साधारण ढाबों और होटलों में मिलने वाली तंदूरी, बटर या लहसुन वाली नान का स्वाद तो अधिकांश लोगों ने चखा ही होता है। हालांकि, पारंपरिक अवधी और मुगलाई दस्तरख्वान की तरह पड़ोसी मुल्क की दावतों में परोसी जाने वाली खास रोगनी नान का जायका अपने आप में बेहद अनोखा होता है। इस पारंपरिक ब्रेड की विशेषता यह है कि यह बाहर से एकदम सुनहरी और करारी होती है, जबकि अंदर का हिस्सा रुई के फाहे जैसा बेहद कोमल और स्पंजी रहता है। इसे चखने के लिए किसी खास होटल या सरहद पार जाने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है, क्योंकि रसोई में मौजूद साधारण ओवन की मदद से भी इसे पूरी प्रामाणिकता के साथ तैयार किया जा सकता है।
शादियों और खास दावतों की पारंपरिक ब्रेड
पड़ोसी मुल्क में रोगनी नान केवल एक सामान्य रोटी नहीं, बल्कि उत्सवों और शादी-ब्याह के भोज का एक प्रमुख हिस्सा मानी जाती है। आमतौर पर धीमी आंच पर पकने वाली मटन या बीफ निहारी, गाढ़े हलीम और लजीज सीख कबाब के साथ इसे सबसे उत्तम माना जाता है। रिवायती तौर पर इसे मिट्टी से बने सुलगते हुए तंदूर की अंदरूनी दीवारों पर चिपकाकर सेका जाता है, जिससे इसमें सौंधी महक और एक खास बनावट आती है। बेकिंग के फौरन बाद जब इस पर गरमा-गरम मक्खन लगाया जाता है, तो इसकी चमक और महक दोनों बढ़ जाती हैं।
घरेलू रसोई में खमीर उठाने की आसान प्रक्रिया
अक्सर घरेलू रसोइयों में यह गलतफहमी देखने को मिलती है कि यीस्ट यानी खमीर के साथ काम करना और ओवन में रोटी पकाना बेहद जटिल काम है। विदेशों में रहने वाले लोग जब अपनी जड़ों और पारंपरिक स्वादों को याद करते हैं, तो वे घरेलू ओवन में ही इसी प्रक्रिया से एकदम सही बनावट वाली नान बना लेते हैं। अगर तापमान, फर्मेंटेशन के समय और सामग्री के अनुपात का सही ध्यान रखा जाए, तो कोई भी व्यक्ति इसे अपनी रसोई में बेक कर सकता है।
आवश्यक सामग्री का विवरण
इस नान को तैयार करने के लिए रसोई में उपयोग होने वाली कुछ बुनियादी सामग्रियों की जरूरत पड़ती है
- मैदा: ढाई कप मैदा
- गेहूं का आटा: आवश्यकतानुसार मिश्रण के लिए
- यीस्ट: 1 बड़ा चम्मच इंस्टेंट यीस्ट
- अन्य सामग्री: बेकिंग सोडा, नमक, चीनी, ताजा दही, रिफाइंड तेल, 1 अंडा और गुनगुना दूध
- गार्निश और नमी के लिए: सफेद तिल, गुनगुना पानी और बिना नमक वाला पिघला हुआ मक्खन
आटा तैयार करना और फर्मेंटेशन का चरण
सबसे पहले एक गहरे कटोरे में मैदा, गेहूं का आटा, इंस्टेंट यीस्ट, बेकिंग सोडा, स्वादानुसार नमक और थोड़ी चीनी डालकर सूखा ही अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद मिश्रण में दही, थोड़ा तेल, अंडा और हल्का गुनगुना दूध डालें। इन सभी को आपस में मिलाने के बाद जरूरत के मुताबिक गुनगुना पानी डालते हुए एकदम लचीला और नरम आटा गूंथ लें। आटा गूंथने के लिए हाथों की ताकत का प्रयोग किया जा सकता है या फिर स्टैंड मिक्सर का सहारा भी लिया जा सकता है।
जब आटा चिकना और कोमल हो जाए, तब उसकी ऊपरी सतह पर थोड़ा सा तेल लगा दें। इसे एक बड़े कटोरे में रखकर साफ तौलिए या प्लास्टिक क्लिंग रैप से पूरी तरह ढक दें। अब इस बर्तन को किसी गर्म स्थान पर करीब 2 घंटे के लिए रख देना चाहिए। इस दौरान खमीर सक्रिय होकर गैस बनाता है और आटा फूलकर अपने मूल आकार से लगभग दोगुना बड़ा हो जाता है।
