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हस्तकला के शौक को बनाया आजीविका, बोकारो की सुनीता कोठारी ने घर बैठे शुरू किया सजावटी सामान का सफल व्यवसायसक्सेस स्टोरी
4 नव॰ 2026, 10:28 am (1 मिनट पहले)· 0

हस्तकला के शौक को बनाया आजीविका, बोकारो की सुनीता कोठारी ने घर बैठे शुरू किया सजावटी सामान का सफल व्यवसाय

बोकारो की सुनीता कोठारी ने घर की सजावट के अपने पुराने शौक को एक फलता-फूलता हैंडमेड उद्यम बना दिया है। वह हर महीने 100 से अधिक तोरण बेचकर अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।

झारखंड के बोकारो शहर में रहने वाली सुनीता कोठारी ने अपनी रचनात्मकता और लगन के बल पर स्वावलंबन का एक नया रास्ता तैयार किया है। घरेलू सजावट के लिए तरह-तरह के सुंदर तोरण और डोर हैंगिंग बनाने का जो शौक उन्होंने वर्षों पहले शुरू किया था, वही अब एक सुव्यवस्थित घरेलू उद्यम का रूप ले चुका है। वह अपने आवास से ही पारंपरिक तोरण, दरवाजों के आकर्षक हैंगिंग, त्योहारी गिफ्ट हैम्पर और कई तरह के सजावटी उत्पाद तैयार करती हैं। इन हस्तनिर्मित उत्पादों को वह सीधे अपने घर के साथ-साथ डिजिटल मंचों के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाकर बेहतर आय अर्जित कर रही हैं।

शौक से उद्यम तक का सफर

सुनीता कोठारी को बीते कई वर्षों से अपने घर को विशेष रूप से सजाने का गहरा शौक रहा है। वह अपने खाली समय में हाथों से तोरण और दीवार पर लटकने वाले सजावटी सामान तैयार किया करती थीं। उनकी कारीगरी में दिखने वाली सफाई, रंगों के बेहतर संयोजन और सुंदर डिजाइनों को देखकर पड़ोसियों तथा परिचितों ने उन्हें इसे व्यावसायिक रूप देने का सुझाव दिया। जब उन्होंने शुरुआती स्तर पर कुछ उत्पाद लोगों के सामने रखे, तो ग्राहकों की ओर से बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इस उत्साहजनक शुरुआत ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न प्रदर्शनियों में भाग लेना शुरू किया, जहां लोगों ने उनके काम को काफी सराहा। धीरे-धीरे इंटरनेट के दौर में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने उत्पादों को प्रदर्शित करना शुरू किया, जिससे धनबाद, रांची तथा आसपास के कई अन्य शहरों से भी नियमित मांग आने लगी। आज फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से उन्हें लगातार नए ऑर्डर मिल रहे हैं।

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बारीक कारीगरी और उत्पादन की प्रक्रिया

हस्तनिर्मित तोरण तैयार करने की पूरी प्रक्रिया काफी श्रमसाध्य और एकाग्रता वाली होती है। किसी भी नए उत्पाद को बनाने के लिए सबसे पहले बाजार से अलग-अलग प्रकार का कच्चा माल एकत्र करना पड़ता है। इसके बाद उत्पाद की नई रूपरेखा और डिजाइन तैयार की जाती है। सजावट के दौरान चूड़ियों, आकर्षक बूटी, रंग-बिरंगे लटकन और अन्य सजावटी सामग्री को बेहद नफासत के साथ ढांचागत रूप दिया जाता है। डिजाइन तैयार करने और उसे सही आकार देने में काफी वक्त लगता है, जिसके चलते एक व्यक्ति पूरे दिन में लगभग दो तोरण ही बना पाता है। लगातार बढ़ते ऑर्डरों को समय पर पूरा करने के लिए सुनीता ने अपने साथ दो अन्य स्थानीय महिलाओं को भी इस काम से जोड़ा है। वह उन्हें बाकायदा वेतन देती हैं, जिससे उन महिलाओं को भी आर्थिक संबल मिल रहा है।

