झमाझम बारिश के बीच जब खिड़की से ठंडी हवाएं चलती हैं, तो चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने की इच्छा होना बेहद स्वाभाविक है। ज्यादातर घरों में इस वक्त आलू, प्याज या मिर्च के पकौड़े ही बनाए जाते हैं, लेकिन एक ही तरह का स्वाद बार-बार चखकर बोरियत होने लगती है। अगर आप भी इस मानसून अपने स्नैक टाइम में कुछ नयापन लाना चाहते हैं, तो कच्चे केले की भजिया आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। दक्षिण भारत के घरों में बड़े चाव से बनाई जाने वाली यह डिश अब धीरे-धीरे पूरे देश में लोकप्रिय हो रही है और लोग इसे अपने किचन का हिस्सा बना रहे हैं।
क्यों खास है कच्चे केले की भजिया?
कच्चे केले से तैयार होने वाले इस स्नैक की सबसे बड़ी खूबी इसका अनूठा टेक्सचर है। यह बाहर से बेहद क्रिस्पी होती है, जबकि अंदर से केले का हिस्सा नरम और जूसी बना रहता है। बेसन और चावल के आटे का मेल इसे एक बेहतरीन कुरकुरापन देता है। इसके अलावा, इसमें डलने वाले मसाले कच्चे केले के फीकेपन को दूर कर इसे एक लाजवाब स्वाद में बदल देते हैं। इसे बनाने के लिए किसी महंगे या दुर्लभ सामान की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि आपकी रसोई में रखी सामान्य चीजों से ही यह झटपट तैयार हो जाती है। जब घर पर अचानक मेहमान आ जाएं या परिवार के साथ सप्ताहांत की शाम को कुछ खास परोसना हो, तो यह रेसिपी सभी का दिल जीत सकती है।
भजिया बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस स्वादिष्ट और कुरकुरे स्नैक को बनाने के लिए आपको कुछ बुनियादी मसालों और सामग्रियों की आवश्यकता होगी। इनमें बेसन, चावल का आटा, कच्चे केले, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, हींग, अजवाइन, भुना जीरा पाउडर, बारीक कटा हरा धनिया, नमक और एक चुटकी बेकिंग सोडा शामिल हैं। इन सभी चीजों का सही संतुलन ही इस भजिया के स्वाद को खास बनाता है।
ऐसे बनाएं कुरकुरी कच्चे केले की भजिया
इसे बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान है। सबसे पहले कच्चे केले का छिलका अच्छी तरह उतार लें। अब इन्हें अपनी पसंद के मुताबिक लंबाई में या गोल आकार के पतले-पतले स्लाइस में काट लें। कटे हुए इन टुकड़ों को तुरंत पानी के बर्तन में डाल दें, ताकि उनका रंग काला न पड़े और वे ताजे बने रहें। इसके बाद एक बड़े बाउल में बेसन और चावल का आटा लें। इसमें अजवाइन को हथेलियों के बीच मसलकर मिलाएं, जिससे इसकी खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाएं। अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, हींग, भुना जीरा पाउडर, हरा धनिया, नमक और वैकल्पिक तौर पर एक चुटकी बेकिंग सोडा मिला दें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए एक मध्यम गाढ़ा बैटर तैयार करें। ध्यान रखें कि घोल न ज्यादा पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा, ताकि यह केले के स्लाइस पर एक अच्छी कोटिंग बना सके।
तलते समय इन बातों का रखें ध्यान
कड़ाही में तेल को अच्छी तरह गर्म करें। केले के स्लाइस को पानी से बाहर निकालकर किसी सूती कपड़े या टिशू पेपर से हल्का सुखा लें। अब एक-एक स्लाइस को तैयार बैटर में अच्छी तरह डुबोकर गर्म तेल में छोड़ते जाएं। इन्हें मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तलें। आंच बहुत तेज न रखें, वरना भजिया बाहर से तो जल्दी पक जाएगी लेकिन अंदर से कच्ची रह जाएगी। वहीं, बहुत धीमी आंच पर तलने से यह बहुत ज्यादा तेल सोख सकती है, जिससे उसका स्वाद बिगड़ सकता है।
छोटी-छोटी बातें करेंगी बड़ा फर्क
भजिया को बाजार जैसी बेहद कुरकुरी बनाने के लिए चावल का आटा मिलाना न भूलें। इसके अलावा, बैटर तैयार करने के बाद उसे दस मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि सभी मसालों का फ्लेवर आपस में अच्छी तरह घुल-मिल जाए। तेल का तापमान सही होना भी बहुत जरूरी है। ताजी तली हुई कच्चे केले की भजिया के ऊपर हल्का सा चाट मसाला छिड़कने से इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। इसे हरी धनिया की चटनी, नारियल की चटनी, टोमैटो सॉस या गरमा-गरम मसाला चाय के साथ परोसें। यह मानसून के मौसम में आपके परिवार और मेहमानों को बेहद पसंद आएगी।



