लोइयां बनाना और पारंपरिक डिजाइन देना
जब आटा पूरी तरह फूल जाए, तो उसे हल्के हाथों से दबाकर अतिरिक्त हवा निकाल दें। पूरे आटे को चार बराबर हिस्सों में विभाजित करें और गोल लोइयां बना लें। किचन काउंटर या चकले पर थोड़ा सा सूखा मैदा छिड़कें और बेलन की मदद से प्रत्येक लोई को करीब 20 सेंटीमीटर के गोल आकार में बेल लें। ध्यान रहे कि नान को बहुत पतला नहीं बेलना है, इसमें हल्की मोटाई बनी रहनी चाहिए।
बेकिंग ट्रे पर बटर पेपर या पार्चमेंट पेपर बिछाएं और बेली हुई नान को उस पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर रखें, क्योंकि पकते समय इनका आकार थोड़ा और फैलेगा। अब सिलिकॉन ब्रश की मदद से हर नान की ऊपरी सतह पर गुनगुना दूध लगाएं और उसके ऊपर सफेद तिल छिड़कें। इसके तुरंत बाद अपनी उंगलियों के पोरों या किसी पतली लकड़ी की स्टिक से नान की पूरी सतह पर गहरे गड्ढे या निशान बनाएं। यह पारंपरिक पैटर्न नान को सिर्फ सुंदर रूप ही नहीं देता, बल्कि भाप को नियंत्रित करके इसे पूड़ी की तरह फूलने से भी रोकता है।
ओवन में बेकिंग का सटीक तरीका
नान को पकाने के लिए ओवन को पहले से ही 240 डिग्री सेल्सियस के उच्च तापमान पर प्री-हीट कर लें। जब ओवन पूरी तरह गर्म हो जाए, तो बेकिंग ट्रे को अंदर रखें और कुल 10 से 12 मिनट के लिए पकने दें। जब नान अंदर पक रही हो, तो लगभग 8 मिनट के बाद ट्रे को बाहर निकालकर या चिमटे से नान की साइड को पलट दें, जिससे दोनों तरफ समान रंगत आ सके। हर ओवन की हीटिंग क्षमता अलग होती है, इसलिए अंतिम मिनटों में नजर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि ज्यादा देर रहने से ब्रेड सख्त हो सकती है।
जैसे ही नान की सतह सुनहरी और कुरकुरी नजर आने लगे, इसे ओवन से बाहर निकालें। बाहर निकालते ही बिना देर किए ब्रश की सहायता से ऊपर खूब सारा पिघला हुआ बिना नमक वाला मक्खन लगाएं। मक्खन की परत नान को सूखने से बचाती है। परोसने तक इनकी गर्माहट और कोमलता बनाए रखने के लिए इन्हें एल्युमिनियम फॉइल में लपेटकर या किसी एयरटाइट डिब्बे में बंद करके रखना चाहिए।
परफेक्ट टेक्सचर और स्टोरेज के महत्वपूर्ण टिप्स
घर पर बेहतरीन रोगनी नान तैयार करने और उसे सुरक्षित रखने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद मददगार साबित होता है
- निशान गहरे बनाएं: बेकिंग से पहले उंगलियों से बनाए जाने वाले निशान पर्याप्त गहरे होने चाहिए। यदि निशान उथले होंगे, तो बेक होते समय नान बीच से पूरी तरह फूलकर पीटा ब्रेड या पूड़ी का रूप ले लेगी।
- कड़क होने पर समाधान: अगर किसी कारणवश बेकिंग के बाद नान सख्त महसूस होने लगे, तो घबराएं नहीं। उस पर पानी के हल्के छींटे मारें, ऊपर से मक्खन लगाएं और कुछ देर के लिए फॉइल पेपर में कसकर लपेट दें। भाप के असर से नान दोबारा मुलायम हो जाएगी।
- लंबे समय तक भंडारण: इन नान को फॉइल में सुरक्षित लपेटकर और जिपलॉक एयरटाइट बैग में रखकर 30 दिनों तक फ्रीजर में सुरक्षित रखा जा सकता है। जब भी इनका सेवन करना हो, फ्रीजर से निकालें और एक नम तौलिए से ढककर माइक्रोवेव में हल्का गर्म कर लें, नान फिर से ताजी जैसी हो जाएगी।



















