रणभूमि में भूख मिटाने के लिए फौजी कैसे करते थे पैकेटबंद खुराक का इस्तेमालराजस्थान के बूंदी जिला अस्पताल में सफाईकर्मियों का कार्य बहिष्कार, बकाया मानदेय को लेकर मुख्य द्वार पर प्रदर्शनसऊदी अरब में सुरक्षा संकट के चलते रियाद जाने वाली उड़ानें 15 अक्टूबर तक स्थगितकड़वाहट भूलकर उंगलियां चाटेंगे सब, घर पर इस आसान विधि से बनाएं तरीदार करेला मसालाकानपुर और लखनऊ के बीच जाजमऊ पुल की मरम्मत के साथ 100 मीटर संपर्क मार्ग का भी होगा कायाकल्पअक्टूबर में घर की छत और बालकनी पर शुरू करें किचन गार्डनिंग, गमलों में ताजी हरी सब्जियां उगाने का आसान तरीकाडांडिया और गरबा उत्सव में हेयरस्टाइल को दें आकर्षक टच, ये पांच आसान विकल्प बदल देंगे आपका पूरा अंदाजगूगल के नए प्लेग्राउंड टूल से बिना कोडिंग मिनटों में गेम तैयार, लेकिन एआई का दोहराव बना सिरदर्दउत्तराखंड के नैनीताल में जाह्नवी कपूर और रिया चक्रवर्ती की नई थ्रिलर फिल्म की शूटिंग शुरूइंटरनेट पर महिलाओं के खिलाफ धार्मिक चोले में बढ़ता डिजिटल उत्पीड़न और मैनॉस्फियर का दखल
कानपुर में ओमप्रकाश राजभर का सपा पर तीखा हमला, अखिलेश यादव को जहूराबाद सीट से दी चुनावी चुनौतीउत्तर प्रदेश
11 अक्तू॰ 2026, 2:26 pm (3 घंटे पहले)· 0

कानपुर में ओमप्रकाश राजभर का सपा पर तीखा हमला, अखिलेश यादव को जहूराबाद सीट से दी चुनावी चुनौती

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कानपुर में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए अखिलेश यादव को गाजीपुर की जहूराबाद विधानसभा सीट से चुनावी मुकाबला करने की खुली चुनौती दी।

उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी और सत्ताधारी गठबंधन के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में कानपुर पहुंचे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था, विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों और हालिया चुनावों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर विस्तृत जवाब दिया।

सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

दिल्ली में आयोजित प्रदर्शनों और महिला सुरक्षा के विषय पर चर्चा करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के हालिया बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें सपा प्रमुख ने कहा था कि उत्तर प्रदेश वालों ने विवाद खड़ा किया है। राजभर ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार पर उंगली उठाने से पहले सपा प्रमुख को अपने पुराने शासनकाल के रिकॉर्ड की समीक्षा करनी चाहिए।

ये भी पढ़ें

राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासन के दौरान सड़कों पर आम नागरिकों के साथ खुलेआम बदसलूकी की घटनाएं होती थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में अपराधी और माफिया बेखौफ होकर हथियारों के साथ घूमा करते थे, जिससे पूरे प्रदेश में जनता के बीच गंभीर भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष को आज के हालात पर टिप्पणी करने से पहले अपने पुराने कार्यकाल में जनता के सामने पेश आई चुनौतियों का भी जवाब देना होगा।

चुनावी नतीजों और वोट चोरी के आरोपों पर घेराबंदी

विपक्षी दलों की ओर से लगातार लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों और विरोध-प्रदर्शनों की रणनीति पर भी ओमप्रकाश राजभर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लंबे अरसे से सत्ता की कुर्सी से दूर हैं और उन्हें जनता के चुनावी जनादेश को खुले दिल से स्वीकार करना सीखना चाहिए। इस सिलसिले में उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला दिया।

राजभर ने याद दिलाया कि 2024 के संसदीय चुनावों में समाजवादी पार्टी के 37 सांसद और कांग्रेस के छह सांसद जीतकर संसद पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ 2019 में 303 सीटें जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी 2024 में घटकर 240 सीटों पर सिमट गई। उन्होंने तर्क दिया कि जब निष्पक्ष चुनाव प्रणाली के जरिए विभिन्न विपक्षी दलों को इतनी बड़ी संख्या में सीटें हासिल हुई हैं, तो फिर वोट चोरी की बात कहकर सड़कों पर हंगामा करने का कोई तार्किक आधार नहीं बचता। उन्होंने कहा कि चुनावों में पराजय का सामना करने के बाद विपक्ष केवल ध्यान भटकाने के लिए निराधार आरोप उछालने का काम करता है।

जहूराबाद से सीधे मुकाबले की खुली चुनौती

अयोध्या से चुनाव लड़ने के संबंध में अखिलेश यादव को मिली चुनौती के सवाल पर भी ओमप्रकाश राजभर ने बेहद आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने चुनावी मैदान में उतरने से हिचकते हैं, तो उन्हें सबसे पहले गाजीपुर जिले की जहूराबाद विधानसभा सीट पर आकर उनसे सीधा मुकाबला करना चाहिए।

राजभर ने दो टूक शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुकाबले की बात सोचने से पहले जहूराबाद सीट पर आकर चुनावी परीक्षा पास करनी चाहिए। राजनीतिक हलकों में राजभर के इस बयान को सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दी गई जमीनी राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

सवाल-जवाब

ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में अपराधी खुलेआम हथियार लेकर घूमते थे और जनता के साथ सड़कों पर बदसलूकी होती थी।
राजभर ने अखिलेश यादव को किस सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी?
उन्होंने अखिलेश यादव को गाजीपुर जिले की जहूराबाद विधानसभा सीट से उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी।
राजभर ने 2024 के लोकसभा चुनावों के किन आंकड़ों का जिक्र किया?
उन्होंने बताया कि 2024 में सपा को 37 और कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा 2019 की 303 सीटों से घटकर 240 सीटों पर आ गई।
वोट चोरी के आरोपों पर राजभर का क्या रुख था?
राजभर ने कहा कि जब चुनाव में विभिन्न दलों को सीटें मिली हैं, तो वोट चोरी के आरोप लगाना बेबुनियाद है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

राजनीति में ऐसी खुली चुनौतियां तो रोज़ मिलती हैं, पर क्या अखिलेश कभी हिम्मत करके सचमुच जहूराबाद से चुनाव लड़ने जाएंगे? लगता तो नहीं है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

रविकेश जी, सही कहा आपने! जब मैं पिछली बार जहूराबाद गया था, वहाँ के लोगों ने भी मुझसे यही बात कही थी कि नेता सिर्फ बयानबाजी करते हैं, मैदान में उतरने की हिम्मत किसी में नहीं होती।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

राजभर जी खुद चुनाव लड़ने की चुनौती तो दे रहे हैं, पर अखिलेश जी कभी वहां जाएंगे नहीं। बात बस जुबानी जंग तक ही रहनी है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, बात तो सही है, लेकिन क्या वाकई अखिलेश इस चुनौती को स्वीकार करके जहूराबाद में मैदान में उतर सकते हैं?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp