उत्तर प्रदेश के ताजनगरी इलाके में स्थित शास्त्रीपुरम तेज पुल पर मरम्मत का काम पूरी रफ्तार से संचालित किया जा रहा है। लंबे समय से जर्जर हालत में पड़े इस प्रमुख मार्ग के धरातल को सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग ने विशेष पहल की है। पूर्व में इस ऊपरी पुल की ऊपरी परत उखड़ जाने और जगह-जगह गहरे गड्ढे उभरने के कारण सफर करना जोखिम भरा बन चुका था। कई बिंदुओं पर कंक्रीट टूटने से अंदर लगी लोहे की छड़ें तक सतह पर दिखाई देने लगी थीं, जिसके चलते दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को अनहोनी की आशंका सताती रहती थी। लगातार सामने आ रहे हादसों और नागरिकों की समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभाग ने अब इस पूरे ढांचे के कायाकल्प का जिम्मा संभाल लिया है।
सिकंदरा मार्ग पर लगने वाले जाम से मिलेगी स्थायी राहत
यह महत्वपूर्ण ऊपरी पुल आगरा के विभिन्न आवासीय मोहल्लों तथा शहर के औद्योगिक गलियारों को रुनकता के रास्ते सीधे दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है। जब तक यह मार्ग बदहाल था, तब तक दैनिक यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों को विवश होकर सिकंदरा तथा आसपास के अन्य वैकल्पिक मार्गों का चक्कर लगाना पड़ता था। संकरे और अतिरिक्त यातायात वाले इन रास्तों पर रोजाना कई किलोमीटर लंबी कतारें लग जाती थीं, जिससे कामकाजी लोगों और मालवाहक वाहनों के घंटों बर्बाद होते थे। लोक निर्माण विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस सुधार अभियान से अब उम्मीद जगी है कि शहर के आंतरिक मार्गों पर वाहनों का अनावश्यक दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा और लोगों की यात्रा सुगम बनेगी।
मथुरा और दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहनों का सफर होगा सुगम
औद्योगिक क्षेत्रों से माल ढुलाई करने वाले भारी वाहनों, दैनिक वेतनभोगियों और दिल्ली-मथुरा की दिशा में नियमित यात्रा करने वालों के लिए यह कॉरिडोर रीढ़ की हड्डी माना जाता है। तेज पुल के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद वाहन चालकों को जाम से जूझते हुए अतिरिक्त फेरा नहीं लगाना पड़ेगा। सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचने का विकल्प मिलने से न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि समय की बर्बादी पर भी विराम लगेगा। शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में इस सड़क सुधार को एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे मुख्य शहर के भीतर ट्रकों और बाहरी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित होगी।
15 अक्टूबर तक निर्धारित है नवीनीकरण का समग्र लक्ष्य
निर्माण स्थल पर जीर्णोद्धार करवा रहे ठेकेदार आलोक वर्मा ने प्रगति का ब्योरा साझा करते हुए स्पष्ट किया कि ढांचे के एक लेन का काम सफलतापूर्वक निपटा लिया गया है। वर्तमान समय में कार्यबल दूसरे हिस्से को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। आलोक वर्मा के अनुसार, "शेष कार्य को आगामी 15 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।" सड़क की सतह समतल करने के अलावा दोनों किनारों पर सुरक्षा रेलिंग लगाने और दरारों को कंक्रीट से भरने की प्रक्रिया जारी है। तय समयावधि में दोनों तरफ का आवागमन सुचारु होने के पश्चात क्षेत्र के निवासियों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलने लगेगी।























