अत्यधिक वजन न केवल शारीरिक बनावट पर असर डालता है, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बनता है। ऐसे में अनुरीत कौर का फिटनेस सफर उन सभी लोगों के लिए एक मिसाल बनकर सामने आया है, जो मोटापे से जूझ रहे हैं। उन्होंने निरंतर अनुशासन और सही दिनचर्या के बल पर लगभग डेढ़ साल की अवधि में 56 किलो वजन घटाकर शानदार ट्रांसफॉर्मेशन हासिल किया है। अपनी इस यात्रा की झलक उन्होंने एक सोशल मीडिया रील के माध्यम से साझा की है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।
शुरुआती लक्ष्य वजन घटाना था, फिर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग बनी जुनून
अपनी फिटनेस यात्रा के शुरुआती दिनों को याद करते हुए अनुरीत कौर ने बताया कि उन्होंने जनवरी 2024 में इस सफर की शुरुआत की थी। उस समय उनका एकमात्र मकसद सिर्फ अपना वजन घटाना, पतली दिखना और छोटे साइज के कपड़े पहनना था। किसी भी आम व्यक्ति की तरह वे भी शरीर के अतिरिक्त भार को कम करने की ख्वाहिश रखती थीं। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, उनके नजरिए में एक गहरा बदलाव देखने को मिला।
अनुरीत के मुताबिक, धीरे-धीरे उन्हें स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से गहरा लगाव हो गया। शरीर में बढ़ती ताकत, मजबूत मांसपेशियां बनाने का संतोष और अपनी सेहत को प्राथमिकता देने की खुशी ने उनकी जिंदगी को नया मोड़ दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब वे अपने इस बदलाव पर विचार करती हैं, तो उन्हें समझ आता है कि यह प्रक्रिया सिर्फ जिस्मानी आकार बदलने तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसने उनकी मानसिक शक्ति और सोचने के तरीके को भी पूरी तरह बदल दिया। वजन घटाने के बाद अब उनका पूरा ध्यान मांसपेशियों के निर्माण और शारीरिक मजबूती को और बेहतर करने पर केंद्रित है।
अनुशासन और रोजमर्रा की चुनौतियों का सामना
डेढ़ साल में 56 किलो भार कम करना किसी एक हफ्ते या महीने का चमत्कार नहीं है, बल्कि यह अटूट समर्पण की कहानी है। इस प्रक्रिया में रोज पैदल चलना, पसंदीदा खाने की तीव्र इच्छा या क्रेविंग पर नियंत्रण रखना और शरीर के थके होने के बावजूद व्यायाम के लिए समय निकालना शामिल रहा। फिटनेस के रास्ते में आने वाली बाधाओं के आगे झुकने की बजाय हर बार नए सिरे से शुरुआत करने की लगन ने ही इस नतीजे को मुमकिन बनाया।
वजन नियंत्रण के लिए विशेषज्ञ के अहम सुझाव
वजन कम करने के सफर को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए फोर्टिस अस्पताल, मानेसर की वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ दीक्षा सहवाग ने कई जरूरी दिशा-निर्देश साझा किए हैं। उनका मानना है कि सही पोषण और नियमित व्यायाम का तालमेल ही शरीर में स्वस्थ बदलाव लाता है।
खानपान और कैलोरी का संतुलन
दीक्षा सहवाग के अनुसार, डाइट में कुछ बुनियादी बातों का पालन करना सबसे पहली आवश्यकता है
- कैलोरी डेफिसिट: वजन घटाने का मुख्य नियम यह है कि शरीर दिनभर की गतिविधियों में जितनी कैलोरी जलाता है, भोजन के जरिए उससे थोड़ी कम मात्रा में कैलोरी ग्रहण की जाए।
- पर्याप्त प्रोटीन का सेवन: खानपान में पनीर, दालें, अंडे, सोया और अंकुरित अनाज को नियमित रूप से शामिल करना जरूरी है। प्रोटीन लंबे समय तक भूख का अहसास नहीं होने देता और मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने में मददगार होता है।
- प्रसंस्कृत भोजन और चीनी से दूरी: बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद खाद्य पदार्थ, कोल्ड ड्रिंक्स, तली हुई चीजें और रिफाइंड चीनी का इस्तेमाल बंद या बेहद सीमित कर देना चाहिए।
- फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ: हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल तथा ज्वार, बाजरा और ओट्स जैसे साबुत अनाज पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं और वजन कम करने में मदद करते हैं।
वर्कआउट और शारीरिक सक्रियता
सिर्फ कम खाने से संपूर्ण फिटनेस नहीं मिलती, उसके लिए शरीर को लगातार सक्रिय रखना जरूरी है
- कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का मिश्रण: केवल दौड़ना या पैदल चलना पर्याप्त नहीं होता। मेटाबॉलिज्म को तेज करने और फैट बर्न करते हुए मांसपेशियों को सुगठित रखने के लिए सप्ताह में 3 से 4 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर करनी चाहिए।
- सक्रिय जीवनशैली: जिम या नियमित वर्कआउट के अतिरिक्त दिनभर में कम से कम 8,000 से 10,000 कदम चलने का दैनिक लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।



















