राजस्थान में ब्यावर से भरतपुर तक बनेगा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, दिल्ली से अजमेर का सफर घटकर पांच घंटे होगाहोर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमला, 2 नाविक लापता और 23 को बचाया गयाअमेरिकी डॉलर में लगातार चौथे दिन मजबूती, क्या 1.3940 का दायरा पार करेगा यूएसडी/सीएडीवाशिंगटन की एल्व्हा नदी से हटे सौ साल पुराने दो विशाल बांध, साल्मन मछलियों और कुदरत की हुई ऐतिहासिक वापसीपाकिस्तानी खुफिया तंत्र ने भारतीय बेरोजगार युवाओं को डिजिटल मोहरा बनाकर खड़ा किया फर्जी मीडिया नेटवर्कमध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल में जोरदार उछाल, डब्लूटीआई 98 डॉलर के पार निकलावजन घटाने के लिए गेहूं छोड़ मिलेट्स अपनाएं, जानिए रागी, ज्वार और राजगीरा की रोटी में कौन है सबसे असरदारअमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर समीक्षा से पहले वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में हलचल तेजउत्तरी अरब सागर में पाकिस्तानी जहाज की टक्कर से उपजा तनाव, कराची नाकेबंदी का पुराना डर फिर हुआ ताजाअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और महंगाई के दबाव से चांदी में फिसलन, कच्चा तेल उछलने से ब्याज दर बढ़ने की आशंका
अमेरिकी महंगाई के दबाव से ब्याज दर बढ़ने के आसार मजबूत, बुधवार को फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी निगाहेंबाज़ार
19 सित॰ 2026, 4:58 pm (43 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी महंगाई के दबाव से ब्याज दर बढ़ने के आसार मजबूत, बुधवार को फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी निगाहें

अगस्त के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के बाद अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है, जिससे वैश्विक मुद्रा बाजार, सोने और क्रिप्टोकरेंसी में व्यापक हलचल देखी जा रही है।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का दबाव लगातार बना हुआ है, जिसके चलते फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना काफी बढ़ गई है। अगस्त महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़े मोटे तौर पर अनुमानों के अनुरूप रहे हैं, लेकिन अमेरिकी केंद्रीय बैंक के सहज स्तर से यह अब भी काफी ऊंचे बने हुए हैं। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अर्थव्यवस्था में बुनियादी कीमतों का दबाव जरूरत से ज्यादा है और केंद्रीय बैंक पहले ही दरें बढ़ाने के संकेत दे चुका है। ऐसे में बुधवार को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक में फेड फंड्स लक्ष्य सीमा में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है, जबकि वायदा बाजार 2027 तक नीतिगत सख्ती जारी रहने की संभावना जता रहे हैं।

अगस्त के मुद्रास्फीति आंकड़े और मुख्य दबाव के कारक

अगस्त के दौरान अमेरिका में हेडलाइन और कोर सीपीआई दोनों के आंकड़े अनुमानों के काफी करीब दर्ज किए गए, लेकिन वे इतने गर्म जरूर थे कि फेड द्वारा इस बुधवार दर वृद्धि के दांव को और बल मिल सके। आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त महीने में अमेरिकी उपभोक्ता कीमतों में पिछले महीने की तुलना में 0.4% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। यह उछाल केवल गैसोलीन की बढ़ी हुई कीमतों की वजह से नहीं आया, बल्कि इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि अंतर्निहित कीमतों का दबाव अत्यधिक बना हुआ है। इसका स्पष्ट प्रमाण कोर मुद्रास्फीति की दर में मिलता है, जिसमें ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की अस्थिर कीमतों को बाहर रखा जाता है। कोर सीपीआई 0.3% दर्ज की गई, जो बाजार के अनुमानों से भी अधिक रही। इसके अतिरिक्त, पीपीआई और सीपीआई दोनों रिपोर्टों के आने के बाद नीतिगत दर वृद्धि की उम्मीदों में तेज उछाल देखा गया है।

