बारिश के दिनों में गरमागरम भात के साथ अगर सरसों के तीखे तड़के वाली मछली मिल जाए तो खाने का मजा दोगुना हो जाता है। बिहार के घरों में यह डिश बरसों से बनती आ रही है, लेकिन शहरों में रहने वाले बहुत से लोगों को इसे बनाने की सही तरकीब नहीं पता होती। अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं, तो यहां पूरी विधि आसान भाषा में समझाई जा रही है। इस रेसिपी की खासियत इसकी तीखी और चटपटी ग्रेवी है, जिसमें पीली सरसों और लहसुन का पेस्ट सबसे अहम भूमिका निभाता है। यह डिश चावल के साथ परोसने पर सबसे ज्यादा स्वाद देती है।
सामग्री की लिस्ट
मछली तैयार करने के लिए 500 ग्राम रोहू या कतला मछली, आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच लहसुन का पेस्ट, स्वादानुसार नमक और तलने के लिए सरसों का तेल चाहिए। मसाले का पेस्ट बनाने के लिए दो चम्मच पीली सरसों, एक चम्मच काली सरसों, दस से बारह लहसुन की कलियां, एक चम्मच जीरा, आधा चम्मच काली मिर्च के दाने और दो हरी मिर्च की जरूरत पड़ती है। ग्रेवी के लिए दो मध्यम आकार के टमाटर, छौंक के लिए आधा चम्मच मेथी दाना, एक चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच हल्दी पाउडर, एक चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक और ऊपर से डालने के लिए बारीक कटा हरा धनिया रखें।
मछली को मैरीनेट करके तलें
सबसे पहले मछली के टुकड़ों को पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। इसके बाद इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, लहसुन का पेस्ट और थोड़ा सा नमक मिलाकर करीब 15 मिनट के लिए अलग रख दें, ताकि मसाले मछली के अंदर तक बैठ जाएं। इतने में कड़ाही में सरसों का तेल इतना गरम करें कि उसमें से धुआं उठने लगे। तेज धुआं आने तक तेल गरम करना जरूरी है, क्योंकि इसी से सरसों के तेल की कच्ची महक निकल जाती है। इसके बाद मैरीनेट की हुई मछली को मध्यम-तेज आंच पर दोनों तरफ से तब तक तलें जब तक वह सुनहरी और क्रिस्पी न हो जाए, फिर उसे निकालकर अलग रख दें।
सरसों-लहसुन का बारीक पेस्ट बनाएं
अब मिक्सी के जार में पीली सरसों, काली सरसों, लहसुन की कलियां, जीरा, काली मिर्च के दाने और हरी मिर्च डाल दें। इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर इतना बारीक पेस्ट बनाएं कि उसमें दानेदारपन बिल्कुल महसूस न हो। ध्यान रखें कि सरसों का यह पेस्ट जितना महीन पिसेगा, ग्रेवी का स्वाद उतना ही बेहतर आएगा। मोटा पिसा हुआ पेस्ट ग्रेवी में कच्चापन और कड़वाहट छोड़ सकता है, इसलिए इस स्टेप में जल्दबाजी न करें।
मसाले को धीमी आंच पर भूनें
मछली तलने के बाद कड़ाही में जो तेल बचा है, उसी में मेथी दाना डाल दें। जैसे ही मेथी चटकने लगे, उसमें तैयार किया हुआ सरसों-लहसुन का पेस्ट डालकर तीन से चार मिनट तक धीमी आंच पर भूनें। इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा सा पानी डालकर मसाले को तब तक भूनते रहें जब तक उसमें से तेल अलग न होने लगे। सरसों के मसाले को धीमी आंच पर अच्छी तरह भूनना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसी से सरसों की कड़वाहट पूरी तरह खत्म हो जाती है और ग्रेवी का स्वाद संतुलित बनता है।
टमाटर डालकर ग्रेवी तैयार करें
मसाला अच्छी तरह भुन जाने पर इसमें कटे हुए टमाटर और स्वादानुसार नमक डाल दें। कड़ाही को ढककर तब तक पकने दें जब तक टमाटर पूरी तरह गल न जाएं और मसाले में घुल न जाएं। जब मसाला किनारों से तेल छोड़ने लगे, तब इसमें अपनी पसंद के मुताबिक करीब दो कप गरम पानी मिला दें। इसके बाद ग्रेवी को अच्छी तरह उबलने दें, ताकि सारे मसाले आपस में अच्छी तरह घुल-मिल जाएं।
मछली डालकर आखिरी बार पकाएं और सर्व करें
ग्रेवी में जब अच्छे से उबाल आ जाए, तब उसमें पहले से तली हुई मछली के टुकड़े डाल दें। अब कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर पांच से सात मिनट तक पकने दें, ताकि ग्रेवी का पूरा स्वाद मछली के अंदर तक चला जाए। इसके बाद गैस बंद कर दें और ऊपर से ताजा बारीक कटा हरा धनिया डाल दें। गरमागरम भात के साथ इस बिहारी स्टाइल सरसों वाली फिश करी को परोसें और इसका मजा लें।



















