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किचन से शुरू हुआ मसाला ब्रांड: रांची की सुष्मिता ने 5 साल में खड़ा किया लाखों का कारोबार, बताए कामयाबी के असली नुस्खेसक्सेस स्टोरी
14 जून 2026, 12:15 am (45 दिन पहले)· 2

किचन से शुरू हुआ मसाला ब्रांड: रांची की सुष्मिता ने 5 साल में खड़ा किया लाखों का कारोबार, बताए कामयाबी के असली नुस्खे

रांची की सुष्मिता ने घर की रसोई से मसाला बनाने का काम शुरू किया और पांच साल की लगातार मेहनत के बाद इसे लाखों की कमाई वाले ब्रांड में बदल दिया। यहां उन्होंने बताया कि कोई भी इस राह पर कैसे चल सकता है।

घर की रसोई अक्सर सिर्फ खाना बनाने की जगह मानी जाती है, लेकिन रांची की सुष्मिता के लिए यही जगह एक पूरे कारोबार की नींव बन गई। उन्होंने अपने हाथ से बने मसालों से शुरुआत की और पांच साल की मेहनत के बाद आज यह एक ऐसा ब्रांड है जो हर महीने लाखों की कमाई करा रहा है। सुष्मिता का कहना है कि इस सफर में कोई जादू नहीं, बस सही तरीका और सब्र चाहिए। उन्होंने अपने अनुभव से कुछ साफ-साफ सबक साझा किए हैं, जिन्हें कोई भी अपने घर से अपनाकर शुरुआत कर सकता है।

शुरुआत पैसे से नहीं, क्वालिटी से करें

सुष्मिता के मुताबिक सबसे पहला कदम है खुद मसाला बनाना और उसे आस-पड़ोस के लोगों तथा रिश्तेदारों तक पहुंचाना। शुरुआत में पैसा कमाने की बजाय मसाला मुफ्त में बांटें और लोगों से पूछें कि स्वाद कैसा लगा। उनका जोर इस बात पर है कि कमाई बाद में देखें, पहले यह तय करें कि आपके मसाले की गुणवत्ता वाकई अच्छी है और लोगों को पसंद आ रही है।

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वे यह भी समझाती हैं कि अगर फीडबैक खराब मिले तो हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। उल्टा, शांति से बैठकर यह पता लगाना चाहिए कि कमी कहां रह गई। उनके शब्दों में, अगर एक ही चीज़ 50 बार बनानी पड़े तो 50 बार बनाइए, इसमें कोई हर्ज नहीं। कामयाबी पाने के लिए निराश होना सबसे बड़ी गलती है।

पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर पूरा ध्यान

क्वालिटी पक्की होने के बाद बारी आती है ब्रांड बनाने की। सुष्मिता सलाह देती हैं कि अपने ब्रांड का एक नाम सोचें और फिर किसी एनीमेशन स्टोर से डिब्बे पर छपने वाली सारी जानकारी तैयार करवाएं — जैसे एक्सपायरी डेट और मसाले में क्या-क्या मिला है। उनका एक खास सुझाव यह है कि डिब्बे पर कोई यूनिक रेसिपी भी लिख दें, जिससे ग्राहक को पता चले कि इस मसाले से वह और क्या-क्या बना सकता है।

इसके पीछे उनकी सोच साफ है — जब ग्राहक डिब्बा खरीदेगा और उस पर एक रेसिपी भी देखेगा, तो उसे अतिरिक्त मूल्य महसूस होगा। वे कहती हैं कि सारे स्टीकर एनीमेशन स्टोर से बनवाएं और डिब्बे ऊंची क्वालिटी के रखें। उनका मानना है कि दुनिया पहले बाहरी चमक देखती है और अंदर की बात बाद में पता चलती है, इसलिए जनता को आकर्षित करने के लिए बाहरी पैकेजिंग शानदार होनी ज़रूरी है।

सोशल मीडिया से पहला ऑर्डर तक का रास्ता

प्रोडक्ट और पैकेजिंग तैयार होने के बाद सुष्मिता सबसे पहले सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं। Instagram, Facebook और WhatsApp स्टेटस पर अपने मसाले की जानकारी डालना शुरू करें और शुरुआत में पूरे 50% तक का डिस्काउंट रखें। उनका दावा है कि इससे ऑर्डर ज़रूर आएंगे। साथ ही वे Instagram पर एक ऑफिशियल पेज बनाने और उस पर कांटेक्ट नंबर तथा ईमेल आईडी जैसी हर जानकारी देने की बात कहती हैं।

धीरे-धीरे एक और दो ऑर्डर आने लगेंगे, और सुष्मिता इसी पल को सबसे बड़ी जीत मानती हैं। उनके मुताबिक असली कमाल तब होता है जब आप इन्हीं एक-दो ग्राहकों को दोबारा ऑर्डर देने के लिए मना लेते हैं। यहीं से लॉयल यानी भरोसेमंद ग्राहकों की कतार बननी शुरू होती है।

5 साल की मेहनत, कोई शॉर्टकट नहीं

सुष्मिता बार-बार एक बात पर ज़ोर देती हैं — किसी भी कारोबार में ईमानदारी, लगन और धैर्य तीनों जरूरी हैं। उनके अनुसार कम से कम पांच साल जी-तोड़ मेहनत करनी पड़ती है और इसमें कोई शॉर्टकट काम नहीं आता। लेकिन अगर कोई इतना धीरज और मेहनत दिखा दे, तो एक समय के बाद उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता और फिर घर बैठे ही लाख रुपये तक की कमाई आराम से होती रहती है।

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