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घर पर ही बनाएं गुरुद्वारे जैसी स्वादिष्ट लंगर वाली दाल, जानिए आसान रेसिपीखानपान
27 जुल॰ 2026, 5:33 pm (16 दिन पहले)· 0

घर पर ही बनाएं गुरुद्वारे जैसी स्वादिष्ट लंगर वाली दाल, जानिए आसान रेसिपी

गुरुद्वारे की मशहूर लंगर वाली दाल को घर पर ही आसानी से तैयार किया जा सकता है। साबुत उड़द और चना दाल से बनने वाली इस मलाईदार रेसिपी की पूरी जानकारी यहां देखें।

गुरुद्वारों में परोसी जाने वाली लंगर वाली दाल अपने अनूठे और गाढ़े मक्खनी स्वाद के कारण हर किसी को बेहद पसंद आती है। सादगी से भरपूर होने के साथ-साथ यह सेहत के लिहाज से भी काफी पौष्टिक होती है। इस खास दाल को मुख्य रूप से साबुत उड़द दाल और चना दाल के मिश्रण से तैयार किया जाता है, जिसे पारंपरिक तरीके से धीमी आंच पर काफी देर तक पकाया जाता है ताकि इसका हर एक दाना अच्छी तरह घुलमिल जाए। यदि आप भी रेस्तरां या गुरुद्वारे जैसा वही पारंपरिक स्वाद अपने घर पर लाना चाहते हैं, तो इसकी आसान खाना बनाने की विधि को अपना सकते हैं।

सामग्री और दाल को भिगोने की प्रक्रिया

इस लंगर स्टाइल दाल को बनाने के लिए सबसे पहले मुख्य सामग्री के तौर पर साबुत उड़द दाल और चना दाल की आवश्यकता होती है। इसके अलावा तड़के और स्वाद के लिए अदरक का एक इंच का कद्दूकस किया हुआ टुकड़ा और दो मध्यम आकार के बारीक कटे हुए टमाटर काम में आते हैं। खाना बनाने की शुरुआत करने से पहले दोनों दालों को पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इन्हें कम से कम 6 से 8 घंटे के लिए या फिर पूरी रात पानी में भिगोकर रखना जरूरी होता है। दाल को लंबे समय तक भिगोने से यह पकने में कम समय लेती है और इसका टेक्सचर भी बहुत बेहतर उभरकर आता है।

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कुकर में उबालने और पकाने के चरण

भीगने के बाद दाल को कुकर में डालकर उसमें तय मात्रा में पानी, नमक, हल्दी और पहले से तैयार कद्दूकस किया हुआ अदरक मिला लें। अब कुकर का ढक्कन अच्छी तरह बंद करके मध्यम आंच पर लगभग 6 से 7 सीटियां आने तक पकने दें। सीटियों के बाद आंच को धीमा कर दें और दाल को 15 से 20 मिनट के लिए और पकने दें ताकि दाल पूरी तरह से गल जाए। जब कुकर का सारा प्रेशर अपने आप निकल जाए, तब ढक्कन खोलकर दाल को करछी से अच्छी तरह मिला लें। यदि इस दौरान आपको दाल की बनावट जरूरत से ज्यादा गाढ़ी महसूस हो, तो इसमें थोड़ा सा गुनगुना पानी मिलाकर इसकी कंसिस्टेंसी को ठीक किया जा सकता है।

स्वादिष्ट तड़का तैयार करने की विधि

दाल में असली स्वाद लाने के लिए तड़के की प्रक्रिया बहुत अहम होती है। इसके लिए एक अलग कड़ाही में शुद्ध घी या मक्खन गर्म करें और उसमें जीरा डालकर चटकाएं। जब जीरा भुन जाए तब इसमें कुटा हुआ लहसुन और कटी हुई हरी मिर्च डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें। इसके बाद कड़ाही में बारीक कटा हुआ प्याज डालें और उसे भी सुनहरा होने तक अच्छी तरह पकाएं। प्याज भुन जाने के बाद इसमें कटे हुए टमाटर शामिल करें और उन्हें नरम होने तक पकने दें। अंत में लाल मिर्च पाउडर और गरम मसाला डालकर सभी मसालों को आपस में अच्छी तरह मिला लें ताकि एक बेहतरीन खुशबू और रंगत आ सके।

धीमी आंच पर पकाना और खास टिप्स

अब इस तैयार किए गए तड़के को उबली हुई दाल के अंदर पलट दें और दोनों चीजों को अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद दाल को फिर से धीमी आंच पर 15 से 20 मिनट के लिए पकने या उबलने के लिए छोड़ दें। यही वह मुख्य चरण है जो दाल को वह खास मलाईदार और रिच स्वाद देता है जिसकी वजह से गुरुद्वारे का लंगर प्रसिद्ध है। जब दाल पककर तैयार हो जाए तो इसे बारीक कटे हुए हरे धनिये से सजाएं। इसके ऊपर से थोड़ा सा मक्खन और डालकर इसे गरमा-गरम तंदूरी रोटी, बटर नान या फिर जीरा राइस के साथ परोसा जा सकता है। स्वाद को और अधिक बढ़ाने के लिए दाल को जितनी ज्यादा देर धीमी आंच पर पकाया जाएगा, उसका जायका उतना ही निखर कर आएगा। इसके अलावा यदि आप चाहें तो इसमें ढाबा स्टाइल धुएं का स्वाद देने के लिए कोयले का धुआं भी दे सकते हैं, और खाना बनाते समय घी व मक्खन का संतुलित इस्तेमाल इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है।

सवाल-जवाब

लंगर वाली दाल मुख्य रूप से किन दालों से बनती है?
यह दाल मुख्य रूप से साबुत उड़द दाल और चना दाल से तैयार की जाती है।
पकाने से पहले दाल को कितनी देर भिगोना चाहिए?
दाल को पकाने से पहले 6 से 8 घंटे या पूरी रात पानी में भिगोकर रखना चाहिए।
कुकर में दाल को कितनी सीटी तक पकाना चाहिए?
कुकर में मध्यम आंच पर 6-7 सीटी आने तक और फिर धीमी आंच पर 15-20 मिनट पकाना चाहिए।
दाल का स्वाद और बढ़ाने के लिए क्या किया जा सकता है?
दाल को जितनी देर धीमी आंच पर पकाएंगे और तड़के में घी-मक्खन का इस्तेमाल करेंगे, स्वाद उतना ही अच्छा होगा।
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