बारिश के दिनों में हवा में नमी बढ़ जाती है और इसका सीधा असर रसोई में रखे राशन पर पड़ता है। खासकर चावल ऐसा अनाज है जो नमी को जल्दी सोख लेता है, जिससे उसमें छोटे कीड़े पनपने लगते हैं और कई बार दाने आपस में चिपककर सड़ने भी लगते हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो पूरा स्टॉक खराब होकर फेंकना पड़ सकता है, इसलिए मानसून में चावल की देखभाल का तरीका थोड़ा बदलना जरूरी हो जाता है।
नमी की वजह से क्यों बिगड़ता है चावल
दरअसल बरसात में वातावरण में मौजूद जलवाष्प कंटेनर की दीवारों और चावल के दानों तक पहुंच जाती है। यही नमी कीड़ों और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना देती है। अगर चावल को बिना जांचे-परखे लंबे समय तक बंद डिब्बे में छोड़ दिया जाए, तो उसमें अजीब गंध आने लगती है और दाने आपस में सिल जाते हैं, जिसे लोग आमतौर पर सीलन कहते हैं।
नया चावल घर लाने पर पहला कदम
जब भी बाजार से नया चावल लाया जाए, उसे सीधे डिब्बे में भरने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। बेहतर होगा कि पहले उसे किसी साफ और सूखी सतह पर कुछ देर फैलाकर देख लिया जाए कि उसमें कहीं हल्की नमी तो नहीं बची है। इससे यह पक्का हो जाता है कि डिब्बे में जाने वाला चावल पूरी तरह सूखा है और वहां पहले से मौजूद नमी की कोई गुंजाइश नहीं है।
एयरटाइट डिब्बे की भूमिका सबसे अहम
चावल को स्टोर करने के लिए ऐसा डिब्बा चुनना चाहिए जिसका ढक्कन पूरी तरह कसकर बंद हो सके, ताकि बाहर की नमी अंदर न घुस पाए। डिब्बे से चावल निकालते वक्त हमेशा सूखा चम्मच इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि गीले हाथ या गीली कलछी से भी नमी सीधे भीतर पहुंच जाती है और वहीं से खराबी की शुरुआत होती है। जरूरत के हिसाब से चावल को छोटे-छोटे एयरटाइट डिब्बों में बांटकर रखना भी फायदेमंद रहता है, क्योंकि इससे बड़ा डिब्बा बार-बार खोलने की नौबत नहीं आती।
डिब्बा रखने की सही जगह चुनें
रसोई में सिंक, गैस चूल्हे या पानी के नल के आसपास की जगह चावल के लिए सही नहीं मानी जाती, क्योंकि वहां भाप और छींटों से नमी लगातार बनी रहती है। इसकी बजाय चावल के डिब्बे को ऐसी अलमारी या शेल्फ में रखना चाहिए जहां न तो सीधी धूप आती हो और न ही पानी पहुंचने का खतरा हो। इसके साथ ही समय-समय पर डिब्बा खोलकर अंदर की स्थिति देखते रहना चाहिए, ताकि किसी भी बदलाव का पता जल्दी चल सके।
पुराने चावल के ऊपर नया चावल डालने से बचें
बहुत से घरों में पुराने डिब्बे के बचे हुए चावल के ऊपर ही नया चावल डाल दिया जाता है, जो एक आम गलती है। ऐसा करने से पुराने चावल में अगर हल्की नमी या शुरुआती खराबी हो तो वह नए चावल तक भी फैल सकती है। सही तरीका यही है कि नया चावल भरने से पहले डिब्बे को पूरी तरह खाली करके अच्छे से पोंछकर सुखा लिया जाए।
कीड़े या दुर्गंध दिखने पर सतर्कता जरूरी
अगर जांच के दौरान चावल में कीड़े रेंगते दिखें या उसमें से अजीब बदबू आए, तो उस हिस्से को तुरंत बाकी अनाज और डिब्बों से अलग कर देना चाहिए, ताकि समस्या दूसरे राशन तक न फैले। ऐसे चावल में से सिर्फ कीड़े निकालकर उसे दोबारा इस्तेमाल करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि फंगस या सीलन लगने के बाद उसकी गुणवत्ता पहले जैसी नहीं रहती। कुल मिलाकर चावल को सुखाकर रखना, कसे हुए डिब्बे में बंद करना, नमी वाली जगह से दूर रखना और बीच-बीच में जांचते रहना, इन चार आदतों से बरसात में भी चावल का स्टॉक महीनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।



