उत्पाद श्रृंखला, कीमतें और बाजार में मांग

ग्राहकों की आर्थिक क्षमता और उनकी निजी पसंद को ध्यान में रखते हुए यहां विभिन्न श्रेणियों में सजावटी सामान तैयार किए जाते हैं। उनके संग्रह में सामान्य रोजमर्रा की सजावट वाले तोरण से लेकर भव्य और प्रीमियम डिजाइन वाले तोरण मौजूद हैं। विशिष्ट और भारी काम वाले तोरणों की कीमत 500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक तय की गई है। मुख्य द्वार के दोनों किनारों पर सजाए जाने वाले हैंगिंग 200 रुपये से लेकर 250 रुपये के मूल्य वर्ग में उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त उनके पास हस्तनिर्मित गिफ्ट हैम्पर, रोली-चावल की पूजा थालियां, दिवाली के लिए विशेष लक्ष्मी-गणेश और शुभ-लाभ के स्टिकर भी तैयार मिलते हैं। इन सभी सामानों के बीच पूरे वर्ष सबसे ज्यादा मांग तोरणों की ही बनी रहती है। इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए हर महीने 100 से भी अधिक तोरणों के ऑर्डर उन्हें मिल जाते हैं, जिससे नियमित आमदनी सुनिश्चित होती है। ग्राहक इन उत्पादों की खरीदारी के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कोठारी क्रिएशन के जरिए संपर्क कर सकते हैं।

पारिवारिक सहयोग और महिलाओं के लिए संदेश

इस पूरे उद्यम को सफलतापूर्वक संचालित करने में सुनीता को अपने परिवार का पूरा सहयोग प्राप्त होता है। उनकी बेटी रिषिका कोठारी डिजिटल दुनिया में कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सोशल मीडिया प्रबंधन और ऑनलाइन प्रचार-प्रसार का जिम्मा संभालती हैं। अपने अनुभव साझा करते हुए सुनीता कहती हैं कि महिलाओं को घर-परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ अपने भीतर छिपी रुचियों और हुनर को भी पहचानना चाहिए। यदि किसी के पास दिन में थोड़ा सा भी खाली समय बचता है और मन में कुछ नया सीखने या रचने की ललक है, तो उस प्रतिभा का उपयोग किसी रचनात्मक कार्य में अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से न केवल मानसिक शांति, आत्मसंतुष्टि और खुशी का अनुभव होता है, बल्कि इंसान को समाज में अपनी एक स्वतंत्र और सशक्त पहचान बनाने का अवसर भी प्राप्त होता है।

सवाल-जवाब

सुनीता कोठारी कहां की रहने वाली हैं और वह क्या बनाती हैं?
सुनीता कोठारी झारखंड के बोकारो की निवासी हैं और वह हस्तनिर्मित तोरण, डोर हैंगिंग, दिवाली गिफ्ट हैम्पर और सजावटी सामान तैयार करती हैं।
उनके बनाए तोरण और हैंगिंग की कीमत कितनी है?
उनके द्वारा बनाए गए तोरण 500 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक और गेट के हैंगिंग 200 रुपये से लेकर 250 रुपये के बीच उपलब्ध हैं।
एक दिन में कितने तोरण तैयार हो पाते हैं?
डिजाइन तैयार करने और बारीक सजावटी सामग्री सेट करने में काफी समय लगने के कारण एक दिन में लगभग दो तोरण ही तैयार हो पाते हैं।
क्या इस काम में उन्होंने अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया है?
जी हां, बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उनके साथ दो महिलाएं जुड़ी हैं, जिन्हें वह बाकायदा वेतन देती हैं।
व्यवसाय में सुनीता की मदद कौन करता है और ग्राहक ऑर्डर कैसे दे सकते हैं?
उनकी बेटी रिषिका कोठारी सोशल मीडिया प्रबंधन में मदद करती हैं, और ग्राहक फेसबुक व इंस्टाग्राम पर कोठारी क्रिएशन के जरिए ऑर्डर दे सकते हैं।
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