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राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ मिशन, 41 जिला अध्यक्षों के साथ 4 घंटे की मंत्रणा और 'जल, जंगल, जमीन' पर बड़े आंदोलन का एलानराजनीति
21 जून 2026, 7:37 pm (45 दिन पहले)· 3

राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ मिशन, 41 जिला अध्यक्षों के साथ 4 घंटे की मंत्रणा और 'जल, जंगल, जमीन' पर बड़े आंदोलन का एलान

रायपुर के पास अभनपुर में 20 जून से चल रहे 10 दिवसीय कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के 41 नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के साथ करीब 4 घंटे सीधी बातचीत की और 'जल, जंगल, जमीन' के मुद्दे पर बड़े आंदोलन का संकल्प दिखाया।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की संगठनात्मक ताकत को नए सिरे से तराशने की कोशिश रायपुर से कुछ दूर अभनपुर के अग्रवाल भवन में जोर-शोर से चल रही है। प्रदेश के सभी 41 नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए यहां एक 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर चल रहा है, जिसे 20 जून को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग ने शुरू किया। मकसद सिर्फ ब्रीफिंग देना नहीं, बल्कि जिला नेताओं को जमीनी राजनीति, जनसंपर्क और जनआंदोलन चलाने में पूरी तरह पारंगत बनाना है।

राहुल गांधी की सीधी पाठशाला

शिविर के दूसरे दिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रायपुर पहुंचे और एयरपोर्ट से सीधे अभनपुर के शिविर स्थल की ओर रवाना हो गए। वहां उन्होंने करीब 4 घंटे तक जिला अध्यक्षों से आमने-सामने बात की। यह एकतरफा भाषण नहीं था, बल्कि राहुल गांधी ने एक-एक जिला अध्यक्ष की बात ध्यान से सुनी, उनकी समस्याओं पर फीडबैक दिया और संगठन को सक्रिय करने के ठोस तरीके बताए। इससे पहले उन्होंने राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकर प्रदेश में पार्टी की स्थिति का जायजा भी लिया। उनका स्पष्ट मानना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व का जिला स्तर तक सीधा संपर्क ही कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास भर सकता है।

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बूथ तक पहुंचे कांग्रेस की विचारधारा

प्रशिक्षण का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि संगठन को बूथ स्तर पर खड़ा करना जिला अध्यक्षों की सबसे पहली जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस की विचारधारा को गांव-गांव तक ले जाए बिना चुनावी जमीन नहीं बनती। उन्होंने जिला अध्यक्षों से कहा कि वे जनता के बीच रहें, उनके मुद्दों को करीब से समझें और उन्हें असरदार तरीके से उठाएं। शिविर में केवल कमरों के भीतर चर्चा नहीं हो रही, फील्ड विजिट और व्यावहारिक राजनीतिक गतिविधियों के जरिए भी नेतृत्व कौशल सिखाया जा रहा है।

'जल, जंगल, जमीन' पर बड़े आंदोलन की तैयारी

इस शिविर का एक बड़ा राजनीतिक एजेंडा भी है। कांग्रेस आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में 'जल, जंगल और जमीन' के मुद्दे पर व्यापक आंदोलन छेड़ने की योजना बना रही है। पार्टी का आरोप है कि राज्य में आदिवासियों और ग्रामीण तबके के अधिकारों पर लगातार हमला हो रहा है। राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि इन अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन की सीढ़ियों तक लड़ी जाएगी।

छत्तीसगढ़ को लेकर केंद्रीय नेतृत्व गंभीर

राहुल गांधी की इस मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं तक एक साफ संदेश पहुंचाया है कि आगामी चुनावों की तैयारी में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राष्ट्रीय रणनीति में अहम जगह रखता है। पार्टी को पूरा भरोसा है कि इस 10 दिवसीय शिविर से तैयार होकर निकलने वाले 41 जिला अध्यक्ष प्रदेश में संगठन में नई ऊर्जा भरेंगे।

सवाल-जवाब

यह प्रशिक्षण शिविर कहां और कब शुरू हुआ?
यह शिविर 20 जून को रायपुर के पास अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन में शुरू हुआ और 10 दिनों तक चलेगा।
इस शिविर में कितने जिला अध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं?
छत्तीसगढ़ के सभी 41 नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्ष इस शिविर में भाग ले रहे हैं।
राहुल गांधी ने शिविर में कितना समय बिताया?
राहुल गांधी शिविर के दूसरे दिन रायपुर पहुंचे और जिला अध्यक्षों के साथ करीब 4 घंटे तक संवाद किया।
कांग्रेस किस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन छेड़ने की तैयारी में है?
कांग्रेस छत्तीसगढ़ में 'जल, जंगल और जमीन' के मुद्दे पर व्यापक आंदोलन की योजना बना रही है और आदिवासियों व ग्रामीणों के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई का ऐलान किया गया है।
इस शिविर का आयोजन किसने किया?
यह शिविर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग द्वारा आयोजित किया गया है।
शिविर में जिला अध्यक्षों को क्या सिखाया जा रहा है?
जिला अध्यक्षों को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने, जनसंपर्क, जनआंदोलन चलाने और राजनीतिक नेतृत्व कौशल विकसित करने की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसमें फील्ड विजिट भी शामिल हैं।
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