली मिर्च, स्वादानुसार नमक, एक बड़ा चम्मच दाख यानी किशमिश, दो बड़े चम्मच घी में भुना हुआ नारियल का बूरा और 50 ग्राम घी में फ्राई की हुई मूंगफली एकत्रित कर लें। कचोरी की बाहरी परत और भरावन को बांधने के लिए 75 ग्राम मैदा, 30 ग्राम भुना हुआ बेसन, मोयन और तलने के लिए घी, अजवायन, चाट मसाला, जावित्री एवं जायफल पाउडर की आवश्यकता पड़ती है। इन सभी सामग्रियों का सही अनुपात ही कचोरी को उसकी विशिष्ट सुगंध और कुरकुरापन देता है।
भरावन मिश्रण तैयार करने की सही तकनीक
कचोरी की स्टफिंग बनाने के लिए सबसे पहले एक खुले बर्तन में घी में तले हुए बादाम, काजू, पिस्ते और मूंगफली को निकालें। ध्यान रखने वाली बात यह है कि सूखे मेवों के टुकड़े बहुत बड़े न हों, ताकि वे कचोरी में भरते समय परत को न फाड़ें। अब इस मिश्रण में दाख यानी किशमिश, भुना हुआ बेसन और भुना नारियल का बूरा मिला दें। इसके तुरंत बाद स्वादानुसार नमक, पिसी काली मिर्च, चाट मसाला, साबुत इलायची के दाने, जावित्री और थोड़ा जायफल पाउडर डालकर पूरी सामग्री को एकसार होने तक मिला लें। बेसन और नारियल का बूरा मेवों के साथ मिलकर भरावन को सूखा और संतुलित बनाए रखते हैं।
मैदे का आटा गूंथने और कचोरी बेलने का तरीका
कचोरी की खस्ता बाहरी परत तैयार करने के लिए एक बर्तन में 75 ग्राम मैदा निकालें। इसमें आवश्यकतानुसार घी का मोयन, अजवायन और हल्का नमक डालकर दोनों हाथों से अच्छी तरह मिला लें ताकि घी मैदे के कण-कण में समा जाए। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी छिड़कते हुए एक नरम और लचीला आटा गूंथ लें। गूंथे हुए आटे को कुछ मिनटों के लिए कपड़े या ढक्कन से ढककर रख दें, जिससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाए। तय समय के बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें और उन्हें गोल रोटी के आकार में बेल लें। अब प्रत्येक पूरी के बीच में तैयार मेवे की स्टफिंग रखें और किनारों को उठाते हुए चारों तरफ से पूरी तरह सील कर दें। हथेलियों से हल्का सा दबाव देकर इसे कचोरी का गोल चपटा आकार दें, ताकि तलते समय मसाला बाहर न निकले और परत कहीं से फटने न पाए।
धीमी आंच पर कुरकुरा तलने और परोसने का नियम
एक कढ़ाही में पर्याप्त मात्रा में घी गर्म करें और आंच को मध्यम से धीमा कर दें। तैयार कचोरियों को सावधानी से गर्म घी में डालें। इन्हें तेज आंच पर पकाने के बजाय धीमी आंच पर ही उलट-पलट करते हुए सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेकें। मंद आंच पर तलने से कचोरी की परत अंदर तक पूरी तरह पक जाती है और बाहर से लंबे समय तक खस्ता बनी रहती है। जब कचोरियां सुनहरी हो जाएं, तो उन्हें घी से निकालकर प्लेट में रखें। इन गरमागरम मेवा नमकीन कचोरियों को टमाटर सॉस या अपनी पसंदीदा तीखी-मीठी चटनी के साथ परोसें। सूखे मेवों का पौष्टिक मेल और मसालों का संतुलन इसे परिवार के हर सदस्य के लिए एक स्वादिष्ट नाश्ता बनाता है।



















