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तीस की उम्र पार करते ही इन जरूरी मेडिकल जांचों पर ध्यान दें महिलाएं, थकान और कमजोरी को न करें नजरअंदाजस्वास्थ्य
25 सित॰ 2026, 1:22 pm (59 मिनट पहले)· 1

तीस की उम्र पार करते ही इन जरूरी मेडिकल जांचों पर ध्यान दें महिलाएं, थकान और कमजोरी को न करें नजरअंदाज

तीस साल की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं, इसलिए बुनियादी स्वास्थ्य जांच और लक्षणों के आधार पर सही मेडिकल टेस्ट करवाना जरूरी है।

तीस की दहलीज लांघते ही महिलाओं के शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव आने शुरू हो जाते हैं। इस पड़ाव पर पहुंचकर महिलाओं को अपनी सेहत के प्रति पहले से ज्यादा सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत होती है। हालांकि, इसका यह बिल्कुल भी अर्थ नहीं है कि हर महिला को बिना किसी कारण हर साल सभी प्रकार के मेडिकल टेस्ट करवाने की होड़ में लग जाना चाहिए। समझदारी इसी में है कि शरीर की वास्तविक जरूरतों और सामने आने वाले लक्षणों को समझकर ही सही जांच का चयन किया जाए।

बुनियादी स्वास्थ्य मानकों की नियमित निगरानी

आयुर्वेदिक फिजिशियन और आयुर्वेदिक कंसल्टेंट, मेनोवेदा की डॉ. पूजा शेरोन बताती हैं कि तीस की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी सामान्य सेहत पर लगातार नजर रखनी चाहिए। इसके तहत ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसे आवश्यक स्वास्थ्य मानकों की नियमित जांच बेहद फायदेमंद साबित होती है। इन बुनियादी पैमानों की समय-समय पर मॉनिटरिंग करने से शरीर के आंतरिक स्वास्थ्य और समग्र स्थिति को समझने में काफी आसानी होती है, जिससे किसी भी संभावित गड़बड़ी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जा सकता है।

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थकान और कमजोरी बने रहने पर खून की जांच

अक्सर देखा जाता है कि महिलाएं लगातार महसूस होने वाली थकान, शारीरिक कमजोरी या बदन दर्द जैसी दिक्कतों को सिर्फ काम के तनाव या भागदौड़ भरी जीवनशैली का परिणाम मानकर टाल देती हैं। अगर यह परेशानी लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे कतई नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखने पर योग्य चिकित्सक के परामर्श से सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट), आयरन प्रोफाइल, विटामिन D और विटामिन B12 की जांच करवाई जा सकती है। ये परीक्षण शरीर में हीमोग्लोबिन, खून की कमी और जरूरी पोषक तत्वों की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करते हैं। चूंकि हर महिला की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी टेस्ट से पहले डॉक्टर की सलाह लेना ही सबसे उचित कदम है।

मासिक धर्म में बदलाव और पेरिमेनोपॉज के संकेत

महिलाओं को अपने मासिक चक्र में होने वाले हर छोटे-बड़े बदलाव पर भी बारीक नजर रखनी चाहिए। अगर पीरियड्स के समय अंतराल में लगातार परिवर्तन आ रहा हो, ब्लीडिंग के प्रवाह या पैटर्न में फर्क दिखे, अथवा पहले के मुकाबले कोई असामान्य लक्षण नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। तीस से चालीस वर्ष की आयु के दौरान कई महिलाओं में पेरिमेनोपॉज की शुरुआत भी हो सकती है। इस अवस्था में शरीर में अचानक तेज गर्मी लगना, रातों की नींद टूटना, अचानक वजन बढ़ना या बार-बार मूड बदलना जैसे लक्षण उभर सकते हैं। इन बदलावों को केवल मानसिक तनाव या उम्र बढ़ने का सामान्य असर मानकर छोड़ देना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।

सर्वाइकल और ब्रेस्ट हेल्थ की समय पर स्क्रीनिंग

महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल केवल रूटीन ब्लड टेस्ट तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके साथ ही सर्वाइकल हेल्थ और ब्रेस्ट हेल्थ से जुड़ी नियमित स्क्रीनिंग करवाना भी बेहद अहम है। किसी महिला को कौन-सी स्क्रीनिंग करानी है और उसकी अवधि क्या होगी, यह उसकी उम्र, सामान्य सेहत और पारिवारिक या व्यक्तिगत स्वास्थ्य जोखिम के आधार पर चिकित्सक तय करते हैं। तीस की उम्र पार करने के बाद सबसे जरूरी बात यह है कि हर जांच बिना सोचे-समझे कराने के बजाय शरीर के संकेतों को समझा जाए। इसके अलावा, बिना चिकित्सीय परामर्श के किसी भी प्रकार के विटामिन, फूड सप्लीमेंट या दवा का स्वयं सेवन शुरू करने से पूरी तरह बचना चाहिए।

सवाल-जवाब

तीस की उम्र के बाद महिलाओं के लिए कौन-से बुनियादी टेस्ट जरूरी हैं?
तीस के बाद ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसे सामान्य स्वास्थ्य पैमानों की नियमित निगरानी करनी चाहिए।
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होने पर क्या करना चाहिए?
ऐसे लक्षण लगातार रहने पर डॉक्टर की सलाह से सीबीसी, आयरन, विटामिन D और विटामिन B12 की जांच करवानी चाहिए।
क्या हर महिला को हर साल सभी तरह के टेस्ट करवाने चाहिए?
नहीं, हर महिला को सभी टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती; जांच हमेशा अपनी व्यक्तिगत आवश्यकता, लक्षणों और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करानी चाहिए।
पेरिमेनोपॉज के दौरान कौन-से प्रमुख लक्षण दिखाई दे सकते हैं?
तीस और चालीस की उम्र के बीच पेरिमेनोपॉज के चलते गर्मी लगना, नींद में खलल, वजन बढ़ना और मूड में बदलाव जैसे लक्षण हो सकते हैं।
क्या खुद से कोई भी विटामिन या सप्लीमेंट लेना सुरक्षित है?
नहीं, किसी भी प्रकार के विटामिन, सप्लीमेंट या दवा का सेवन स्वयं शुरू करने के बजाय पहले किसी योग्य डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
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