बिहार की राजनीति में दशकों तक शीर्ष पर रहने वाले नीतीश कुमार ने जब से मुख्यमंत्री का पद छोड़ा है, तब से उनके दिन बिताने के तरीकों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। जो लोग यह कयास लगा रहे हैं कि सत्ता से दूर होकर वे आराम कर रहे हैं, वे उनकी कार्यशैली से शायद वाकिफ नहीं हैं। वर्तमान में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी सक्रियता पहले जैसी ही बरकरार है। पटना के 7, सर्कुलर रोड स्थित उनके आधिकारिक आवास पर सुबह होते ही नेताओं और समर्थकों का जमघट शुरू हो जाता है। हाल ही में आरसीपी सिंह के साथ उनकी मुलाकात और इस पर पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार की टिप्पणी ने नीतीश कुमार के मिलने-जुलने के प्रोटोकॉल को लेकर कई बातें स्पष्ट कर दी हैं।
आरसीपी सिंह के साथ मुलाकात की सच्चाई
आरसीपी सिंह ने हाल ही में नीतीश कुमार से चार साल बाद मुलाकात की थी और दावा किया कि बातचीत बेहद आत्मीय माहौल में हुई। हालांकि, जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस मुलाकात के महत्व को कम करते हुए बताया कि नीतीश कुमार से मिलने के लिए सुबह 8 बजे का समय आम जनता और कार्यकर्ताओं के लिए खुला रहता है। इसमें किसी विशेष अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं होती। नीरज कुमार ने साफ किया कि अगर कोई इसे किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ रहा है, तो वह गलतफहमी में है। यदि नीतीश कुमार को आरसीपी सिंह से कोई विशेष चर्चा करनी होती, तो वे उन्हें अलग से समय देते। यह स्पष्ट है कि नीतीश कुमार का सुबह का समय अब भी आम लोगों के लिए सहज उपलब्ध है।
नीतीश कुमार की दिनचर्या: सुबह से रात तक
सीएम पद से हटने के बाद भी नीतीश कुमार ने अपने अनुशासित जीवन को नहीं बदला है। उनकी दिनचर्या का खाका कुछ इस तरह है:
सुबह की शुरुआत (05:30 AM – 07:00 AM)
नीतीश कुमार प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे सोकर उठ जाते हैं। स्वास्थ्य के प्रति बेहद सचेत रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री सुबह के 45 मिनट अपने आवास के लॉन में टहलते हैं। इसके बाद वे नियमित रूप से योग और प्राणायाम करते हैं ताकि वे पूरे दिन चुस्त रह सकें।
अखबार और मुलाकातों का समय (07:00 AM – 08:30 AM)
तैयारी के बाद नीतीश कुमार देश और राज्य के सभी प्रमुख हिंदी और अंग्रेजी अखबारों का बारीकी से अध्ययन करते हैं। ठीक 8 बजे के आसपास वे अपने आवास के बाहरी लॉन में चले आते हैं। इस समय कोई भी पार्टी कार्यकर्ता या नेता उनसे बिना किसी पूर्व अनुमति के मिल सकता है।
पार्टी का कामकाज और बैठकें (09:00 AM – 01:30 PM)
सुबह 9 बजते ही नीतीश कुमार 7, सर्कुलर रोड पर स्थित जेडीयू कार्यालय पहुंच जाते हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए भी यही उनका अनुशासन था और आज भी वे इसका कड़ाई से पालन कर रहे हैं। यहाँ वे पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और वरिष्ठ मंत्रियों के साथ आगामी चुनावों की रणनीति और सदस्यता अभियान की समीक्षा करते हैं।
दोपहर का भोजन और विश्राम (01:30 PM – 04:30 PM)
दोपहर में वे बेहद सात्विक भोजन करते हैं जिसमें दाल, चावल, रोटी और हरी सब्जियां शामिल होती हैं। डॉक्टरों की सलाह का पालन करते हुए, भोजन के बाद वे एक से डेढ़ घंटे का पूर्ण विश्राम करते हैं।
सांध्यकालीन गतिविधियाँ (04:30 PM – 07:30 PM)
शाम की चाय के बाद नीतीश कुमार का समय अध्ययन के लिए समर्पित होता है। उन्हें इतिहास और समाजशास्त्र की पुस्तकें पढ़ने में काफी रुचि है। शाम के समय वे चुनिंदा रणनीतिकारों के साथ गंभीर राजनीतिक बैठकों में शामिल होते हैं। कभी-कभी वे पटना संग्रहालय या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भ्रमण के लिए भी निकलते हैं।
पारिवारिक समय (08:00 PM – 10:00 PM)
रात 8 बजे के बाद का समय पूरी तरह से उनके परिवार के लिए आरक्षित होता है। वे अपने बेटे निशांत कुमार के साथ समय बिताते हैं, जिन्हें हालिया चर्चाओं में पार्टी की विरासत का उत्तराधिकारी माना जा रहा है। रात के 10 बजते ही वे विश्राम के लिए चले जाते हैं।
भले ही बिहार सरकार का सीधा नियंत्रण अब उनके पास नहीं है, लेकिन जेडीयू और प्रशासनिक गलियारों में नीतीश कुमार की सहमति आज भी सर्वोपरि है। हाल ही में जेडीयू राष्ट्रीय परिषद द्वारा उन्हें सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा गया है। यह उनकी अनुशासित दिनचर्या ही है जो साबित करती है कि वे राजनीति के मुख्य खिलाड़ी बने हुए हैं और 2026 की चुनावी चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।













