हरियाणा के अंबाला में पुलिस ने रातभर की तैयारी के बाद तड़के शंभू बॉर्डर का नेशनल हाईवे पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे पंजाब से दिल्ली जाने वाला यह अहम रास्ता फिर एक बार पूरी तरह ठप पड़ गया है. प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कूच
दरअसल भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में देशभर के किसानों को दिल्ली के किसान घाट पर जुटने का आह्वान किया गया था. मंगलवार को यह ऐलान होते ही हरियाणा पुलिस हरकत में आ गई और उसने कई किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया. इसके बावजूद पंजाब के किसानों का हौसला कम नहीं हुआ. आज सुबह ठीक 5 बजे फतेहगढ़ साहब से बड़ी संख्या में किसान अपने काफिले के साथ दिल्ली की ओर रवाना हो गए, लेकिन बॉर्डर पर पहुंचते ही उन्हें रोक दिया गया.
घग्घर पुल पर बैरिकेड, आवाजाही पूरी तरह ठप
किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाले घग्घर पुल पर बैरिकेड लगा दिए हैं, जिससे दोनों तरफ की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर खुद किसानों के काफिले की अगुवाई करते हुए शंभू बॉर्डर की ओर बढ़ रहे हैं.
पंधेर बोले, क्या पंजाब देश का हिस्सा नहीं
पंधेर ने कहा कि किसान किसी तरह का टकराव नहीं चाहते, लेकिन उन्हें दिल्ली जाने से क्यों रोका जा रहा है, यह सवाल उन्होंने प्रशासन से पूछा. उन्होंने साफ कहा,
"क्या पंजाब देश का हिस्सा नहीं है?"
बॉर्डर से लौटनी पड़ी एंबुलेंस
बॉर्डर पर सख्ती का असर सिर्फ प्रदर्शनकारियों तक सीमित नहीं रहा. शंभू बॉर्डर पर पहुंचने से पहले एक डायलिसिस मरीज को ले जा रही गाड़ी को वापस लौटना पड़ा और उसके बाद एक और एंबुलेंस को भी उसी रास्ते से लौटाया गया. पंजाब पुलिस की ओर से इन वाहनों को पहले से यह जानकारी नहीं दी गई कि आगे बैरिकेड लगे हैं और रास्ता पूरी तरह बंद है, जिसकी वजह से मरीजों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ी. यह बॉर्डर पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों में से एक है, इसलिए जब तक बैरिकेड नहीं हटते, तब तक लोगों को वैकल्पिक मार्गों से ही आना-जाना करना होगा.




















