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नवादा में मनोज प्रसाद का बेटा विपुल बना इलाके का पहला चार्टर्ड अकाउंटेंट, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागतसक्सेस स्टोरी
10 घंटे पहले· 2

नवादा में मनोज प्रसाद का बेटा विपुल बना इलाके का पहला चार्टर्ड अकाउंटेंट, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत

नवादा जिले के काशीचक बाजार में किराना व्यापारी मनोज प्रसाद के बेटे विपुल कुमार ने चार्टर्ड अकाउंटेंट की परीक्षा पास कर इलाके में इतिहास रच दिया, घर लौटने पर परिवार और मोहल्लेवासियों ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

बिहार के नवादा जिले के काशीचक बाजार में इन दिनों एक आम परिवार के घर उत्सव जैसा माहौल है। पटेल नगर मुहल्ले में किराना दुकान चलाने वाले मनोज प्रसाद के बेटे विपुल कुमार चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी CA की मुश्किल परीक्षा पास करके जब घर लौटे, तो पूरा मोहल्ला उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़ा।

ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच घर वापसी

घर पहुंचने पर विपुल का स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं रहा। परिवार और मोहल्लेवासियों ने ढोल-नगाड़े बजाकर, फूल मालाएं पहनाकर और पटाखे छोड़कर उनका भव्य स्वागत किया। दहलीज पर परिजनों ने उनकी आरती उतारी और मुंह मीठा कराकर खुशी जताई। इस नजारे को देखने के लिए आसपास के तमाम लोग भी जमा हो गए।

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बेटे की कामयाबी पर माता-पिता गदगद

विपुल के माता-पिता ने बताया कि उन्हें अपने बेटे पर बेहद गर्व है, जिसने अपने प्रखंड, गांव और पूरे समाज का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि गांव में विपुल पहले ऐसे युवक हैं जिन्होंने सीए जैसी कठिन परीक्षा पास की है, जबकि इलाके के किसी और गांव में अब तक कोई सीए नहीं निकला था।

कोडरमा के सैनिक स्कूल से कोलकाता तक की तैयारी

परिवार के अनुसार विपुल शुरू से ही पढ़ाई में काफी लगनशील रहे हैं। उन्होंने अपनी दसवीं तक की शिक्षा कोडरमा स्थित सैनिक स्कूल से पूरी की, इसके बाद सीए की तैयारी के लिए कोलकाता चले गए और वहीं रहकर दिन-रात जुटे रहे, जिसका नतीजा अब सबके सामने है। परिजनों का कहना है कि काशीचक प्रखंड से सीए बनने वाले विपुल पहले युवक हैं, और इसे पूरे इलाके के लिए बड़े गर्व की बात बताया जा रहा है।

बधाई देने वालों का लगा तांता

विपुल की कामयाबी की खबर फैलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों की भीड़ लग गई। समाज के लोगों, राजनीतिक चेहरों और स्थानीय व्यापारियों ने भी उनसे मुलाकात कर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मेहनत और अनुशासन से मिलेगी हर मंजिल

विपुल कुमार ने अपनी सफलता के पीछे अभिभावकों और गुरुजनों की मेहनत को अहम बताया। उनका मानना है कि अनुशासन और लगातार मेहनत से कोई भी लक्ष्य पाया जा सकता है। उनका कहना है कि हर छात्र को लगातार मेहनत करते रहना चाहिए, क्योंकि सफलता देर-सबेर जरूर मिलती है। एक सामान्य दुकानदार परिवार से निकलकर सीए बनने तक का यह सफर अब इलाके के तमाम युवाओं के लिए मिसाल बन गया है।

सवाल-जवाब

विपुल कुमार कौन हैं?
वे नवादा के काशीचक बाजार स्थित पटेल नगर मुहल्ले के किराना दुकानदार मनोज प्रसाद के बेटे हैं, जिन्होंने हाल ही में चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी CA की परीक्षा पास की है।
विपुल की यह उपलब्धि खास क्यों मानी जा रही है?
वे अपने गांव और काशीचक प्रखंड के पहले युवक हैं जिन्होंने सीए की परीक्षा पास की है, जबकि आसपास के किसी और गांव में अब तक कोई सीए नहीं निकला था।
विपुल ने अपनी पढ़ाई कहां से की?
उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई कोडरमा के सैनिक स्कूल से की और उसके बाद सीए की तैयारी कोलकाता में रहकर की।
घर लौटने पर विपुल का स्वागत कैसे किया गया?
परिवार और मोहल्लेवासियों ने ढोल-नगाड़े बजाकर, फूल मालाएं पहनाकर और पटाखे छोड़कर उनका स्वागत किया, साथ ही आरती उतारकर मुंह मीठा कराया।
विपुल की सफलता पर उनके माता-पिता ने क्या कहा?
माता-पिता ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, जिसने अपने प्रखंड, गांव और पूरे समाज का नाम रोशन किया है।
विपुल ने अपनी सफलता का श्रेय किसे दिया?
उन्होंने अपनी सफलता के पीछे अपने अभिभावकों और गुरुजनों की मेहनत को अहम बताया।
विपुल ने अन्य छात्रों को क्या संदेश दिया?
उनका कहना है कि अनुशासन और लगातार मेहनत से कोई भी लक्ष्य पाया जा सकता है और हर छात्र को मेहनत करते रहना चाहिए, क्योंकि सफलता देर-सबेर जरूर मिलती है।
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