अभनपुर में जमा हुए 41 जिला अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की संगठनात्मक ताकत को नए सिरे से तराशने की कोशिश रायपुर से कुछ दूर अभनपुर के अग्रवाल भवन में जोर-शोर से चल रही है। प्रदेश के सभी 41 नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए यहां एक 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर चल रहा है, जिसे 20 जून को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग ने शुरू किया। मकसद सिर्फ ब्रीफिंग देना नहीं, बल्कि जिला नेताओं को जमीनी राजनीति, जनसंपर्क और जनआंदोलन चलाने में पूरी तरह पारंगत बनाना है।
राहुल गांधी की सीधी पाठशाला
शिविर के दूसरे दिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रायपुर पहुंचे और एयरपोर्ट से सीधे अभनपुर के शिविर स्थल की ओर रवाना हो गए। वहां उन्होंने करीब 4 घंटे तक जिला अध्यक्षों से आमने-सामने बात की। यह एकतरफा भाषण नहीं था, बल्कि राहुल गांधी ने एक-एक जिला अध्यक्ष की बात ध्यान से सुनी, उनकी समस्याओं पर फीडबैक दिया और संगठन को सक्रिय करने के ठोस तरीके बताए। इससे पहले उन्होंने राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकर प्रदेश में पार्टी की स्थिति का जायजा भी लिया। उनका स्पष्ट मानना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व का जिला स्तर तक सीधा संपर्क ही कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास भर सकता है।
बूथ तक पहुंचे कांग्रेस की विचारधारा
प्रशिक्षण का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि संगठन को बूथ स्तर पर खड़ा करना जिला अध्यक्षों की सबसे पहली जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस की विचारधारा को गांव-गांव तक ले जाए बिना चुनावी जमीन नहीं बनती। उन्होंने जिला अध्यक्षों से कहा कि वे जनता के बीच रहें, उनके मुद्दों को करीब से समझें और उन्हें असरदार तरीके से उठाएं। शिविर में केवल कमरों के भीतर चर्चा नहीं हो रही, फील्ड विजिट और व्यावहारिक राजनीतिक गतिविधियों के जरिए भी नेतृत्व कौशल सिखाया जा रहा है।
'जल, जंगल, जमीन' पर बड़े आंदोलन की तैयारी
इस शिविर का एक बड़ा राजनीतिक एजेंडा भी है। कांग्रेस आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में 'जल, जंगल और जमीन' के मुद्दे पर व्यापक आंदोलन छेड़ने की योजना बना रही है। पार्टी का आरोप है कि राज्य में आदिवासियों और ग्रामीण तबके के अधिकारों पर लगातार हमला हो रहा है। राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि इन अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन की सीढ़ियों तक लड़ी जाएगी।
छत्तीसगढ़ को लेकर केंद्रीय नेतृत्व गंभीर
राहुल गांधी की इस मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं तक एक साफ संदेश पहुंचाया है कि आगामी चुनावों की तैयारी में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राष्ट्रीय रणनीति में अहम जगह रखता है। पार्टी को पूरा भरोसा है कि इस 10 दिवसीय शिविर से तैयार होकर निकलने वाले 41 जिला अध्यक्ष प्रदेश में संगठन में नई ऊर्जा भरेंगे।













