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जन्म के केवल 7 दिन बाद बच्चे के मुंह में दिखे चार दांत, जानें क्या है नियोनेटल टीथ की दुर्लभ स्थितिस्वास्थ्य
12 सित॰ 2026, 11:38 pm (46 दिन पहले)· 1

जन्म के केवल 7 दिन बाद बच्चे के मुंह में दिखे चार दांत, जानें क्या है नियोनेटल टीथ की दुर्लभ स्थिति

सोशल मीडिया पर सात दिन के शिशु के मुंह में चार दांत दिखने के बाद लोगों में कौतूहल है, जिसे डॉक्टर नियोनेटल टीथ की दुर्लभ स्थिति बता रहे हैं।

नवजात शिशु का घर में आना ढेरों खुशियां लेकर आता है, लेकिन कभी-कभी कुछ ऐसी अप्रत्याशित स्थितियां भी सामने आ जाती हैं जो माता-पिता को असमंजस और चिंता में डाल देती हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो काफी चर्चा में आया है, जिसमें केवल सात दिन के एक नवजात शिशु के मुंह में चार दांत निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। पहली बार में यह नजारा किसी भी परिवार को डरा सकता है, लेकिन चिकित्सा जगत में इसे एक जानी-मानी स्थिति माना जाता है। इस चिकित्सकीय स्थिति को नियोनेटल टीथ कहा जाता है, जो मुख्य रूप से शिशु के निचले जबड़े में ठीक बीच वाले हिस्से में विकसित होते हैं और मसूड़ों से बाहर दिखाई देने लगते हैं।

नेटल टीथ और नियोनेटल टीथ के बीच का अंतर

शिशुओं में दांतों के जल्दी निकलने की इस प्रक्रिया को सही ढंग से समझने के लिए नेटल टीथ और नियोनेटल टीथ के अंतर को जानना आवश्यक है। साल 2023 में सामने आई एक शोध रिपोर्ट के मुताबिक, हर 289 शिशुओं में से लगभग एक बच्चा नेटल टीथ के साथ पैदा होता है। इसका मतलब है कि ये दांत बच्चे के जन्म के समय से ही उसके मुंह में मौजूद होते हैं। इसके विपरीत, नियोनेटल टीथ के मामले नेटल टीथ की तुलना में और भी ज्यादा दुर्लभ होते हैं। नियोनेटल टीथ उन दांतों को कहा जाता है जो शिशु के जन्म के बाद पहले 30 दिनों के भीतर मसूड़ों से बाहर आते हैं। आंकड़ों के अनुसार, करीब 2,000 से लेकर 3,500 नवजात शिशुओं में से किसी एक में ही यह स्थिति देखी जाती है।

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समय से पहले दांत निकलने के संभावित कारण

नवजात बच्चों में इतनी जल्दी दांत निकलने की सटीक वजह क्या है, इसे लेकर अभी तक चिकित्सा विशेषज्ञ किसी एक निश्चित निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं। इसके बावजूद, बाल रोग विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कई तरह के आनुवंशिक और शारीरिक कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। सबसे मुख्य कारकों में आनुवंशिकता को माना जाता है, यानी यदि परिवार में पहले भी किसी सदस्य को बचपन में ऐसी स्थिति रही हो, तो बच्चे में इसका जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा, दांतों की जड़ों का मसूड़ों की बाहरी सतह के बहुत अधिक करीब होना, गर्भावस्था के दौरान मां के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव या कुछ अत्यंत दुर्लभ जन्मजात सिंड्रोम भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

नियोनेटल टीथ के मुख्य लक्षण और पहचान

यदि किसी नवजात शिशु के मुंह में समय से पहले दांत निकल रहे हैं, तो कुछ खास लक्षणों के जरिए इसकी पहचान की जा सकती है। इसका सबसे पहला और स्पष्ट लक्षण जन्म के कुछ ही दिनों या हफ्तों के भीतर मसूड़ों पर दांतों का दिखाई देना है। ये दांत आमतौर पर पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं, इसलिए ये मसूड़ों में बहुत ढीले होते हैं और आसानी से हिलते रहते हैं। इस ढीलेपन की वजह से बच्चे को दूध पीने में असुविधा हो सकती है। इसके अलावा, स्तनपान के दौरान मां को गंभीर दर्द का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, दांतों की रगड़ के कारण शिशु की जीभ के निचले हिस्से में घाव, कटने के निशान या तेज जलन की समस्या भी हो सकती है।

