अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार के एशियाई सत्र के दौरान USD/CAD करेंसी जोड़ी पर दबाव देखा जा रहा है। पिछले सत्र में एक हफ्ते के ऊपरी स्तर से वापस लौटने के बाद अब बिकवाली करने वाले traders 1.4000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे की चाल का इंतजार कर रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आई रिकवरी और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने कनाडाई मुद्रा को सहारा दिया है, जिससे करेंसी जोड़ी पर नीचे की तरफ रुझान बना हुआ है।
लाल सागर में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
बुधवार को तीन हफ्ते से अधिक के निचले स्तर को छूने के बाद कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में थोड़ा सुधार देखने को मिला है। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर मिसाइल हमलों की खबर के बाद सप्लाई बाधित होने की चिंता बढ़ गई। इस आपूर्ति संकट की आशंका ने कच्चे तेल को सहारा दिया है। चूंकि कच्चा तेल कनाडा का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी का सीधा सकारात्मक असर कनाडाई डॉलर पर दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों ने अमेरिकी डॉलर को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है, जो करेंसी जोड़ी के लिए एक अतिरिक्त रुकावट बना हुआ है।
आगामी आर्थिक आंकड़े और रोजगार रिपोर्ट पर नजर
बाजार सहभागी शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट और कनाडा के आधिकारिक रोजगार आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह आंकड़े USD/CAD करेंसी जोड़ी को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। इसके अलावा, मध्य पूर्व संकट से जुड़े नए घटनाक्रम भी बाजार की धारणा तय करेंगे। फिलहाल मिले-जुले बुनियादी माहौल को देखते हुए traders जून के उच्च स्तर से शुरू हुई गिरावट के दोबारा शुरू होने की पुष्टि के लिए अतिरिक्त बिकवाली के संकेतों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की सुस्ती का असर
अमेरिकी डॉलर में जारी कमजोरी का लाभ अन्य प्रमुख मुद्राओं को भी मिल रहा है। ब्रिटिश पाउंड में तेजी दर्ज की गई और GBP/USD जोड़ी बुधवार को 1.3480 के पार पहुंचकर दो दिनों के उच्चतम स्तर को छू गई। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर बनी उम्मीदों से पाउंड को लगातार दूसरे दिन मजबूती मिली। वहीं EUR/USD जोड़ी भी लगातार दूसरे दिन चढ़कर 1.1560 के आसपास कई हफ्तों के उच्च स्तर को चुनौती दे रही है। बाजार की नजर अब गुरुवार को आने वाले अमेरिकी साप्ताहिक बेरोजगारी दावों और चैलेंजर जॉब कट्स के आंकड़ों पर है।
कनाडाई डॉलर को प्रभावित करने वाले मुख्य बुनियादी कारक
कनाडाई डॉलर की विनिमय दर मुख्य रूप से बैंक ऑफ कनाडा (BoC) की मौद्रिक नीतियों और ब्याज दरों पर निर्भर करती है। बैंक ऑफ कनाडा का प्राथमिक लक्ष्य मुद्रास्फीति को 1 से 3 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखना है। जब बैंक ऑफ कनाडा ब्याज दरें बढ़ाता है, तो यह कनाडाई डॉलर के लिए सकारात्मक साबित होता है। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक क्रेडिट स्थितियों को नियंत्रित करने के लिए क्वांटिटेटिव ईज़िंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग का उपयोग करता है। क्वांटिटेटिव ईज़िंग से मुद्रा का मूल्य घटता है, जबकि क्वांटिटेटिव टाइटनिंग से मुद्रा को मजबूती मिलती है।
कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए कच्चा तेल अत्यंत महत्वपूर्ण है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से कनाडाई मुद्रा की कुल मांग बढ़ती है और व्यापार संतुलन में सुधार होता है। आधुनिक वित्तीय व्यवस्था में, उच्च मुद्रास्फीति के कारण केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, जिससे आकर्षक रिटर्न की तलाश में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ता है और स्थानीय मुद्रा मजबूत होती है। इसके अलावा, सकल घरेलू उत्पाद (GDP), मैन्युफैक्चरिंग एवं सर्विसेज PMI, रोजगार आंकड़े और उपभोक्ता भावना जैसे आर्थिक संकेतक भी कनाडाई डॉलर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



















