सितंबर के महीने में चीन के विदेशी व्यापार ने तेज रफ्तार पकड़ी है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में आर्थिक स्थिरता को नया संबल मिला है। वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से जुड़े पूंजीगत व्यय में तेज बढ़ोतरी और बढ़ती कीमतों ने प्रौद्योगिकी उत्पादों के दोतरफा व्यापार को मजबूती दी है। सितंबर में चीन की निर्यात वृद्धि दर उछलकर सालाना आधार पर 36.3 प्रतिशत तक पहुंच गई। इससे पहले अगस्त में यह आंकड़ा 25.0 प्रतिशत था, जबकि ब्लूमबर्ग का अनुमान 25.7 प्रतिशत रहने का था। इसी दौरान आयात में भी 31.0 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो अगस्त के 28.2 प्रतिशत और ब्लूमबर्ग के 25.0 प्रतिशत के अनुमान से कहीं अधिक रही।
साल 2026 के नौ महीनों में व्यापार अधिशेष का नया रिकॉर्ड
चीन के समग्र आर्थिक विकास को गति देने में उसका विदेशी व्यापार सबसे अहम पहिया साबित हो रहा है। वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों (9M26) के दौरान देश के कुल निर्यात में 21.3 प्रतिशत और कुल आयात में 27.5 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज की गई है। इस शानदार व्यापारिक प्रदर्शन के दम पर नौ महीनों का संचयी व्यापार अधिशेष बढ़कर 938.11 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 870.37 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया था। मौजूदा मजबूत आंकड़ों और तकनीकी क्षेत्र की मजबूत मांग को देखते हुए साल 2026 के लिए निर्यात वृद्धि का अनुमान 17.0 प्रतिशत से बढ़ाकर 23 प्रतिशत और आयात वृद्धि का अनुमान 22.0 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत कर दिया गया है।
अमेरिका और चीन के द्विपक्षीय व्यापार में सुधार
अमेरिका के साथ चीन के व्यापारिक रिश्तों में भी निरंतर सुधार देखने को मिल रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए अमेरिकी शुल्कों के निष्प्रभावी होने के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में सकारात्मक रुख बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति शी के बीच मई में हुई शिखर वार्ता के बाद से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में स्थिरता आई है। सितंबर में हुई दोनों देशों की हालिया बैठक ने भी स्थिर द्विपक्षीय संबंध बनाए रखने की प्रतिबद्धताओं को मजबूती दी है। इसी का परिणाम है कि सितंबर में अमेरिका के साथ चीन के निर्यात और आयात दोनों ने ही दहाई अंक की तेज विकास दर बनाए रखी है।
मुद्रा बाजारों में हलचल और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
चीन के व्यापार आंकड़ों और मुद्रास्फीति के मिश्रित आंकड़ों का सीधा असर वैश्विक मुद्रा विनिमय बाजार पर देखा गया है। बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD की जोड़ी 0.7000 के स्तर के पास मजबूती से टिकी रही। चीन में सितंबर महीने के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई उम्मीद से कम बढ़ा, जबकि उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी पीपीआई मुद्रास्फीति में तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही चीन के व्यापार अधिशेष में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद अमेरिकी डॉलर में सुस्ती छाई रही, जिससे AUD/USD को मजबूती मिली, जबकि निवेशकों की निगाहें अमेरिकी सीपीआई आंकड़ों पर टिकी रहीं।
जापानी येन का दायरा और अमेरिकी मुद्रास्फीति से सोने पर दबाव
दूसरी तरफ USD/JPY की जोड़ी बुधवार के एशियाई सत्र में 158.50 के करीब एक सीमित दायरे में कारोबार करती दिखाई दी। जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित दखलंदाजी के जोखिमों ने जापानी येन को सहारा दिया, जिससे कमजोर डॉलर के बावजूद इस जोड़ी की बढ़त सीमित रही। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर को सहारा भी दिया। बुधवार के अमेरिकी सत्र में जब अमेरिकी सीपीआई आंकड़े सामने आए, तो वहां मुद्रास्फीति अनुमान से ज्यादा गर्म रही। आंकड़ों के अनुसार सितंबर में अमेरिकी मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत बढ़ी, जिससे अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ गई और इस दबाव के चलते सोने की कीमतों में गिरावट का दौर और गहरा गया।
क्रिप्टो बाजार की स्थिति और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की ऊंचाई
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में XRP 1.36 डॉलर से ऊपर कारोबार करता नजर आया, जहां खरीदार इसे 1.40 डॉलर के आपूर्ति दायरे की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज ने दक्षिण कोरिया के पूंजी बाजारों के लिए संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की संभावनाएं तलाशने हेतु साझेदारी की है। उधर पारंपरिक ऋण बाजार में अक्टूबर की शुरुआत में लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 2002 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। ट्रेजरी की नई ऋण नीलामियों में निवेशक रिकॉर्ड हिस्सेदारी खरीद रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बॉन्ड बाजार में बिकवाली अन्य सौदों की सुरक्षा के लिए की जा रही है, न कि खरीदारों के बाजार से हटने के कारण।



