शिशु के स्वास्थ्य को होने वाले खतरे

यद्यपि नियोनेटल टीथ सीधे तौर पर कोई गंभीर बीमारी नहीं हैं, लेकिन इनके कारण कुछ व्यावहारिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। डॉक्टरों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय दांतों का अत्यधिक ढीला होना होता है। यदि दांत बहुत कमजोर हैं, तो उनके टूटने और सांस की नली में फंसने का खतरा हमेशा बना रहता है, जो कि बेहद जानलेवा हो सकता है। इसके अतिरिक्त, जीभ में होने वाले घावों के दर्द के कारण बच्चा स्तनपान करना बंद या कम कर सकता है। पर्याप्त मात्रा में दूध न पी पाने के कारण नवजात शिशु को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता, जिससे उसका शारीरिक विकास और वजन प्रभावित हो सकता है।

इलाज की पद्धति और डॉक्टरों की सलाह

नियोनेटल टीथ के इलाज की दिशा इस बात पर निर्भर करती है कि दांत कितने मजबूत हैं और वे बच्चे को कितनी तकलीफ दे रहे हैं। यदि दांत मसूड़ों में अच्छी तरह से स्थिर हैं और इनसे शिशु को दूध पीने या जीभ में कोई तकलीफ नहीं हो रही है, तो डॉक्टर केवल उनकी नियमित निगरानी करने की सलाह देते हैं। इसके विपरीत, यदि दांत बहुत अधिक हिल रहे हों, उनके श्वास नली में जाने का डर हो या वे बच्चे की जीभ को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हों, तो दंत चिकित्सक उन्हें सर्जरी के जरिए निकालने की सलाह देते हैं। किसी भी कदम को उठाने से पहले बच्चे की पूरी शारीरिक स्थिति और दांतों की मजबूती का गहन परीक्षण किया जाता है।

सवाल-जवाब

नियोनेटल टीथ क्या होते हैं?
नियोनेटल टीथ वे दांत होते हैं जो नवजात शिशु के जन्म के बाद शुरुआती 30 दिनों के भीतर मसूड़ों से बाहर निकल आते हैं।
नियोनेटल और नेटल टीथ में क्या अंतर है?
नेटल टीथ शिशु के जन्म के समय से ही मुंह में मौजूद होते हैं, जबकि नियोनेटल टीथ जन्म के बाद पहले महीने के भीतर निकलते हैं।
क्या नवजात शिशु के दांत निकलना खतरनाक हो सकता है?
यह स्थिति हमेशा खतरनाक नहीं होती, लेकिन अगर दांत बहुत ढीले हैं तो वे टूटकर सांस की नली में फंस सकते हैं, जिससे दम घुटने का खतरा रहता है।
नियोनेटल टीथ के पीछे क्या कारण होते हैं?
इसके मुख्य कारणों में आनुवंशिकी (पारिवारिक इतिहास), दांतों की जड़ों का मसूड़ों की सतह के बहुत करीब होना और गर्भावस्था में हार्मोनल बदलाव शामिल हैं।
ढीले दांतों की वजह से शिशु को क्या परेशानियां हो सकती हैं?
ढीले दांतों की रगड़ से शिशु की जीभ में घाव हो सकते हैं, स्तनपान कराने में मां को दर्द हो सकता है और पोषण की कमी हो सकती है।
क्या इन दांतों को निकालना जरूरी होता है?
अगर दांत बहुत ढीले हैं या जीभ को नुकसान पहुंचा रहे हैं, तो डॉक्टर उन्हें निकालने की सलाह देते हैं। मजबूत और हानिरहित दांतों को केवल निगरानी में रखा जाता है।
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