ये भी पढ़ें

फेडरल रिजर्व की नीति और नीतिगत चुनौतियां

यदि फेडरल रिजर्व इस बुधवार अपनी ब्याज दरों में 25 आधार अंकों का इजाफा करता है, तो फेड फंड्स लक्ष्य सीमा बढ़कर 3.75-4.00% तक पहुंच जाएगी। इस संभावित कदम के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठेगा कि चेयरमैन केविन वॉर्श इस वृद्धि को किस रूप में पेश करते हैं। बाजार यह देखना चाहेगा कि क्या वे इसे मुद्रास्फीति पर अपनी विश्वसनीयता पुनः स्थापित करने के लिए किया गया एकमुश्त समायोजन बताते हैं या फिर यह एक व्यापक और लंबे मौद्रिक सख्ती चक्र की औपचारिक शुरुआत है। इसके अलावा, कम ब्याज दरों के पक्षधर डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बीच चेयरमैन वॉर्श की स्वतंत्रता की भी इस फैसले में कड़ी परीक्षा होगी। डॉलर में आगे और मजबूती तभी टिक पाएगी जब फेड मौजूदा आक्रामक बाजार अनुमानों को संतुष्ट करने में पूरी तरह सफल रहे। साथ ही, केंद्रीय बैंक द्वारा जारी किया जाने वाला अद्यतन डॉट प्लॉट भी अमेरिकी डॉलर की प्रतिक्रिया तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

वैश्विक मुद्राओं, सोने और क्रिप्टो बाजार पर असर

फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की बढ़ती अटकलों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर देखने को मिल रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोमवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी गिरकर 0.7140 के स्तर के आसपास पहुंच गई, जो करीब डेढ़ सप्ताह का निचला स्तर है, हालांकि इसमें आगे बड़ी बिकवाली जारी नहीं रही और स्पॉट कीमतें दिन के दौरान लगभग 0.25% गिरकर 0.7100 के मध्य स्तर के ठीक ऊपर कारोबार करती दिखीं। वहीं दूसरी ओर, नए हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) जोड़ी में कुछ खरीदार लौटे और एशियाई सत्र में भाव 154.00 के करीब पहुंचे, जिससे शुक्रवार के कुछ नुकसान की भरपाई हुई। इसके बावजूद, कीमतें पिछले एक सप्ताह के सीमित दायरे में और पिछले मंगलवार को छुए गए लगभग सात महीने के निचले स्तर के करीब बनी रहीं, क्योंकि कारोबारी केंद्रीय बैंक के प्रमुख आयोजनों का इंतजार कर रहे हैं।

कमोडिटी और डिजिटल एसेट बाजार में भी इस नीतिगत बदलाव की लहर साफ नजर आई। बुधवार को फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति निर्णय से पहले अमेरिकी डॉलर की मांग में भारी उछाल आया, जिसके चलते सोमवार को सोने के भाव गिरकर 4,300 डॉलर के नीचे चले गए। ब्याज दर में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने डॉलर को मजबूत और सोने को कमजोर किया। दूसरी तरफ, व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बढ़त के अनुरूप सोमवार को बिटकॉइन में मामूली मजबूती आई और यह 77,884 डॉलर के करीब कारोबार करता नजर आया। इसी प्रकार, इथेरियम और रिपल ने भी बिटकॉइन के तटस्थ से सकारात्मक रुख का अनुसरण किया और क्रमशः 2,521 डॉलर तथा 1.38 डॉलर के अपने प्रमुख समर्थन स्तरों को सफलतापूर्वक बनाए रखा।

सवाल-जवाब

फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों पर क्या फैसला आने की उम्मीद है?
बुधवार को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करने का अनुमान है, जिससे लक्ष्य सीमा 3.75-4.00% हो जाएगी।
अगस्त महीने में अमेरिका में मुद्रास्फीति की स्थिति क्या रही?
अगस्त में उपभोक्ता कीमतों में 0.4% की मासिक बढ़ोतरी हुई, जबकि खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर कोर सीपीआई 0.3% रही जो अनुमानों से अधिक थी।
ब्याज दर बढ़ने की संभावनाओं का सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ा?
फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने के कारण सोना गिरकर 4,300 डॉलर के नीचे चला गया।
इस दौरान क्रिप्टोकरेंसी बाजार का रुख कैसा रहा?
बिटकॉइन 77,884 डॉलर के करीब कारोबार करता दिखा, जबकि इथेरियम 2,521 डॉलर और रिपल 1.38 डॉलर के अपने महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों पर टिके रहे।
प्रमुख मुद्रा जोड़ियों में क्या हलचल देखी गई?
AUD/USD जोड़ी गिरकर 0.7140 के करीब पहुंच गई, जबकि USD/JPY जोड़ी में खरीदारी लौटने से यह 154.00 के करीब पहुंच गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp